मध्य प्रदेश सरकार ने किसानों को आर्थिक रूप से मजबूत बनाने और उन्हें संस्थागत ऋण व्यवस्था से दोबारा जोड़ने के लिए ‘कवच योजना’ को मंजूरी दी है। योजना के तहत सहकारी समितियों से जुड़े करीब 5,000 प्रभावित किसानों को राहत मिलने की उम्मीद है। लंबित जांच के कारण जिन किसानों के लिए नया ऋण लेना मुश्किल हो गया था, उनके लिए योजना के जरिए दोबारा ऋण सुविधा का रास्ता तैयार किया जाएगा। इसके लिए सहकारी बैंक विशेष निधि बनाएंगे और राज्य सरकार ₹25 करोड़ की एकमुश्त अंशपूंजी सहायता उपलब्ध कराएगी।
4 अगस्त 2026 को मंत्रालय में हुई मंत्रि-परिषद की बैठक में सहकारिता विभाग की ‘कवच योजना’ को मंजूरी दी गई। राज्य सरकार ने वर्ष 2026 को ‘किसान कल्याण वर्ष’ के रूप में मनाने का निर्णय लिया है। इसी क्रम में किसानों की आय बढ़ाने, उन्हें आर्थिक सुरक्षा देने और खेती के लिए समय पर वित्त उपलब्ध कराने पर विशेष जोर दिया जा रहा है।
योजना का लाभ सहकारी समितियों से जुड़े ऐसे करीब 5 हजार किसानों को मिलने की उम्मीद है, जिनके ऋण खातों से संबंधित मामलों की जांच लंबित होने के कारण वे नई ऋण सुविधा से बाहर हो गए थे। सरकार का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि किसी जांच या प्रशासनिक प्रक्रिया के लंबित रहने का असर किसान की खेती और आजीविका पर लंबे समय तक न पड़े। योजना के माध्यम से प्रभावित किसानों को फिर से संस्थागत वित्त व्यवस्था से जोड़ने का प्रयास किया जाएगा।
नए ऋण के लिए बनेगी विशेष निधि:
प्रभावित किसानों को दोबारा ऋण उपलब्ध कराने के लिए अपेक्स बैंक और जिला सहकारी बैंक अपने स्तर पर ₹50 करोड़ तक की विशेष निधि का निर्माण करेंगे। इसके अतिरिक्त, राज्य सरकार ने किसान हित में ₹25 करोड़ की एकमुश्त अंशपूंजी सहायता उपलब्ध कराने का निर्णय लिया है। इससे पात्र किसानों के लिए संस्थागत ऋण व्यवस्था में वापसी का रास्ता आसान बनाने की कोशिश की जाएगी।
किसान समय पर ले सकेंगे कृषि ऋण:
कृषि गतिविधियों को सुचारू रूप से चलाने के लिए समय पर संस्थागत ऋण बेहद महत्वपूर्ण है। किसान ऋण का उपयोग बीज, खाद, कृषि यंत्र, सिंचाई और अन्य आवश्यक कृषि कार्यों के लिए कर सकते हैं। सरकार का मानना है कि समय पर संस्थागत वित्त मिलने से किसानों को खेती की जरूरतों के लिए महंगे अनौपचारिक कर्ज पर निर्भरता कम करने में मदद मिल सकती है। ‘कवच योजना’ का व्यापक उद्देश्य भी किसानों को आर्थिक रूप से सक्षम बनाने और उनकी कृषि गतिविधियों को बाधित होने से बचाना है।
खेत से बाजार तक कृषि को मजबूत करने पर जोर:
राज्य सरकार किसान कल्याण के तहत केवल ऋण सुविधा तक सीमित न रहकर खेत से बाजार तक कृषि मूल्य श्रृंखला को मजबूत करने पर भी जोर दे रही है। इसके साथ ही सिंचाई क्षमता बढ़ाने, आधुनिक कृषि तकनीकों को अपनाने, प्राकृतिक एवं जैविक खेती को प्रोत्साहित करने और किसानों तक संस्थागत वित्त की पहुंच बेहतर बनाने पर काम किया जा रहा है।
13 नवंबर तक चलेगा ‘बलराम कृषि महोत्सव’:
किसान कल्याण वर्ष-2026 के तहत मध्य प्रदेश के सभी जिलों में ‘बलराम कृषि महोत्सव’ आयोजित किया जा रहा है। यह महोत्सव 15 जुलाई से शुरू होकर 13 नवंबर 2026 तक चलेगा। 122 दिनों के इस महोत्सव के दौरान प्रदेश की कृषि उपज मंडी परिसरों में विभागीय अधिकारी किसानों से संवाद कर रहे हैं। कृषि वैज्ञानिक भी किसानों को आधुनिक तकनीकों और खेती की नई पद्धतियों की जानकारी दे रहे हैं।
किसानों को इन तकनीकों के लिए किया जा रहा जागरूक:
बलराम कृषि महोत्सव के दौरान किसानों को खेती को अधिक लाभकारी और टिकाऊ व्यवसाय बनाने के लिए विभिन्न विषयों पर जानकारी दी जा रही है। इनमें प्रमुख हैं
सरकार का लक्ष्य किसानों को आधुनिक तकनीक, बेहतर वित्तीय सुविधाओं और नई कृषि पद्धतियों से जोड़कर उनकी आय और खेती की स्थिरता को मजबूत करना है।
FAQs:
1. कवच योजना क्या है?
यह मध्य प्रदेश सरकार की ऐसी योजना है, जिसके माध्यम से लंबित जांच के कारण नई ऋण सुविधा से बाहर हुए पात्र किसानों को दोबारा संस्थागत ऋण व्यवस्था से जोड़ने का प्रयास किया जाएगा।
2. कवच योजना से कितने किसानों को लाभ मिलने की उम्मीद है?
योजना से सहकारी समितियों से जुड़े करीब 5,000 प्रभावित किसानों को राहत मिलने की उम्मीद है।
3. योजना के लिए कितनी विशेष निधि बनाई जाएगी?
अपेक्स बैंक और जिला सहकारी बैंक मिलकर अपने स्तर पर ₹50 करोड़ तक की विशेष निधि बनाने की व्यवस्था करेंगे।
4. मध्य प्रदेश सरकार कितनी अंशपूंजी सहायता देगी?
राज्य सरकार ने किसान हित में ₹25 करोड़ की एकमुश्त अंशपूंजी सहायता उपलब्ध कराने का निर्णय लिया है।
5. बलराम कृषि महोत्सव कब तक चलेगा?
बलराम कृषि महोत्सव 15 जुलाई से 13 नवंबर 2026 तक मध्य प्रदेश के सभी जिलों में आयोजित किया जा रहा है।