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अब बढ़ेगी मछुआरों की कमाई: ₹1,413 करोड़ की मत्स्य परियोजनाएं मंजूर, नाव-जाल से लेकर आधुनिक फिश फार्मिंग को बढ़ावा

केरल में मछली पालन को बढ़ावा
केरल में मछली पालन को बढ़ावा

देश के मछुआरों और मत्स्य किसानों की आजीविका मजबूत करने, मत्स्य उत्पादन बढ़ाने और क्षेत्र में आधुनिक बुनियादी ढांचा विकसित करने के लिए केंद्र सरकार कई योजनाएं चला रही है। इन योजनाओं के तहत प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना, फिशरीज एंड एक्वाकल्चर इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट फंड, प्रधानमंत्री मत्स्य किसान समृद्धि सह-योजना और मत्स्य क्षेत्र के लिए किसान क्रेडिट कार्ड जैसी प्रमुख पहल शामिल हैं।

केरल के लिए PMMSY के तहत ₹1,413 करोड़ की परियोजनाएं मंजूर:

केंद्र सरकार ने पिछले पांच वर्षों और वर्तमान वित्त वर्ष 2026-27 के दौरान प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना के तहत केरल सरकार के लिए ₹1,413.91 करोड़ की मत्स्य विकास परियोजनाओं को मंजूरी दी है। इसमें केंद्र सरकार की हिस्सेदारी ₹598.58 करोड़ है। इसमें से अब तक ₹462.22 करोड़ की केंद्रीय सहायता जारी की जा चुकी है। केरल सरकार के अनुसार, जारी राशि में से ₹451.807 करोड़ का उपयोग किया जा चुका है।

मछुआरों को नाव, जाल से लेकर आधुनिक मत्स्य पालन तक सहायता:

केरल के विभिन्न क्षेत्रों में पारंपरिक मछुआरों के लिए नाव और मछली पकड़ने के जाल, मछली प्रतिबंध अवधि के दौरान आजीविका सहायता और आधुनिक मत्स्य पालन प्रणालियों को बढ़ावा दिया जा रहा है। इनमें बायोफ्लॉक फिश फार्मिंग, रीसर्कुलेटरी एक्वाकल्चर सिस्टम (RAS), बैकयार्ड ऑर्नामेंटल फिश यूनिट, ब्रैकिश वाटर केज कल्चर जैसी तकनीकें भी शामिल हैं। इसके अलावा मछली बिक्री और परिवहन को आसान बनाने के लिए फिश कियोस्क, आइस बॉक्स वाले तीन-पहिया वाहन और आइस बॉक्स वाली मोटरसाइकिल जैसी सुविधाओं को भी बढ़ावा दिया जा रहा है। केरल के वडकारा क्षेत्र में इन गतिविधियों से लगभग 7,561 लाभार्थियों को लाभ मिलने की जानकारी दी गई है। 

FIDF के तहत केरल में 13 परियोजनाओं को मंजूरी:

मत्स्य क्षेत्र में बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के लिए Fisheries and Aquaculture Infrastructure Development Fund (FIDF) के तहत केरल में 13 परियोजनाओं को मंजूरी दी गई है। इन परियोजनाओं की कुल लागत ₹551.72 करोड़ है। इनमें MATSYAFED की Integrated Fisheries Development Project भी शामिल है, जिसकी कुल परियोजना लागत ₹35.97 करोड़ है। इस परियोजना के माध्यम से मछुआरों को आउटबोर्ड मोटर, मछली पकड़ने के जाल और अन्य आवश्यक उपकरण खरीदने के लिए वित्तीय सहायता उपलब्ध कराने का प्रावधान है। इसका उद्देश्य मछुआरों की कार्यक्षमता बढ़ाने के साथ उनकी आय और सामाजिक-आर्थिक स्थिति में सुधार करना है।
हालांकि, वडकारा क्षेत्र में FIDF के तहत मत्स्य अवसंरचना से संबंधित कोई विशिष्ट प्रस्ताव केंद्र सरकार को प्राप्त नहीं हुआ है।

