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यूपी के मछली पालकों को ₹5 लाख तक मुफ्त दुर्घटना बीमा, जानें पात्रता, आवेदन प्रक्रिया और फायदे

यूपी मछली पालक मुफ्त दुर्घटना बीमा योजना
यूपी मछली पालक मुफ्त दुर्घटना बीमा योजना

उत्तर प्रदेश के मछली पालकों के लिए राहत भरी खबर है। केंद्र और राज्य सरकार की संयुक्त पहल के तहत पात्र मत्स्य पालकों को ₹5 लाख तक का निःशुल्क व्यक्तिगत दुर्घटना बीमा उपलब्ध कराया जाएगा। इस योजना के तहत लाभार्थियों को कोई प्रीमियम नहीं देना होगा, क्योंकि पूरी प्रीमियम राशि सरकार वहन करेगी। बीमा का लाभ प्राप्त करने के लिए मछली पालकों को नेशनल फिशरीज डिजिटल प्लेटफॉर्म (NFDP) पर अपना पंजीकरण कराना होगा।

₹5 लाख तक का मुफ्त दुर्घटना बीमा मिलेगा:

उत्तर प्रदेश मत्स्य विभाग के निदेशक एन.एस. रहमानी के अनुसार, भारत सरकार की ग्रुप पर्सनल एक्सीडेंट इंश्योरेंस योजना के तहत पात्र मछली पालकों को बीमा सुरक्षा प्रदान की जा रही है। योजना के तहत दुर्घटना या अन्य निर्धारित परिस्थितियों में अधिकतम ₹5 लाख तक की आर्थिक सहायता उपलब्ध होगी। 

प्रीमियम सरकार देगी, लाभार्थी को नहीं करना होगा कोई भुगतान:

इस योजना की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि मछली पालकों को बीमा प्रीमियम का कोई भुगतान नहीं करना होगा। बीमा प्रीमियम का 50 प्रतिशत खर्च केंद्र सरकार और 50 प्रतिशत राज्य सरकार वहन करेगी। यदि मछली पकड़ने के दौरान डूबने, सांप के काटने, सड़क दुर्घटना या अन्य पात्र दुर्घटनाओं में मृत्यु होती है, तो बीमित व्यक्ति के परिवार को ₹5 लाख तक का बीमा लाभ दिया जाएगा। 

स्थायी विकलांगता और इलाज के लिए भी मिलेगी सहायता:

योजना के तहत दुर्घटना के कारण स्थायी विकलांगता होने पर लाभार्थी को ₹2.50 लाख तक की सहायता मिलेगी। वहीं गंभीर रूप से घायल होने की स्थिति में उपचार के लिए ₹50,000 तक की आर्थिक मदद प्रदान की जाएगी।

ऐसे करें ऑनलाइन आवेदन:

बीमा योजना का लाभ लेने के लिए मछली पालकों को सबसे पहले नेशनल फिशरीज डिजिटल प्लेटफॉर्म (NFDP) पर अपना पंजीकरण कराना होगा। पंजीकरण पूरा होने के बाद पोर्टल पर उपलब्ध बीमा (Insurance) विकल्प के माध्यम से आवेदन किया जा सकता है। यदि किसी लाभार्थी को ऑनलाइन पंजीकरण में कठिनाई आती है, तो वह अपने नजदीकी कॉमन सर्विस सेंटर (CSC) की सहायता ले सकता है।

CSC पर पंजीकरण के लिए नहीं देना होगा शुल्क:

मत्स्य विभाग के अनुसार, पंजीकरण के लिए CSC संचालक लाभार्थियों से कोई शुल्क नहीं लेगा। पंजीकरण से संबंधित सेवा शुल्क का भुगतान सरकार स्वयं करेगी। यदि इसके बाद भी किसी प्रकार की समस्या आती है, तो संबंधित जिले के मत्स्य विभाग के अधिकारी और कर्मचारी पंजीकरण एवं आवेदन प्रक्रिया में सहायता करेंगे।

मत्स्य पालन को मिलेगा बढ़ावा:

मत्स्य विभाग का मानना है कि मुफ्त दुर्घटना बीमा जैसी सामाजिक सुरक्षा योजनाओं से अधिक किसान और युवा मत्स्य पालन व्यवसाय से जुड़ेंगे। इससे न केवल मत्स्य क्षेत्र में निवेश बढ़ेगा, बल्कि मछली पालकों की आर्थिक सुरक्षा मजबूत होगी और प्रदेश में मत्स्य उत्पादन को भी प्रोत्साहन मिलेगा।

FAQs:

1. मछली पालकों को कितने रुपये तक का मुफ्त दुर्घटना बीमा मिलेगा?

पात्र मछली पालकों को इस योजना के तहत ₹5 लाख तक मुफ्त दुर्घटना बीमा का लाभ मिलेगा।

2. क्या इस योजना के लिए प्रीमियम देना होगा?

नहीं। पूरी बीमा प्रीमियम राशि केंद्र और राज्य सरकार मिलकर वहन करेंगी। लाभार्थी को कोई भुगतान नहीं करना होगा।

3. आवेदन करने के लिए क्या करना होगा?

लाभार्थी को पहले नेशनल फिशरीज डिजिटल प्लेटफॉर्म (NFDP) पर पंजीकरण करना होगा, फिर Insurance विकल्प के माध्यम से आवेदन करना होगा।

4. स्थायी विकलांगता पर कितना लाभ मिलेगा?

दुर्घटना के कारण स्थायी विकलांगता होने पर ₹2.50 लाख तक की सहायता मिलेगी, जबकि गंभीर चोट के इलाज के लिए ₹50,000 तक की मदद दी जाएगी।

5. यदि ऑनलाइन आवेदन में परेशानी हो तो क्या करें?

ऐसी स्थिति में मछली पालक अपने नजदीकी CSC केंद्र या संबंधित जिले के मत्स्य विभाग के कार्यालय से निःशुल्क सहायता प्राप्त कर सकते हैं।

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