स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश के युवा, शिक्षा, खेल, महिला सशक्तिकरण और तकनीकी आत्मनिर्भरता को लेकर कई बड़े लक्ष्य सामने रखे। इनमें अगले एक साल में 1 करोड़ युवाओं को AI स्किलिंग, प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए मुफ्त ऑनलाइन कोचिंग, 5 से 15 वर्ष के बच्चों के लिए राष्ट्रीय खेल प्रतिभा खोज अभियान, 2047 तक 100 GW परमाणु ऊर्जा क्षमता और 6 करोड़ ‘लखपति दीदी’ बनाने का लक्ष्य प्रमुख है। इन घोषणाओं के जरिए सरकार ने आने वाले वर्षों में कौशल, रोजगार, ऊर्जा सुरक्षा और महिला-led विकास को गति देने का रोडमैप प्रस्तुत किया है।
आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के तेजी से बढ़ते प्रभाव को देखते हुए प्रधानमंत्री ने अगले एक वर्ष में 1 करोड़ युवाओं को AI कौशल से प्रशिक्षित करने का लक्ष्य घोषित किया। इसका उद्देश्य युवाओं को उभरती तकनीकों के अनुरूप तैयार करना और उन्हें AI आधारित वैश्विक अर्थव्यवस्था में रोजगार एवं उद्यमिता के नए अवसरों के लिए सक्षम बनाना है। AI, डेटा एनालिटिक्स और डिजिटल तकनीक से जुड़े कौशल आने वाले समय में विभिन्न क्षेत्रों में रोजगार की मांग को प्रभावित कर सकते हैं। ऐसे में बड़े पैमाने पर AI स्किलिंग को युवाओं की भविष्य की रोजगार क्षमता से जोड़कर देखा जा रहा है।
महंगी कोचिंग के कारण गरीब और मध्यम वर्गीय परिवारों पर पड़ने वाले आर्थिक बोझ को कम करने के लिए मुफ्त ऑनलाइन कोचिंग नेटवर्क विकसित करने की घोषणा की गई है। इस पहल के तहत डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर, शिक्षकों और उपलब्ध शैक्षणिक प्रतिभा को एक साथ जोड़कर प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वाले युवाओं के लिए गुणवत्तापूर्ण अध्ययन सामग्री और मार्गदर्शन उपलब्ध कराने की दिशा में काम किया जाएगा।
खेलों में कम उम्र से प्रतिभाओं की पहचान करने के लिए 5 से 15 वर्ष के बच्चों के बीच देशव्यापी स्पोर्ट्स टैलेंट हंट अभियान चलाने की घोषणा की गई है। गांवों, शहरों और स्कूलों में प्रतिभाशाली बच्चों की पहचान कर उन्हें विशेष प्रशिक्षण देने का लक्ष्य है। इसका उद्देश्य ऐसी खेल प्रतिभाओं को शुरुआती स्तर से तैयार करना है, जो भविष्य में राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में भारत का प्रतिनिधित्व कर सकें। खास तौर पर उन ओलंपिक खेलों में प्रतिभा विकसित करने पर ध्यान देने की बात कही गई है, जिनमें भारत की भागीदारी या प्रदर्शन अभी अपेक्षाकृत सीमित है।
AI, डेटा सेंटर और सेमीकंडक्टर जैसे ऊर्जा-गहन क्षेत्रों के विस्तार के साथ भारत की बिजली की मांग भी बढ़ने की संभावना है। इसे देखते हुए प्रधानमंत्री ने ऊर्जा सुरक्षा और परमाणु ऊर्जा के महत्व को रेखांकित किया। भारत ने 2047 तक 100 GW परमाणु ऊर्जा क्षमता हासिल करने का लक्ष्य रखा है। इसके साथ ही इस दशक के भीतर पांच नए परमाणु रिएक्टर शुरू करने की दिशा में आगे बढ़ने की बात कही गई है। प्रधानमंत्री ने फास्ट ब्रीडर परमाणु तकनीक के क्षेत्र में भारत की प्रगति का भी उल्लेख किया। इसे परमाणु ऊर्जा और ईंधन के क्षेत्र में दीर्घकालिक आत्मनिर्भरता की दिशा में महत्वपूर्ण उपलब्धि के रूप में देखा जा रहा है।
अब 6 करोड़ ‘लखपति दीदी’ बनाने का लक्ष्य:
महिला सशक्तिकरण और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के लिए 6 करोड़ ‘लखपति दीदी’ बनाने का नया लक्ष्य घोषित किया गया है। पहले निर्धारित 3 करोड़ लखपति दीदी बनाने का लक्ष्य पार किया जा चुका है। अब इसमें तीन करोड़ और महिलाओं को जोड़ने का लक्ष्य रखा गया है।
FAQs:
1. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने AI को लेकर क्या लक्ष्य घोषित किया?
अगले एक साल में 1 करोड़ युवाओं को AI स्किलिंग देने का लक्ष्य घोषित किया गया है।
2. मुफ्त ऑनलाइन कोचिंग किसके लिए होगी?
प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वाले युवाओं के लिए मुफ्त ऑनलाइन कोचिंग नेटवर्क विकसित करने की घोषणा की गई है।
3. खेल प्रतिभा खोज अभियान में किस उम्र के बच्चे शामिल होंगे?
राष्ट्रीय खेल प्रतिभा खोज अभियान में 5 से 15 वर्ष के बच्चों पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।
4. भारत ने 2047 तक परमाणु ऊर्जा का कितना लक्ष्य रखा है?
भारत ने 2047 तक 100 GW परमाणु ऊर्जा क्षमता हासिल करने का लक्ष्य रखा है।
5. नया लखपति दीदी लक्ष्य क्या है?
सरकार ने कुल 6 करोड़ लखपति दीदी बनाने का लक्ष्य रखा है।