देशभर में खरीफ सीजन 2026 के दौरान बुवाई का कार्य तेजी से जारी है। कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय के आंकड़ों के अनुसार, कुल 826.19 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में खरीफ फसलों की बुवाई हो चुकी है। यह पिछले वर्ष की समान अवधि के 787.37 लाख हेक्टेयर की तुलना में अधिक है, हालांकि 2025 के अंतिम कुल बुवाई क्षेत्र 1,134.27 लाख हेक्टेयर से अभी काफी कम है क्योंकि कई राज्यों में बुवाई का कार्य जारी है।
देश में अब तक 240.62 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में धान की बुवाई हुई है, जबकि पिछले वर्ष इसी अवधि में यह 246.81 लाख हेक्टेयर (तालिका के अनुसार 234.43 बनाम 240.62 की तुलना) थी। इस प्रकार धान का रकबा 6.19 लाख हेक्टेयर कम दर्ज किया गया है। मानसूनी परिस्थितियों और क्षेत्रीय मौसम के प्रभाव को इसकी प्रमुख वजह माना जा रहा है।
दलहन फसलों की कुल बुवाई 91.46 लाख हेक्टेयर रही, जो पिछले वर्ष की तुलना में 6.90 लाख हेक्टेयर कम है। हालांकि दलहनों में उड़द ने बेहतर प्रदर्शन किया है। उड़द की बुवाई 17.27 लाख हेक्टेयर से बढ़कर 18.67 लाख हेक्टेयर पहुंच गई, यानी 1.39 लाख हेक्टेयर की वृद्धि दर्ज की गई। वहीं अरहर का रकबा 4.10 लाख हेक्टेयर, मूंग का 1.50 लाख हेक्टेयर तथा मोठ का 2.60 लाख हेक्टेयर घटा है।
श्री अन्न (मोटे अनाज) का कुल रकबा 161.49 लाख हेक्टेयर रहा, जो पिछले वर्ष की तुलना में 19.28 लाख हेक्टेयर कम है। इस श्रेणी में सबसे अधिक गिरावट बाजरा और मक्का में दर्ज की गई। बाजरे की बुवाई 8.54 लाख हेक्टेयर तथा मक्का की 8.36 लाख हेक्टेयर कम रही। इसके अलावा ज्वार और रागी के रकबे में भी कमी दर्ज की गई।
सोयाबीन और कपास का रकबा घटा:
तिलहन फसलों का कुल बुवाई क्षेत्र 167.00 लाख हेक्टेयर रहा, जो पिछले वर्ष की तुलना में 3.45 लाख हेक्टेयर कम है। देश की प्रमुख खरीफ तिलहन फसल सोयाबीन का रकबा 117.24 लाख हेक्टेयर रहा, जो पिछले वर्ष की तुलना में 3.59 लाख हेक्टेयर कम है। वहीं मूंगफली की बुवाई में 0.58 लाख हेक्टेयर की गिरावट दर्ज की गई। दूसरी ओर सूरजमुखी और तिल के रकबे में क्रमशः 0.34 लाख हेक्टेयर और 0.62 लाख हेक्टेयर की बढ़ोतरी हुई है। कपास की बुवाई 102.71 लाख हेक्टेयर के मुकाबले 98.72 लाख हेक्टेयर रही, जिससे 3.99 लाख हेक्टेयर की कमी दर्ज की गई।
गन्ना और जूट की बुवाई बढ़ी:
रिपोर्ट के अनुसार गन्ने की बुवाई 56.72 लाख हेक्टेयर से बढ़कर 57.58 लाख हेक्टेयर हो गई, यानी 0.86 लाख हेक्टेयर की वृद्धि दर्ज की गई। इसी तरह जूट एवं मेस्टा की बुवाई में भी 0.13 लाख हेक्टेयर की बढ़ोतरी देखी गई।
खरीफ फसलों के रकबे में बड़ा बदलाव:
खरीफ बुवाई के ताजा आंकड़े संकेत देते हैं कि इस वर्ष कई प्रमुख फसलों के रकबे में बदलाव देखने को मिल रहा है। धान, मक्का, बाजरा, सोयाबीन और कपास जैसी प्रमुख फसलों का क्षेत्र घटा है, जबकि उड़द, सूरजमुखी, तिल और गन्ने जैसी फसलों में बढ़ोतरी दर्ज की गई है। आगामी सप्ताहों में मानसून की स्थिति और बुवाई की प्रगति से खरीफ सीजन की अंतिम तस्वीर और स्पष्ट होगी।
FAQs:
1. खरीफ बुवाई 2026 में अब तक कितना क्षेत्र कवर हुआ है?
अब तक देशभर में 826.19 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में खरीफ फसलों की बुवाई हो चुकी है।
2. खरीफ बुवाई 2026 में किस फसल का रकबा सबसे ज्यादा घटा?
मोटे अनाज में बाजरा और मक्का की बुवाई में सबसे अधिक गिरावट दर्ज की गई है।
3. क्या धान की बुवाई पिछले वर्ष से कम हुई है?
हाँ, धान का रकबा पिछले वर्ष की तुलना में 6.19 लाख हेक्टेयर कम दर्ज किया गया है।
4. किन फसलों की बुवाई में बढ़ोतरी हुई है?
उड़द, सूरजमुखी, तिल, गन्ना तथा जूट एवं मेस्टा की बुवाई में बढ़ोतरी दर्ज की गई है।
5. खरीफ बुवाई 2026 की नवीनतम जानकारी कहाँ मिलेगी?
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