• होम
  • (PM-SYM): PM श्रम योगी मानधन योजना में हर महीने ₹3,000 पेंशन...

(PM-SYM): PM श्रम योगी मानधन योजना में हर महीने ₹3,000 पेंशन का मौका: 54 लाख श्रमिकों को मिलेगा बुढ़ापे का सहारा

PM श्रम योगी मानधन योजना
PM श्रम योगी मानधन योजना

असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों को वृद्धावस्था में आर्थिक सुरक्षा प्रदान करने के उद्देश्य से शुरू की गई प्रधानमंत्री श्रम योगी मानधन (PM-SYM) योजना से देशभर में अब तक 54 लाख से अधिक श्रमिक जुड़ चुके हैं। फरवरी 2019 में शुरू की गई यह स्वैच्छिक और अंशदायी पेंशन योजना 60 वर्ष की आयु पूरी करने के बाद पात्र श्रमिकों को प्रति माह ₹3,000 की सुनिश्चित पेंशन उपलब्ध कराती है। सरकारी आंकड़ों के अनुसार 29 जुलाई, 2026 तक योजना के अंतर्गत देशभर में 54 लाख से अधिक लाभार्थियों का पंजीकरण किया जा चुका है। इनमें 53.1 प्रतिशत महिला श्रमिक शामिल हैं, जो योजना में महिलाओं की बढ़ती भागीदारी को दर्शाता है।

कौन उठा सकता है योजना का लाभ?

  • PM श्रम योगी मानधन योजना में 18 से 40 वर्ष आयु वर्ग के ऐसे असंगठित क्षेत्र के श्रमिक शामिल हो सकते हैं, जिनकी मासिक आय ₹15,000 या उससे कम हो।
  • योजना का लाभ उन्हीं श्रमिकों को मिलता है जो:
  • कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) के सदस्य न हों।
  • कर्मचारी राज्य बीमा निगम (ESIC) से जुड़े न हों।
  • केंद्र सरकार द्वारा अंशदायी राष्ट्रीय पेंशन प्रणाली (NPS) के सदस्य न हों।
  • आयकरदाता न हों।

₹55 से ₹200 मासिक अंशदान पर मिलेगी पेंशन:

योजना के तहत लाभार्थी की प्रवेश आयु के आधार पर ₹55 से ₹200 प्रति माह तक अंशदान देना होता है। लाभार्थी जितना मासिक अंशदान जमा करता है, उतनी ही राशि केंद्र सरकार भी समान अंशदान (Matching Contribution) के रूप में जमा करती है। अब तक केंद्र सरकार की ओर से योजना के तहत ₹2,011.01 करोड़ से अधिक का समतुल्य अंशदान किया जा चुका है।

60 वर्ष की आयु पूरी होने पर शुरू होगी पेंशन:

इस योजना के अंतर्गत पेंशन का भुगतान लाभार्थी के 60 वर्ष की आयु पूर्ण करने के बाद शुरू होता है। चूंकि योजना की शुरुआत फरवरी 2019 में हुई थी, इसलिए पहले पंजीकृत लाभार्थियों को पेंशन का भुगतान फरवरी 2039 से पहले शुरू नहीं होगा।

कॉमन सर्विस सेंटर और ऑनलाइन पोर्टल से करें पंजीकरण:

योजना में नामांकन देशभर में संचालित लगभग 4 लाख कॉमन सर्विस सेंटर (CSC) के माध्यम से किया जा सकता है। पात्र श्रमिक स्वयं भी www.maandhan.in पोर्टल  के माध्यम से ऑनलाइन पंजीकरण कर सकते हैं।

खाते निष्क्रिय क्यों हो जाते हैं?

  • बैंक खाते में पर्याप्त राशि उपलब्ध न होना।
  • लिंक किए गए बैंक खाते का बदल जाना या बंद हो जाना।
  • नियमित अंशदान के प्रति जागरूकता का अभाव।

योजना को अधिक प्रभावी बनाने के लिए सरकार के कदम:

योजना की पहुंच बढ़ाने, लाभार्थियों को जोड़े रखने और जागरूकता बढ़ाने के लिए केंद्र सरकार ने कई महत्वपूर्ण पहल की हैं। इनमें राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के साथ नियमित समीक्षा बैठकें, पात्र श्रमिकों के पंजीकरण के लिए CSC को प्रोत्साहन, स्वैच्छिक निकासी, खाता पुनर्जीवन, क्लेम स्टेटस और अकाउंट स्टेटमेंट जैसी नई डिजिटल सुविधाओं की शुरुआत शामिल है।

इसके अलावा निष्क्रिय खातों को पुनः सक्रिय करने की अवधि एक वर्ष से बढ़ाकर तीन वर्ष कर दी गई है। योजना को ई-श्रम पोर्टल के साथ दो-तरफा एकीकृत किया गया है। जागरूकता बढ़ाने के लिए SMS अभियान, राज्यों के मुख्य सचिवों के साथ समन्वय तथा देशभर में विशेष पंजीकरण अभियान भी चलाए जा रहे हैं।

FAQs:

1. PM Shram Yogi Maandhan Yojana क्या है?

यह असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों के लिए केंद्र सरकार की पेंशन योजना है, जिसमें 60 वर्ष की आयु के बाद ₹3,000 मासिक पेंशन मिलती है।

2. PM Shram Yogi Maandhan Yojana का लाभ कौन ले सकता है?

18 से 40 वर्ष आयु के ऐसे श्रमिक जिनकी मासिक आय ₹15,000 या उससे कम है और जो EPFO, ESIC, NPS के सदस्य तथा आयकरदाता नहीं हैं।

3. PM Shram Yogi Maandhan Yojana में कितना अंशदान देना होता है?

प्रवेश आयु के अनुसार ₹55 से ₹200 प्रति माह तक अंशदान देना होता है, जिसमें सरकार भी बराबर की राशि जमा करती है।

4. PM Shram Yogi Maandhan Yojana में पंजीकरण कैसे करें?

पंजीकरण नजदीकी CSC केंद्र या www.maandhan.in पोर्टल के माध्यम से ऑनलाइन किया जा सकता है।

5. PM Shram Yogi Maandhan Yojana की पेंशन कब मिलती है?

लाभार्थी के 60 वर्ष की आयु पूरी होने के बाद हर महीने ₹3,000 की सुनिश्चित पेंशन मिलनी शुरू होती है।

khetivyapar.com अब whatsapp चैनल पर भी उपलब्ध है। आज ही फॉलो करें और पाएं महत्वपूर्ण जानकारी WhatsApp चैनल से जुड़ें