मछली पकड़ने के प्रतिबंध काल में भी आजीविका सहायता:

मछुआरों की आय को स्थिर रखने के लिए सरकार ने मछली पकड़ने पर प्रतिबंध की अवधि के दौरान आजीविका सहायता को भी योजना में शामिल किया है। PMMSY के तहत केरल के लिए 1,71,033 लाभार्थियों को प्रतिबंध अवधि के दौरान आजीविका सहायता स्वीकृत की गई है। इसके अलावा 200 नाव एवं मछली पकड़ने के जाल, 9 Integrated Modern Coastal Fishing Villages और 6 Climate Resilient Coastal Fishing Villages की स्थापना जैसी गतिविधियों को भी मंजूरी दी गई है।

गहरे समुद्र में मछली पकड़ने और वैकल्पिक रोजगार पर जोर:

मत्स्य क्षेत्र में रोजगार और आय के नए अवसर विकसित करने के लिए केरल में 20 डीप-सी फिशिंग वेसल, 1,140 बाइवॉल्व कल्चर यूनिट और 468 मछली परिवहन इकाइयों को मंजूरी दी गई है। संसाधनों के संरक्षण और मत्स्य उत्पादन क्षमता बढ़ाने के लिए 42 कृत्रिम रीफ स्थापित करने की योजनाएं भी शामिल हैं। इसके साथ ही 10 Matsya Seva Kendras की स्थापना और 222 Sagar Mitras की सेवाओं को मंजूरी दी गई है। Sagar Mitras के माध्यम से मछुआरों तक मत्स्य पालन से जुड़ी सलाह, सरकारी योजनाओं की जानकारी और विस्तार सेवाएं पहुंचाने में मदद मिलती है।

केरल में 18,908 KCC कार्ड स्वीकृत:

मत्स्य क्षेत्र में कार्यरत लोगों को आसान संस्थागत ऋण उपलब्ध कराने के उद्देश्य से किसान क्रेडिट कार्ड (KCC) सुविधा का विस्तार किया गया है। केरल में मत्स्य क्षेत्र से जुड़े लाभार्थियों के लिए अब तक 18,908 KCC कार्ड स्वीकृत किए गए हैं। इससे मछुआरों और मत्स्य किसानों को अपनी कार्यशील पूंजी और आवश्यक गतिविधियों के लिए औपचारिक वित्तीय व्यवस्था तक पहुंच बनाने में मदद मिल सकती है।

FAQs:

1. केरल के लिए PMMSY के तहत कितनी परियोजनाएं मंजूर हुई हैं?

केरल के लिए PMMSY के तहत ₹1,413.91 करोड़ की मत्स्य विकास परियोजनाएं मंजूर की गई हैं।

2. PMMSY के तहत केरल को कितनी केंद्रीय सहायता मिली है?

केंद्र सरकार की हिस्सेदारी ₹598.58 करोड़ है, जिसमें से ₹462.22 करोड़ जारी की जा चुकी है।

3. FIDF के तहत केरल में कितनी परियोजनाएं मंजूर हुई हैं?

FIDF के तहत केरल में 13 परियोजनाओं को मंजूरी मिली है, जिनकी कुल लागत ₹551.72 करोड़ है।

4. केरल में कितने KCC कार्ड स्वीकृत हुए हैं?

मत्स्य क्षेत्र से जुड़े लाभार्थियों के लिए केरल में अब तक 18,908 KCC कार्ड स्वीकृत किए गए हैं।

5. PMMSY के तहत मछुआरों को कौन-कौन सी सहायता मिलती है?

मछुआरों को नाव, मछली पकड़ने के जाल, आजीविका सहायता, आधुनिक मत्स्य पालन तकनीक, परिवहन सुविधाओं और अन्य मत्स्य संबंधी गतिविधियों के लिए सहायता दी जाती है।

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