किसानों की आय बढ़ाने और कृषि क्षेत्र को मजबूत बनाने के उद्देश्य से राज्य सरकार ने कई बड़े और किसान हितैषी फैसले लिए हैं। कृषि कल्याण वर्ष के तहत सरकार ने दलहन फसल उड़द की खरीदी पर न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) के साथ 600 रुपये प्रति क्विंटल अतिरिक्त बोनस देने का निर्णय लिया है। इसके साथ ही कृषि और इससे जुड़े क्षेत्रों के विकास के लिए लगभग 10,500 करोड़ रुपये की लागत वाली पांच प्रमुख योजनाओं को अगले पांच वर्षों तक जारी रखने की मंजूरी दी गई है, जिससे प्रदेश के किसानों को लंबे समय तक सीधा लाभ मिलेगा।
मंत्री श्री कंषाना ने बताया कि कृषि और इससे जुड़े क्षेत्रों के विकास के लिए करीब 10,500 करोड़ रुपये की लागत वाली पांच प्रमुख किसान हितैषी योजनाओं को अगले पांच वर्षों तक जारी रखने को मंजूरी दी गई है। अब ये योजनाएं 31 मार्च 2031 तक लागू रहेंगी, जिससे प्रदेश के किसानों को लंबे समय तक इनका लाभ मिलता रहेगा।
कृषि मंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ने दलहन के साथ-साथ तिलहन फसलों के उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए भी ठोस कदम उठाए हैं। इस वर्ष प्रदेश में सरसों का उत्पादन लगभग 28 प्रतिशत तक बढ़ने का अनुमान है और करीब 3.38 मिलियन टन उत्पादन होने की संभावना है। सरसों की फसल को भावांतर भुगतान योजना के दायरे में शामिल किया जाएगा, जिससे किसानों को उचित मूल्य मिल सके।
मंत्री श्री कंषाना ने बताया कि 2008.68 करोड़ रुपये की लागत वाली इस योजना के माध्यम से कृषि और संबद्ध क्षेत्रों के विकास के लिए आवश्यक संसाधन उपलब्ध कराए जाएंगे। इससे राज्य में कृषि गतिविधियों को और अधिक मजबूती मिलेगी।
प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना (पर ड्रॉप-मोर क्रॉप):
करीब 2393.97 करोड़ रुपये की इस योजना के तहत किसानों को अपने खेतों में ड्रिप और स्प्रिंकलर सिंचाई प्रणाली लगाने के लिए सरकारी अनुदान मिलता रहेगा। यह योजना 31 मार्च 2031 तक जारी रहेगी, जिससे प्रदेश में माइक्रो इरिगेशन सुविधाओं का विस्तार होगा और पानी का बेहतर उपयोग सुनिश्चित हो सकेगा।
राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा एवं पोषण मिशन:
3285.49 करोड़ रुपये की इस योजना के माध्यम से धान, गेहूं, दलहन, मोटा अनाज और नगदी फसलों के उत्पादन को बढ़ावा दिया जाएगा। किसानों को फसल क्षेत्र विस्तार, उत्पादन वृद्धि और मिट्टी की उर्वरता सुधारने के लिए आवश्यक सहायता राज्य सरकार के माध्यम से मिलती रहेगी।
नेशनल मिशन ऑन नेचुरल फार्मिंग:
करीब 1011.59 करोड़ रुपये की इस योजना से प्रदेश में प्राकृतिक खेती को बढ़ावा दिया जाएगा। कृषि मंत्री ने कहा कि प्राकृतिक खेती से न केवल लोगों को रसायन मुक्त खाद्य पदार्थ उपलब्ध होंगे, बल्कि मिट्टी की उर्वरता में सुधार, पर्यावरण संरक्षण और उत्पादन बढ़ाने में भी मदद मिलेगी।
राष्ट्रीय खाद्य तेल मिशन – ऑयल सीड योजना:
1793.87 करोड़ रुपये की लागत वाली इस योजना से प्रदेश में तिलहन फसलों का उत्पादन करने वाले किसानों को निरंतर लाभ मिलेगा। मंत्री ने कहा कि इन पांच किसान हितैषी योजनाओं को अगले पांच वर्षों तक जारी रखने से ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी, किसानों की आय बढ़ेगी और कृषि क्षेत्र में टिकाऊ विकास को बढ़ावा मिलेगा।
FAQs:
1. उड़द की खरीदी पर सरकार कितना बोनस दे रही है?
सरकार ने उड़द की खरीदी पर MSP के अलावा ₹600 प्रति क्विंटल अतिरिक्त बोनस देने का निर्णय लिया है।
2. किसान हितैषी योजनाएं कितने समय तक लागू रहेंगी?
सरकार ने इन योजनाओं को 31 मार्च 2031 तक जारी रखने की मंजूरी दी है।
3. इन योजनाओं पर कुल कितना बजट खर्च होगा?
सरकार लगभग 10,500 करोड़ रुपये इन किसान हितैषी योजनाएं पर खर्च करेगी।
4. सरसों किसानों को क्या लाभ मिलेगा?
सरसों की फसल को भावांतर भुगतान योजना में शामिल किया जाएगा, जिससे किसानों को उचित मूल्य मिल सकेगा।
5. किसानों को इन योजनाओं की जानकारी कहाँ मिल सकती है?
किसान कृषि योजनाओं और बाजार भाव की जानकारी Khetivyapar जैसे प्लेटफॉर्म पर आसानी से प्राप्त कर सकते हैं।
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