रबी विपणन सीजन 2026-27 में गेहूं की सरकारी खरीद ने नया रिकॉर्ड बनाया है। खाद्य मंत्रालय के अनुसार अब तक 3.5 करोड़ टन (35 मिलियन टन) से अधिक गेहूं खरीदा जा चुका है। यह पिछले वर्ष की तुलना में लगभग 17 प्रतिशत अधिक है और सरकार का 3.45 करोड़ टन का खरीद लक्ष्य भी पीछे छूट गया है।
अधिकारियों के मुताबिक प्रमुख गेहूं उत्पादक राज्यों में खरीद प्रक्रिया लगभग पूरी हो चुकी है और कुल खरीद लक्ष्य से आगे निकल गई है। इसे किसानों के लिए बेहतर एमएसपी लाभ और देश की खाद्य सुरक्षा के लिए सकारात्मक संकेत माना जा रहा है।
सरकार गेहूं की खरीद क्यों करती है?
सरकार किसानों से न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) पर गेहूं खरीदती है। यह खरीद मुख्य रूप से भारतीय खाद्य निगम (FCI) और राज्य एजेंसियों के माध्यम से होती है। खरीदा गया गेहूं बाद में राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम (NFSA) और अन्य सरकारी कल्याणकारी योजनाओं के तहत जरूरतमंद लोगों को उपलब्ध कराया जाता है।
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राज्य |
इस बार खरीद |
पिछले वर्ष |
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पंजाब |
1.21 करोड़ टन |
1.19 करोड़ टन |
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मध्य प्रदेश |
1.04 करोड़ टन |
78 लाख टन |
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हरियाणा |
81 लाख टन |
70 लाख टन |
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उत्तर प्रदेश |
17 लाख टन |
10 लाख टन |
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राजस्थान |
24 लाख टन |
19 लाख टन |
सबसे तेज बढ़ोतरी मध्य प्रदेश में खरीद 78 लाख टन से बढ़कर 1.04 करोड़ टन हो गई। उत्तर प्रदेश में सरकारी खरीद लगभग दोगुनी होकर 17 लाख टन तक पहुंच गई।
किसानों और देश के लिए क्या मायने हैं?
FAQs:
1. रबी विपणन सीजन 2026-27 में कितनी गेहूं की सरकारी खरीद हुई?
रबी विपणन सीजन 2026-27 में अब तक 3.5 करोड़ टन से अधिक गेहूं की सरकारी खरीद की जा चुकी है।
2. सरकार किसानों से गेहूं क्यों खरीदती है?
सरकार MSP पर किसानों से गेहूं खरीदकर उसे सार्वजनिक वितरण प्रणाली (PDS) और अन्य कल्याणकारी योजनाओं में उपयोग करती है।
3. इस बार गेहूं की सरकारी खरीद बढ़ने का मुख्य कारण क्या है?
बेहतर उत्पादन, आकर्षक MSP और प्रभावी खरीद व्यवस्था इसके प्रमुख कारण हैं।
4. सबसे ज्यादा गेहूं खरीद किस राज्य में हुई है?
पंजाब में सबसे ज्यादा 1.21 करोड़ टन गेहूं की खरीद दर्ज की गई है।
5. किसानों को गेहूं की सरकारी खरीद से क्या फायदा मिलता है?
किसानों को MSP पर उचित मूल्य मिलता है और कम कीमत पर फसल बेचने की मजबूरी कम होती है।