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Soil Health Card: मिट्टी होगी स्वस्थ, फसल होगी बेहतर: 26 करोड़ सॉइल हेल्थ कार्ड, 23 लाख किसान प्राकृतिक खेती से जुड़े

केमिकल छोड़ प्राकृतिक खेती की तरफ बढ़े 23 लाख किसान
केमिकल छोड़ प्राकृतिक खेती की तरफ बढ़े 23 लाख किसान

देश की खेती को अधिक टिकाऊ, लाभकारी और पर्यावरण-अनुकूल बनाने के लिए केंद्र सरकार ने मिट्टी की सेहत सुधारने की दिशा में कई बड़े कदम उठाए हैं। अब तक 26.09 करोड़ से अधिक सॉइल हेल्थ कार्ड जारी किए जा चुके हैं, जबकि 23 लाख से अधिक किसान राष्ट्रीय प्राकृतिक खेती मिशन से जुड़ चुके हैं। इसके अलावा जैविक खेती का दायरा तेजी से बढ़ रहा है और खरीफ 2026 में 1.36 करोड़ किसानों तक जागरूकता अभियान पहुंचाया गया। 

26 करोड़ से अधिक किसानों को जारी किए गए सॉइल हेल्थ कार्ड:

कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय के अनुसार, वर्ष 2014-15 से संचालित मृदा स्वास्थ्य एवं उर्वरता योजना (Soil Health & Fertility Scheme) के तहत अब तक 26.09 करोड़ से अधिक सॉइल हेल्थ कार्ड (Soil Health Cards) जारी किए जा चुके हैं। इन कार्डों के माध्यम से किसानों को उनकी मिट्टी में उपलब्ध पोषक तत्वों की जानकारी दी जाती है और फसलवार संतुलित उर्वरक उपयोग की वैज्ञानिक सलाह प्रदान की जाती है। इससे उर्वरकों का संतुलित उपयोग बढ़ा है, खेती की लागत कम करने में मदद मिली है, फसल उत्पादकता में सुधार हुआ है तथा टिकाऊ कृषि को बढ़ावा मिला है।
योजना के तहत अब तक देशभर में 1,30,627 किसान प्रशिक्षण कार्यक्रम, 7.17 लाख प्रदर्शन तथा 7,425 किसान मेले एवं जागरूकता अभियान आयोजित किए जा चुके हैं।

प्राकृतिक खेती मिशन से 23 लाख से अधिक किसान जुड़े:

केंद्र सरकार द्वारा 25 नवंबर 2024 को स्वीकृत राष्ट्रीय प्राकृतिक खेती मिशन (National Mission on Natural Farming - NMNF) के तहत रसायन-मुक्त और प्रकृति आधारित खेती को प्रोत्साहित किया जा रहा है। योजना के अंतर्गत अब तक 23.13 लाख किसानों का पंजीकरण किया जा चुका है तथा 11.44 लाख हेक्टेयर क्षेत्र प्राकृतिक खेती के दायरे में लाया गया है। इस मिशन के तहत खेतों में उपलब्ध जैविक संसाधनों के उपयोग को बढ़ावा देकर रासायनिक उर्वरकों पर निर्भरता कम करने का प्रयास किया जा रहा है।

खरीफ 2026 में 1.36 करोड़ किसानों तक पहुंचा जागरूकता अभियान:

चालू खरीफ सीजन 2026 के दौरान कृषि एवं किसान कल्याण विभाग (DA&FW) तथा भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (ICAR) द्वारा संतुलित उर्वरक उपयोग और "खेत बचाओ अभियान" के तहत व्यापक जागरूकता अभियान चलाया गया। इस अभियान के दौरान देशभर में 2,94,554 कार्यक्रमों का आयोजन किया गया, जिनसे 1.36 करोड़ से अधिक किसान जुड़े। किसानों को प्राकृतिक खेती, जैविक कृषि, जैविक इनपुट और वैकल्पिक उर्वरकों के उपयोग के बारे में भी जानकारी दी गई।

जैविक खेती का लगातार बढ़ रहा दायरा:

