जिले में खेतों में नरवाई (फसल अवशेष) जलाने पर प्रतिबंध लगा दिया गया है। सीहोर जिले के कलेक्टर एवं जिला दंडाधिकारी श्री बालागुरु के. द्वारा जारी आदेश के अनुसार फसल कटाई के बाद कुछ किसान अगली फसल की तैयारी के लिए खेतों में आग लगाकर नरवाई नष्ट करते हैं। इससे वातावरण में हानिकारक गैसों का उत्सर्जन होता है, जिससे पर्यावरण पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है।
नरवाई जलाने से मिट्टी की उर्वरता में कमी आती है, खेतों में मौजूद लाभकारी सूक्ष्म जीव नष्ट हो जाते हैं, साथ ही जनसंपत्ति और प्राकृतिक वनस्पति को भी नुकसान पहुंचता है। इसके अलावा आग फैलने से दुर्घटनाओं और आगजनी की घटनाओं की संभावना भी बनी रहती है। प्रशासन ने बताया कि जिले में रोटावेटर सहित अन्य वैकल्पिक कृषि उपकरण उपलब्ध हैं, जिनकी मदद से खेतों की सफाई की जा सकती है।
जारी आदेश के अनुसार नरवाई जलाने की स्थिति में पर्यावरणीय क्षति की भरपाई के लिए जुर्माने का प्रावधान किया गया है। इसके तहत 2 एकड़ से कम भूमि वाले किसानों पर प्रति घटना 2500 रुपये जुर्माना, 2 से 5 एकड़ तक भूमि वाले किसानों पर 5000 रुपये जुर्माना, और 5 एकड़ से अधिक भूमि वाले किसानों पर 15000 रुपये पर्यावरणीय मुआवजे के रूप में वसूले जाएंगे। कलेक्टर श्री बालागुरु के. ने किसानों से अपील की है कि पर्यावरण संरक्षण और जनहित को ध्यान में रखते हुए नरवाई जलाने से बचें तथा इसके प्रबंधन के लिए वैकल्पिक उपाय अपनाएं।
कलेक्टर के निर्देश पर कृषि विभाग द्वारा जिले के ग्रामीण क्षेत्रों में नरवाई प्रबंधन को लेकर जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है। विभाग के अधिकारी और कर्मचारी गांव-गांव जाकर लाउडस्पीकर के माध्यम से किसानों को समझाइश दे रहे हैं कि वे फसल अवशेषों को जलाने के बजाय वैज्ञानिक तरीकों से उनका प्रबंधन करें।
कृषि विभाग किसानों को नरवाई प्रबंधन के वैकल्पिक उपायों और आधुनिक तकनीकों की जानकारी भी दे रहा है। इससे न केवल मिट्टी की उर्वरता बनी रहती है, बल्कि पर्यावरण प्रदूषण को भी कम किया जा सकता है और कृषि उत्पादन में भी सुधार होता है। विभाग ने किसानों से अपील की है कि वे नरवाई न जलाकर पर्यावरण संरक्षण में अपनी जिम्मेदारी निभाएं।
FAQs:
1. नरवाई जलाने पर प्रतिबंध क्यों लगाया गया है?
नरवाई जलाने से वायु प्रदूषण बढ़ता है, मिट्टी की उर्वरता कम होती है और लाभकारी सूक्ष्म जीव नष्ट हो जाते हैं।
2. नरवाई जलाने पर कितना जुर्माना लगेगा?
2 एकड़ से कम भूमि पर 2500 रुपये, 2–5 एकड़ पर 5000 रुपये और 5 एकड़ से अधिक भूमि पर 15000 रुपये जुर्माना लगाया जाएगा।
3. नरवाई प्रबंधन के लिए कौन-से उपकरण उपयोगी हैं?
रोटावेटर, हैप्पी सीडर, सुपर स्ट्रॉ मैनेजमेंट सिस्टम जैसे उपकरण उपयोगी माने जाते हैं।
4. टिश्यू कल्चर खेती क्या है?
टिश्यू कल्चर खेती एक आधुनिक तकनीक है जिसमें प्रयोगशाला में पौधों की स्वस्थ पौध तैयार कर बड़े पैमाने पर खेती की जाती है।
5. किसानों को आधुनिक खेती की जानकारी कहां मिल सकती है?
किसान कृषि विभाग, कृषि वैज्ञानिकों और Khetivyapar जैसे प्लेटफॉर्म से आधुनिक खेती की जानकारी प्राप्त कर सकते हैं।
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