राज्य शासन के निर्देशानुसार "किसान कल्याण वर्ष 2026" के अंतर्गत जिले में कृषि रथ का संचालन किया जा रहा है। यह रथ किसानों के द्वार तक पहुंचकर उन्हें आधुनिक, वैज्ञानिक और लाभकारी कृषि पद्धतियों से जोड़ने का विशेष माध्यम बन चुका है। कृषि रथ के माध्यम से शासन की योजनाओं, नवीन कृषि तकनीकों और डिजिटल प्रणालियों की जानकारी सीधे किसानों तक पहुंच रही है।
गुरुवार को कृषि रथ ने विकासखंड नरसिंहपुर के ग्राम धवई, चीलाचौनकलां एवं चौराखेड़ा का भ्रमण किया। इस अवसर पर उप संचालक कृषि श्री मोरिस नाथ, कृषि विभाग के अधिकारी, वैज्ञानिक और किसान मौजूद रहे। श्री मोरिस नाथ ने किसानों को जैविक एवं प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने, मृदा स्वास्थ्य कार्ड योजना, एकीकृत पोषक तत्व प्रबंधन, कीट एवं रोग नियंत्रण, फसल विविधीकरण और कृषि को लाभकारी व्यवसाय के रूप में विकसित करने संबंधी जानकारी दी।
कृषि रथ के माध्यम से किसानों को ई-विकास प्रणाली के अंतर्गत ई-टोकन उर्वरक वितरण की जानकारी दी गई। यह डिजिटल प्रणाली उर्वरकों के वितरण को पारदर्शी और व्यवस्थित बनाती है, जिससे किसानों को समय पर और नियमानुसार उर्वरक उपलब्ध हो सके।
श्री मोरिस नाथ ने पराली (नरवाई) प्रबंधन के लिए सुपर सीडर और हैप्पी सीडर जैसे आधुनिक यंत्रों की तकनीकी जानकारी भी प्रदान की। ये यंत्र खेत की तैयारी, नरवाई प्रबंधन और बोनी जैसे कार्य एक साथ कर समय और लागत की बचत करते हैं और उत्पादन बढ़ाते हैं। "किसान कल्याण वर्ष 2026" के तहत कृषि रथ किसानों को जागरूक और आत्मनिर्भर बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।
कार्यालय वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारी नरसिंहपुर में एसएमएएम योजना के तहत किसानों को 50 प्रतिशत अनुदान पर स्प्रे पम्प वितरित किए गए। किसानों को बताया गया कि इन यंत्रों से कीटनाशक और उर्वरक का प्रभावी छिड़काव किया जा सकता है। किसानों से अपील की गई कि वे शासन की योजनाओं का अधिक से अधिक लाभ उठाएं और कृषि कार्यों को लाभकारी बनाएं।
समूहों का क्षमता विकास प्रशिक्षण:
विकासखण्ड करेली के ग्राम कठोतिया में शक्ति पूजा महिला फार्मर प्रोड्यूसर कंपनी लि. करेली को समूहों का क्षमता विकास प्रशिक्षण दिया गया। इस दौरान उप संचालक कृषि श्री मोरिस नाथ, कृषि विकास अधिकारी करेली श्री एसके सोनी, एईओ और एफपीओ सदस्य उपस्थित रहे।
किसानों को मार्गदर्शन और त्वरित समाधान: अभियान के अंतर्गत आयोजित शिविरों में किसानों को आधुनिक कृषि तकनीक, उन्नत बीज, पोषक तत्व प्रबंधन, कीट एवं रोग नियंत्रण, फसल विविधीकरण और शासन की योजनाओं की विस्तृत जानकारी दी जाएगी। उप संचालक कृषि ने किसानों से कहा कि वे इन शिविरों में भाग लेकर कृषि को अधिक लाभकारी और आधुनिक बनाएं। अभियान के माध्यम से किसानों की समस्याओं का त्वरित समाधान और मार्गदर्शन भी सुनिश्चित किया जा रहा है।
FAQs:
1. किसान कल्याण वर्ष 2026 क्या है?
यह राज्य शासन की पहल है, जिसके तहत किसानों को आधुनिक कृषि तकनीक और योजनाओं की जानकारी दी जा रही है।
2. कृषि रथ का मुख्य उद्देश्य क्या है?
किसानों तक वैज्ञानिक खेती, डिजिटल प्रणाली और सरकारी योजनाओं की जानकारी पहुंचाना।
3. ई-विकास प्रणाली कैसे काम करती है?
ई-टोकन के माध्यम से उर्वरक वितरण को पारदर्शी और समयबद्ध बनाया जाता है।
4. सुपर सीडर और हैप्पी सीडर का क्या लाभ है?
ये यंत्र नरवाई प्रबंधन, बोनी और खेत तैयारी एक साथ कर लागत और समय बचाते हैं।
5. एसएमएएम योजना में कितना अनुदान मिलता है?
इस योजना के तहत किसानों को कृषि यंत्रों पर 50% तक अनुदान दिया जाता है।