देश के पिछड़े कृषि जिलों में खेती की उत्पादकता बढ़ाने और किसानों तक सरकारी योजनाओं का वास्तविक लाभ पहुंचाने के लिए शुरू की गई प्रधानमंत्री धन-धान्य कृषि योजना (PM-DDKY) के क्रियान्वयन में तेजी दिखाई दे रही है।
PM-DDKY के तहत कृषि उत्पादकता, फसल विविधीकरण, सिंचाई, भंडारण, कृषि ऋण और प्रशासनिक सेवाओं में सुधार की क्षमता वाले 100 जिलों को चिन्हित किया गया है। अप्रैल 2026 में इन जिलों का छह प्रमुख लक्ष्यों पर औसत प्रदर्शन स्कोर 22.54 था, जो जुलाई 2026 तक बढ़कर 38.85 हो गया। यानी करीब चार महीनों में औसत स्कोर में 16.31 अंकों का सुधार दर्ज किया गया।
PM-DDKY को केवल एक योजना के रूप में लागू करने के बजाय 11 मंत्रालयों और विभागों की 36 केंद्रीय योजनाओं के समन्वय से आगे बढ़ाया जा रहा है। इसमें राज्य सरकारों की योजनाओं और निजी क्षेत्र की भागीदारी को भी जोड़ा जा रहा है। योजना की प्रगति पर नजर रखने के लिए 121 संकेतक निर्धारित किए गए हैं। इनमें 74 आउटपुट और 47 आउटकम संकेतक शामिल हैं। जिलों की प्रगति को डैशबोर्ड के माध्यम से नियमित रूप से ट्रैक किया जा रहा है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि योजनाओं के तहत किए गए प्रयास वास्तव में कितने प्रभावी साबित हो रहे हैं।
समीक्षा के दौरान बताया गया कि सभी 100 चयनित जिलों ने District Action Plans (DAPs) अपलोड कर दिए हैं। इन सभी कार्ययोजनाओं पर फीडबैक भी उपलब्ध कराया जा चुका है। जुलाई 2026 तक सभी जिलों ने आउटपुट संकेतकों से संबंधित आंकड़े जमा किए हैं। वहीं वित्त वर्ष 2025-26 के लिए सभी 100 जिलों से आउटकम संकेतकों का डेटा भी प्राप्त हो चुका है। राज्य, जिला और राष्ट्रीय स्तर पर निगरानी एवं समीक्षा समितियां गठित की गई हैं। इसके अलावा Central Nodal Officers (CNOs) द्वारा जमीनी स्तर पर योजना के क्रियान्वयन की नियमित निगरानी की जा रही है।
अब सिर्फ खर्च नहीं, किसान को मिला लाभ भी होगा अहम:
PM-DDKY की निगरानी व्यवस्था में अब बड़ा बदलाव किया जा रहा है। सरकार का जोर केवल यह देखने पर नहीं है कि कितनी राशि खर्च हुई या कितने कार्य पूरे हुए, बल्कि यह भी मापा जाएगा कि किसानों को वास्तव में कितना फायदा मिला। इसी दिशा में 31 अगस्त 2026 को Financial Progress Module शुरू किया गया है। इसके बाद सितंबर 2026 के मध्य तक Beneficiary Progress Module लागू करने का लक्ष्य रखा गया है।
6.90 लाख से अधिक किसानों को प्रशिक्षण:
किसानों की क्षमता बढ़ाने पर भी योजना के तहत विशेष ध्यान दिया जा रहा है। जनवरी से जुलाई 2026 के बीच 6,90,530 किसानों को विभिन्न कृषि कौशल का प्रशिक्षण दिया गया। 88,961 विस्तार कार्यकर्ताओं को भी प्रशिक्षित किया गया। 2,20,683 किसानों और विस्तार कार्यकर्ताओं को प्राकृतिक खेती से संबंधित प्रशिक्षण दिया गया। कृषि विज्ञान केंद्रों (KVKs) को तकनीकी सहयोगी के रूप में इस्तेमाल किया जा रहा है। इससे किसानों तक आधुनिक कृषि तकनीक, बेहतर खेती के तरीकों और विशेषज्ञ सलाह की पहुंच मजबूत करने में मदद मिलेगी।
CSR और निजी क्षेत्र की भागीदारी को भी बढ़ावा:
योजना के तहत सरकारी योजनाओं के बीच तालमेल बढ़ाने के साथ-साथ निजी क्षेत्र के संसाधनों को भी जोड़ा जा रहा है। लोक उद्यम विभाग ने 2026-27 और 2027-28 के लिए केंद्रीय सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों (CPSEs) की CSR गतिविधियों में PM-DDKY के चयनित जिलों को अपनाने की संभावना को शामिल किया है। इससे कृषि, सिंचाई, भंडारण, कौशल विकास और अन्य ग्रामीण विकास गतिविधियों में अतिरिक्त निवेश का रास्ता खुल सकता है।
अक्टूबर 2026 में PM-DDKY को पूरा होगा एक साल:
प्रधानमंत्री धन-धान्य कृषि योजना को केंद्रीय मंत्रिमंडल ने 16 जुलाई 2025 को मंजूरी दी थी। इसके बाद 11 अक्टूबर 2025 को इसे आधिकारिक रूप से लॉन्च किया गया। योजना का डैशबोर्ड अक्टूबर 2025 के अंतिम सप्ताह में सक्रिय हुआ और नवंबर 2025 से मासिक प्रदर्शन रैंकिंग शुरू की गई। अक्टूबर 2026 में योजना के एक वर्ष पूरे होने के अवसर पर 100 धन-धान्य जिलों की उपलब्धियों और प्रगति को सामने लाने की तैयारी की जा रही है। रबी और क्षेत्रीय कृषि सम्मेलनों में भी इन जिलों के प्रदर्शन को प्रस्तुत किया जाएगा।
किसानों के लिए क्या मायने रखता है?
PM-DDKY का उद्देश्य केवल सरकारी योजनाओं की संख्या बढ़ाना नहीं, बल्कि अलग-अलग योजनाओं और संसाधनों को एक साथ लाकर चयनित जिलों में खेती की उत्पादकता, सिंचाई, भंडारण, कृषि ऋण, टिकाऊ खेती और किसान सेवाओं में वास्तविक सुधार लाना है।
FAQs:
1. प्रधानमंत्री धन-धान्य कृषि योजना क्या है?
प्रधानमंत्री धन-धान्य कृषि योजना देश के चयनित कृषि जिलों में उत्पादकता, सिंचाई, भंडारण, कृषि ऋण और किसान सेवाओं में सुधार के लिए शुरू की गई योजना है।
2. PM-DDKY के तहत कितने जिलों को चुना गया है?
इस योजना के तहत देश के 100 जिलों को चुना गया है।
3. PM-DDKY में कितनी केंद्रीय योजनाओं को जोड़ा गया है?
योजना के तहत 11 मंत्रालयों और विभागों की 36 केंद्रीय योजनाओं को एक साथ जोड़ा गया है।
4. योजना के तहत किसानों को क्या लाभ मिल सकता है?
किसानों को बेहतर सिंचाई, कृषि ऋण, भंडारण सुविधाओं, आधुनिक कृषि तकनीक, प्रशिक्षण और सरकारी सेवाओं का बेहतर लाभ मिलने की उम्मीद है।
5. PM-DDKY की प्रगति कैसे मापी जा रही है?
योजना की प्रगति को 121 संकेतकों के आधार पर डैशबोर्ड के जरिए ट्रैक किया जा रहा है। इसमें आउटपुट और आउटकम दोनों तरह के संकेतक शामिल हैं।