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PM Kisan Sampada Yojana: प्रधानमंत्री किसान संपदा योजना: 37.76 लाख किसानों को मिला लाभ, 1,256 परियोजनाएं पूरी, खाद्य प्रसंस्करण को मिली नई रफ्तार

PM किसान संपदा योजना से कृषि बिजनेस को मिलेगी नई रफ्तार
PM किसान संपदा योजना से कृषि बिजनेस को मिलेगी नई रफ्तार

केंद्र सरकार की प्रधानमंत्री किसान संपदा योजना (PM Kisan SAMPADA Yojana - PMKSY) देशभर में आधुनिक खाद्य प्रसंस्करण अवसंरचना के विकास को गति दे रही है। योजना का उद्देश्य कृषि उत्पादों के प्रसंस्करण और संरक्षण क्षमता को बढ़ाना, फसल कटाई के बाद होने वाले नुकसान को कम करना, किसानों को बेहतर मूल्य दिलाना और खाद्य प्रसंस्करण क्षेत्र में रोजगार के नए अवसर सृजित करना है।

30 जून 2026 तक योजना के विभिन्न घटकों के तहत 1,735 परियोजनाओं को स्वीकृति दी जा चुकी है। इनमें से 1,256 परियोजनाएं पूरी हो चुकी हैं, जिनसे 294.21 लाख मीट्रिक टन प्रति वर्ष की प्रसंस्करण एवं संरक्षण क्षमता विकसित हुई है। इसके साथ ही देशभर में 9.16 लाख रोजगार के अवसर भी सृजित हुए हैं।

37.76 लाख किसानों को मिला प्रत्यक्ष लाभ:

सरकारी आंकड़ों के अनुसार, अब तक पूर्ण हो चुकी परियोजनाओं के माध्यम से लगभग 37.76 लाख किसानों को लाभ मिला है। आधुनिक खाद्य प्रसंस्करण इकाइयों के विस्तार से कृषि उपज की मांग बढ़ी है, जिससे किसानों को अपनी फसलों का बेहतर मूल्य मिलने और आय बढ़ाने में सहायता मिली है। साथ ही कृषि उत्पादों में मूल्य संवर्धन (Value Addition) को बढ़ावा मिलने से खाद्य प्रसंस्करण उद्योग और कृषि निर्यात को भी मजबूती मिली है।

आधुनिक फूड प्रोसेसिंग से घटेगा फसल नुकसान:

योजना के विभिन्न घटकों के तहत आधुनिक खाद्य प्रसंस्करण एवं संरक्षण अवसंरचना स्थापित करने के लिए अनुदान (Grant-in-Aid) उपलब्ध कराया जाता है। इससे फसल कटाई के बाद होने वाले नुकसान में कमी आती है, कृषि उत्पादों का बेहतर संरक्षण संभव होता है और किसानों को अपनी उपज के लिए बेहतर बाजार एवं अधिक मूल्य प्राप्त करने का अवसर मिलता है।

FPOs को विशेष वित्तीय सहायता और आसान पात्रता:

किसान उत्पादक संगठनों (FPOs) की भागीदारी बढ़ाने के लिए योजना में विशेष प्रावधान किए गए हैं। सामान्य आवेदकों की तुलना में FPOs के लिए कम इक्विटी योगदान, कम न्यूनतम बैंक ऋण आवश्यकता तथा नेटवर्थ संबंधी सरल पात्रता शर्तें निर्धारित की गई हैं। इससे किसान संगठनों के लिए खाद्य प्रसंस्करण क्षेत्र में निवेश करना अधिक आसान हो गया है।

PMFME योजना के तहत भी मिल रही अतिरिक्त सहायता:

खाद्य प्रसंस्करण मंत्रालय की प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य उद्योग उन्नयन योजना (PMFME) के तहत भी FPOs को विशेष वित्तीय सहायता उपलब्ध कराई जा रही है। इसके अंतर्गत सूक्ष्म खाद्य प्रसंस्करण इकाइयों की स्थापना या उन्नयन के लिए ₹10 लाख तक की परियोजना लागत पर 35 प्रतिशत क्रेडिट-लिंक्ड सब्सिडी प्रदान की जाती है। इसके अलावा साझा अवसंरचना विकसित करने के लिए ₹3 करोड़ तक की परियोजना लागत पर 35 प्रतिशत अनुदान तथा राज्य एवं क्षेत्रीय स्तर पर FPO समूहों को ब्रांडिंग और मार्केटिंग गतिविधियों के लिए 50 प्रतिशत तक वित्तीय सहायता भी उपलब्ध कराई जाती है।

खाद्य प्रसंस्करण क्षेत्र को मिल रही नई गति:

विशेषज्ञों का मानना है कि प्रधानमंत्री किसान संपदा योजना के तहत विकसित हो रही आधुनिक प्रसंस्करण अवसंरचना से कृषि उत्पादों का बेहतर उपयोग, मूल्य संवर्धन, भंडारण क्षमता और निर्यात प्रतिस्पर्धा में वृद्धि होगी। इससे किसानों की आय बढ़ाने के साथ-साथ खाद्य प्रसंस्करण उद्योग के विस्तार और ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार सृजन को भी नई गति मिलने की उम्मीद है।

FAQs:

Q1. PM Kisan SAMPADA Yojana क्या है?
Ans: यह केंद्र सरकार की योजना है, जिसका उद्देश्य खाद्य प्रसंस्करण अवसंरचना विकसित करना, फसल नुकसान कम करना और किसानों की आय बढ़ाना है।

Q2. 30 जून 2026 तक कितनी परियोजनाओं को मंजूरी मिली है?
Ans: 30 जून 2026 तक कुल 1,735 परियोजनाओं को मंजूरी मिली, जिनमें से 1,256 परियोजनाएं पूरी हो चुकी हैं।

Q3. इस योजना से कितने किसानों को लाभ मिला है?
Ans: अब तक लगभग 37.76 लाख किसानों को प्रत्यक्ष लाभ प्राप्त हुआ है।

Q4. FPOs को PM Kisan SAMPADA Yojana में क्या लाभ मिलता है?
Ans: FPOs को कम इक्विटी योगदान, आसान पात्रता, कम बैंक ऋण आवश्यकता और विशेष वित्तीय सहायता का लाभ मिलता है।

Q5. PMFME योजना के तहत कितनी सब्सिडी मिलती है?
Ans: PMFME योजना के तहत ₹10 लाख तक की परियोजना लागत पर 35% क्रेडिट-लिंक्ड सब्सिडी तथा साझा अवसंरचना के लिए ₹3 करोड़ तक की परियोजना लागत पर 35% अनुदान दिया जाता है।

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