पीएम सूर्य घर: मुफ्त बिजली योजना के तहत देशभर में रूफटॉप सोलर (RTS) को तेजी से बढ़ावा मिल रहा है। केंद्र सरकार की इस महत्वाकांक्षी योजना से अब तक 48.02 लाख से अधिक परिवार लाभान्वित हो चुके हैं। योजना का उद्देश्य घरों की बिजली लागत कम करना, स्वच्छ ऊर्जा को बढ़ावा देना और देश में सौर ऊर्जा उत्पादन क्षमता का विस्तार करना है।
यह योजना पूरी तरह मांग-आधारित (Demand Driven) है। देश का कोई भी आवासीय उपभोक्ता, जिसके पास स्थानीय बिजली वितरण कंपनी (DISCOM) का ग्रिड से जुड़ा बिजली कनेक्शन है, PM Surya Ghar: Muft Bijli Yojana के राष्ट्रीय पोर्टल पर आवेदन कर अपने घर की छत पर रूफटॉप सोलर सिस्टम स्थापित कर सकता है।
सरकारी आंकड़ों के अनुसार, वित्तीय वर्ष 2025-26 के दौरान देशभर में 18.71 लाख नए रूफटॉप सोलर सिस्टम स्थापित किए गए। इनसे 6.7 गीगावाट (GW) की अतिरिक्त सौर ऊर्जा क्षमता विकसित हुई है। इस अवधि में 22.71 लाख परिवार, जिनमें ग्रामीण परिवार भी शामिल हैं, योजना से लाभान्वित हुए हैं।
योजना की शुरुआत फरवरी 2024 में हुई थी। 22 जुलाई 2026 तक देशभर में 39,72,447 रूफटॉप सोलर सिस्टम स्थापित किए जा चुके हैं। इसके माध्यम से 48,02,717 परिवारों, जिनमें बड़ी संख्या में ग्रामीण परिवार भी शामिल हैं, को स्वच्छ और किफायती बिजली का लाभ मिल रहा है।
योजना का सबसे बड़ा लाभ बिजली बिल में उल्लेखनीय कमी के रूप में सामने आया है। बिजली वितरण कंपनियों (DISCOMs) द्वारा उपलब्ध कराई गई जानकारी के अनुसार, 18.93 लाख से अधिक लाभार्थियों को रूफटॉप सोलर सिस्टम स्थापित होने के बाद किसी न किसी बिलिंग अवधि में शून्य (Zero) बिजली बिल प्राप्त हुआ है।
हालांकि, शून्य बिजली बिल उपभोक्ता की मासिक बिजली खपत, स्वयं उपयोग (Self-Consumption) और सौर ऊर्जा उत्पादन पर निर्भर करता है। जिन परिवारों की बिजली आवश्यकता का बड़ा हिस्सा सोलर ऊर्जा से पूरा हो जाता है, उन्हें बिजली बिल में सबसे अधिक राहत मिलती है।
सरकारी और व्यावसायिक भवनों में भी बढ़ेगा रूफटॉप सोलर:
योजना का दायरा केवल आवासीय उपभोक्ताओं तक सीमित नहीं है। इसके तहत सरकारी कार्यालयों, शैक्षणिक संस्थानों, स्वास्थ्य संस्थानों और व्यावसायिक भवनों में भी रूफटॉप सोलर सिस्टम लगाने को प्रोत्साहित किया जा रहा है।
हालांकि, इन श्रेणियों के उपभोक्ताओं को केंद्रीय वित्तीय सहायता (Central Financial Assistance - CFA) उपलब्ध नहीं कराई जाती, क्योंकि सरकार का मानना है कि इन संस्थानों के लिए रूफटॉप सोलर परियोजनाएं बिना सब्सिडी के भी आर्थिक रूप से व्यवहार्य हैं।
स्वच्छ ऊर्जा और बिजली बचत की दिशा में बड़ा कदम:
पीएम सूर्य घर: मुफ्त बिजली योजना देश में स्वच्छ ऊर्जा को बढ़ावा देने के साथ-साथ बिजली उपभोक्ताओं के मासिक खर्च को कम करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल बनकर उभरी है। लगातार बढ़ती भागीदारी यह दर्शाती है कि शहरी और ग्रामीण दोनों क्षेत्रों में लोग सौर ऊर्जा को अपनाने के प्रति तेजी से जागरूक हो रहे हैं। आने वाले वर्षों में इस योजना से लाखों और परिवारों को कम बिजली बिल, ऊर्जा आत्मनिर्भरता और पर्यावरण संरक्षण का लाभ मिलने की उम्मीद है।
FAQs:
Q1. पीएम सूर्य घर: मुफ्त बिजली योजना क्या है?
उत्तर: यह केंद्र सरकार की योजना है, जिसके तहत घरों की छत पर रूफटॉप सोलर सिस्टम लगाकर बिजली बिल कम करने और स्वच्छ ऊर्जा को बढ़ावा देने का लक्ष्य है।
Q2. इस योजना का लाभ कौन ले सकता है?
उत्तर: कोई भी आवासीय उपभोक्ता जिसके पास स्थानीय DISCOM का ग्रिड से जुड़ा बिजली कनेक्शन है, इस योजना के लिए आवेदन कर सकता है।
Q3. अब तक कितने परिवार योजना से लाभान्वित हुए हैं?
उत्तर: 22 जुलाई, 2026 तक 48.02 लाख से अधिक परिवार इस योजना का लाभ प्राप्त कर चुके हैं।
Q4. कितने उपभोक्ताओं का बिजली बिल जीरो हुआ है?
उत्तर: DISCOMs के अनुसार 18.93 लाख से अधिक उपभोक्ताओं को किसी न किसी बिलिंग अवधि में शून्य बिजली बिल मिला है।
Q5. क्या सरकारी और व्यावसायिक भवनों को भी योजना का लाभ मिलता है?
उत्तर: हां, इन भवनों में भी रूफटॉप सोलर सिस्टम लगाने को प्रोत्साहित किया जाता है, लेकिन इन्हें केंद्रीय वित्तीय सहायता (CFA) नहीं दी जाती।