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खरीफ सीजन में बड़ा बदलाव! दलहन-जूट का रकबा बढ़ा, धान की बुवाई 16.37 लाख हेक्टेयर घटी

दलहन की खेती में आई तेजी, खेतों में लहलहाती दालों की नई फसल।
दलहन की खेती में आई तेजी, खेतों में लहलहाती दालों की नई फसल।

देश में खरीफ फसलों की बुवाई का कुल रकबा 4 सितंबर 2026 तक 1,086.31 लाख हेक्टेयर पहुंच गया है। पिछले साल की समान अवधि की तुलना में इस बार दलहन और जूट-मेस्टा के रकबे में बढ़ोतरी दर्ज की गई है। वहीं, धान, मोटे अनाज, तिलहन, गन्ना और कपास के क्षेत्र में मामूली से लेकर उल्लेखनीय कमी दर्ज हुई है।

धान का रकबा 16.37 लाख हेक्टेयर घटा:

04 सितंबर तक देश में धान की बुवाई करीब 421.82 लाख हेक्टेयर में हुई है, जबकि पिछले वर्ष इसी अवधि में यह आंकड़ा 438.19 लाख हेक्टेयर था। यानी धान का रकबा 16.37 लाख हेक्टेयर कम हुआ है। कर्नाटक में धान क्षेत्र में करीब 4.28 लाख हेक्टेयर, तेलंगाना में 3.61 लाख हेक्टेयर, उत्तर प्रदेश में 1.84 लाख हेक्टेयर, आंध्र प्रदेश में 1.91 लाख हेक्टेयर और मध्य प्रदेश में 1.75 लाख हेक्टेयर की कमी दर्ज की गई है।
इसके अलावा तमिलनाडु, झारखंड और महाराष्ट्र में भी धान के रकबे में गिरावट रही। दूसरी ओर, असम और ओडिशा में धान का क्षेत्र पिछले साल की तुलना में बढ़ा है।

दलहन की खेती में 1.84 लाख हेक्टेयर की बढ़ोतरी:

दलहन किसानों के लिए आंकड़े सकारात्मक संकेत दे रहे हैं। इस साल 4 सितंबर तक 117.13 लाख हेक्टेयर में दलहन की बुवाई दर्ज की गई, जबकि पिछले साल यह क्षेत्र 115.30 लाख हेक्टेयर था। इस तरह दलहन का रकबा करीब 1.84 लाख हेक्टेयर बढ़ा है। उत्तर प्रदेश में सबसे बड़ी बढ़ोतरी करीब 3.97 लाख हेक्टेयर रही। इसके अलावा झारखंड में 0.98 लाख हेक्टेयर, तेलंगाना में 0.90 लाख हेक्टेयर, राजस्थान में 0.57 लाख हेक्टेयर और मध्य प्रदेश में 0.38 लाख हेक्टेयर की वृद्धि दर्ज हुई। हालांकि महाराष्ट्र और कर्नाटक में दलहन क्षेत्र में क्रमशः 2.60 लाख और 2.07 लाख हेक्टेयर की कमी आई है।

श्री अन्न और मोटे अनाज का रकबा थोड़ा घटा:

श्री अन्न और मोटे अनाज का कुल क्षेत्र इस बार करीब 181.39 लाख हेक्टेयर रहा, जबकि पिछले वर्ष समान अवधि में यह 182.48 लाख हेक्टेयर था। यानी इसमें लगभग 1.09 लाख हेक्टेयर की कमी आई है। कर्नाटक में सबसे अधिक 5.64 लाख हेक्टेयर की गिरावट दर्ज हुई। महाराष्ट्र में भी करीब 2.41 लाख हेक्टेयर की कमी रही। वहीं राजस्थान में 2.90 लाख हेक्टेयर, छत्तीसगढ़ में 1.69 लाख हेक्टेयर, ओडिशा में 0.85 लाख हेक्टेयर और मध्य प्रदेश में 0.80 लाख हेक्टेयर की बढ़ोतरी दर्ज की गई।

तिलहन का रकबा 1.07 लाख हेक्टेयर कम:

देश में तिलहन की बुवाई का क्षेत्र करीब 191.99 लाख हेक्टेयर दर्ज किया गया है। पिछले वर्ष इसी समय यह 193.06 लाख हेक्टेयर था। इस तरह तिलहन क्षेत्र में करीब 1.07 लाख हेक्टेयर की कमी आई है। राजस्थान में तिलहन का रकबा करीब 2.23 लाख हेक्टेयर और गुजरात में 1.93 लाख हेक्टेयर घटा है। इसके विपरीत उत्तर प्रदेश में तिलहन क्षेत्र 2.91 लाख हेक्टेयर और मध्य प्रदेश में 1.14 लाख हेक्टेयर बढ़ा है।