वर्ष 2015-16 से संचालित परंपरागत कृषि विकास योजना (PKVY) के माध्यम से उत्पादन, प्रसंस्करण, प्रमाणन और विपणन सहित जैविक खेती को व्यापक समर्थन दिया जा रहा है। अब तक 18.93 लाख हेक्टेयर क्षेत्र को जैविक खेती के अंतर्गत लाया जा चुका है, जबकि 33.63 लाख किसान इस योजना से लाभान्वित हुए हैं। वहीं, पूर्वोत्तर राज्यों में संचालित मिशन ऑर्गेनिक वैल्यू चेन डेवलपमेंट फॉर नॉर्थ ईस्टर्न रीजन (MOVCDNER) के तहत 2.36 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में जैविक खेती को बढ़ावा दिया गया है और 2.74 लाख किसानों को इसका लाभ मिला है।

जैविक खाद के उपयोग को भी मिल रहा प्रोत्साहन:

सरकार मिट्टी में कार्बनिक पदार्थों की मात्रा बढ़ाने के लिए फर्मेंटेड ऑर्गेनिक मैन्योर (FOM) और लिक्विड फर्मेंटेड ऑर्गेनिक मैन्योर (LFOM) के उपयोग को भी प्रोत्साहित कर रही है। वर्ष 2024-25 के दौरान इन जैविक खादों की वार्षिक खपत 3.36 लाख मीट्रिक टन रही, जबकि चालू खरीफ सीजन (1 अप्रैल से 16 जुलाई 2026) के दौरान इनकी खपत बढ़कर 11.86 लाख मीट्रिक टन तक पहुंच गई है।

वैज्ञानिक खरपतवार प्रबंधन से सुधर रही मिट्टी की गुणवत्ता:

भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (ICAR) के अंतर्गत जबलपुर स्थित खरपतवार अनुसंधान निदेशालय विभिन्न फसलों में समेकित खरपतवार प्रबंधन (Integrated Weed Management - IWM) को बढ़ावा दे रहा है। मोबाइल आधारित सलाह, सोशल मीडिया, मुद्रित सामग्री और गांव स्तर के जागरूकता कार्यक्रमों के जरिए किसानों तक तकनीकी जानकारी पहुंचाई जा रही है। साथ ही मिट्टी और खाद्य श्रृंखला में खरपतवारनाशकों के अवशेषों की निगरानी कर किसानों को वैज्ञानिक फसल प्रबंधन संबंधी सुझाव भी दिए जा रहे हैं। इन प्रयासों से रासायनिक खरपतवारनाशकों के अनियंत्रित उपयोग में कमी आई है, जिससे मिट्टी की गुणवत्ता और फसल उत्पादकता दोनों में सुधार देखने को मिल रहा है।

FAQs:

1. Soil Health Card क्या है?

मृदा स्वास्थ्य कार्ड किसानों को उनकी मिट्टी की गुणवत्ता, पोषक तत्वों की उपलब्धता और संतुलित उर्वरक उपयोग की वैज्ञानिक जानकारी प्रदान करता है।

2. अब तक कितने Soil Health Cards जारी किए गए हैं?

कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय के अनुसार अब तक 26.09 करोड़ से अधिक मृदा स्वास्थ्य कार्ड जारी किए जा चुके हैं।

3. National Mission on Natural Farming से कितने किसान जुड़े हैं?

अब तक 23.13 लाख किसान प्राकृतिक खेती पर राष्ट्रीय मिशन (NMNF) से जुड़ चुके हैं।

4. Kharif 2026 जागरूकता अभियान से कितने किसानों को लाभ मिला?

Kharif 2026 के दौरान आयोजित अभियान से 1.36 करोड़ से अधिक किसान जुड़े।

5. PKVY योजना का मुख्य उद्देश्य क्या है?

PKVY (परंपरागत कृषि विकास योजना) का उद्देश्य जैविक खेती, प्रमाणन, प्रसंस्करण और विपणन को बढ़ावा देकर किसानों की आय और मिट्टी की गुणवत्ता में सुधार करना है।

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