गन्ने की खेती में मामूली गिरावट:

गन्ने का रकबा 4 सितंबर तक करीब 58.47 लाख हेक्टेयर रहा, जबकि पिछले वर्ष समान अवधि में यह 58.87 लाख हेक्टेयर था। यानी कुल क्षेत्र में करीब 0.40 लाख हेक्टेयर की कमी दर्ज हुई है। बिहार में गन्ने का क्षेत्र करीब 0.30 लाख हेक्टेयर और उत्तराखंड में 0.20 लाख हेक्टेयर कम हुआ है। दूसरी ओर, उत्तर प्रदेश में गन्ने का रकबा 0.36 लाख हेक्टेयर और हरियाणा में 0.21 लाख हेक्टेयर बढ़ा है।

जूट और मेस्टा की खेती में बढ़ोतरी:

जूट और मेस्टा का रकबा इस खरीफ सीजन में बढ़ा है। 4 सितंबर तक इसकी बुवाई करीब 6.34 लाख हेक्टेयर में हुई, जबकि पिछले साल यह 6.24 लाख हेक्टेयर थी। इसमें करीब 0.10 लाख हेक्टेयर की बढ़ोतरी हुई है। बिहार में क्षेत्रफल करीब 0.11 लाख हेक्टेयर और पश्चिम बंगाल में 0.06 लाख हेक्टेयर बढ़ा है। वहीं असम में करीब 0.07 लाख हेक्टेयर की कमी दर्ज हुई।

कपास का रकबा भी थोड़ा घटा:

कपास की बुवाई का क्षेत्र 4 सितंबर तक करीब 109.17 लाख हेक्टेयर दर्ज हुआ है, जबकि पिछले साल इसी अवधि में यह 109.87 लाख हेक्टेयर था। यानी कपास का रकबा करीब 0.69 लाख हेक्टेयर कम हुआ है। राजस्थान में कपास क्षेत्र करीब 1.05 लाख हेक्टेयर, हरियाणा में 0.90 लाख हेक्टेयर और पंजाब में 0.43 लाख हेक्टेयर घटा है। वहीं तेलंगाना में कपास का रकबा 1.14 लाख हेक्टेयर और गुजरात में 0.66 लाख हेक्टेयर बढ़ा है।

किसानों के लिए क्या संकेत?

खरीफ सीजन के आंकड़ों से पता चलता है कि इस साल फसलवार और राज्यवार बुवाई का रुझान एक जैसा नहीं रहा। दलहन और जूट-मेस्टा के क्षेत्र में बढ़ोतरी हुई है, जबकि धान के रकबे में सबसे बड़ी कमी दर्ज की गई है।
मध्य प्रदेश के लिहाज से देखें तो दलहन, श्री अन्न एवं मोटे अनाज और तिलहन के क्षेत्र में पिछले वर्ष की तुलना में बढ़ोतरी दर्ज हुई है, जबकि धान के क्षेत्र में कमी आई है। इससे राज्य में खरीफ फसल पैटर्न में बदलाव का संकेत मिलता है।

FAQs:

1. 4 सितंबर 2026 तक खरीफ फसलों की बुवाई कितने क्षेत्र में हुई?

4 सितंबर तक देश में खरीफ फसलों की बुवाई का कुल रकबा 1,086.31 लाख हेक्टेयर पहुंच गया है।

2. इस साल धान का रकबा कितना घटा है?

धान का रकबा पिछले साल की तुलना में करीब 16.37 लाख हेक्टेयर घटा है।

3. दलहन की खेती कितनी बढ़ी है?

दलहन का क्षेत्र करीब 1.84 लाख हेक्टेयर बढ़कर 117.13 लाख हेक्टेयर हो गया है।

4. मध्य प्रदेश में खरीफ फसलों की क्या स्थिति है?

मध्य प्रदेश में दलहन, श्री अन्न एवं मोटे अनाज और तिलहन का क्षेत्र बढ़ा है, जबकि धान के रकबे में कमी आई है।

5. किन फसलों का रकबा बढ़ा है?

इस साल दलहन और जूट-मेस्टा का रकबा बढ़ा है। मध्य प्रदेश में दलहन, तिलहन और मोटे अनाज के क्षेत्र में भी बढ़ोतरी दर्ज हुई है।

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