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असम में 7 लाख नए किसानों का होगा पंजीकरण, PM किसान और फसल बीमा योजना का मिलेगा सीधा लाभ

असम किसान पंजीकरण अभियान
असम किसान पंजीकरण अभियान

किसानों को सरकारी योजनाओं का अधिकतम लाभ पहुंचाने के लिए असम सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। राज्य सरकार अगले छह महीनों में 5 से 7 लाख नए किसान परिवारों का पंजीकरण कराने के लिए विशेष अभियान शुरू करने जा रही है। इस पहल का उद्देश्य अधिक से अधिक किसानों को सरकारी रिकॉर्ड से जोड़ना और उन्हें प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि (PM-KISAN) तथा प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना (PMFBY) जैसी महत्वपूर्ण योजनाओं का सीधा लाभ उपलब्ध कराना है।

सरकारी रिकॉर्ड से जुड़ेंगे लाखों किसान:

सरकारी आंकड़ों के अनुसार, असम में लगभग 50 लाख परिवार कृषि पर निर्भर हैं, लेकिन अब तक केवल करीब 24 लाख किसानों का ही पंजीकरण हो पाया है। इस अंतर को कम करने और अधिक किसानों को सरकारी योजनाओं से जोड़ने के लिए विशेष अभियान शुरू किया जा रहा है। सरकार का मानना है कि पंजीकरण बढ़ने से किसानों को वित्तीय सहायता, बीमा सुरक्षा और कृषि से जुड़ी अन्य सुविधाओं का लाभ आसानी से मिल सकेगा।

PM किसान और फसल बीमा योजना पर विशेष जोर:

बैठक में कृषि मंत्री ने प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत अधिक से अधिक किसानों को जोड़ने के निर्देश दिए। साथ ही प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के लिए पात्र किसानों की पहचान और पंजीकरण प्रक्रिया को तेज करने पर भी जोर दिया गया। उन्होंने कहा कि किसानों तक सरकारी योजनाओं का लाभ पहुंचाने के लिए आवेदन और पंजीकरण प्रक्रिया को सरल और पारदर्शी बनाना आवश्यक है।

किसानों को समय पर उपलब्ध होंगे बीज और खाद:

राज्य सरकार किसानों को उच्च गुणवत्ता वाले बीज और उर्वरक समय पर उपलब्ध कराने पर भी विशेष ध्यान दे रही है। कृषि विभाग को निर्देश दिए गए हैं कि बुवाई के मौसम से कम-से-कम एक महीने पहले किसानों तक बीज पहुंच जाएं। कृषि मंत्री ने स्पष्ट किया कि बीज और खाद वितरण में किसी भी प्रकार की अनियमितता या खराब गुणवत्ता को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। दोषी एजेंसियों के खिलाफ ब्लैकलिस्ट करने और लाइसेंस रद्द करने जैसी सख्त कार्रवाई की जाएगी।

धान के साथ कृषि विविधीकरण पर भी फोकस:

असम सरकार अब पारंपरिक धान की खेती के साथ-साथ कृषि विविधीकरण को भी बढ़ावा दे रही है। सरकार किसानों को बागवानी, दलहन और पाम ऑयल जैसी लाभकारी फसलों की ओर प्रोत्साहित कर रही है, ताकि उनकी आय के नए स्रोत विकसित किए जा सकें। इसके लिए बाजार व्यवस्था को मजबूत करने, किसानों को बेहतर मूल्य दिलाने और किसान उत्पादक संगठनों (FPO) को सशक्त बनाने की दिशा में भी काम किया जा रहा है।

प्रगतिशील किसानों को मिलेंगी आधुनिक कृषि मशीनें:

राज्य सरकार जल्द ही प्रगतिशील किसानों को उन्नत बीज, पौध सामग्री और पावर टिलर जैसी कृषि मशीनें उपलब्ध कराने के लिए विशेष कार्यक्रम आयोजित करेगी। इसके जरिए आधुनिक खेती को बढ़ावा देने और किसानों की उत्पादकता बढ़ाने का प्रयास किया जाएगा।

किसानों की आय बढ़ाने पर सरकार का फोकस: सरकार का लक्ष्य अधिक से अधिक किसानों को सरकारी योजनाओं से जोड़कर उन्हें आधुनिक कृषि तकनीकों से परिचित कराना और उनकी आय में स्थायी वृद्धि सुनिश्चित करना है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि पंजीकरण अभियान सफल रहता है, तो लाखों किसान सीधे तौर पर सरकारी सहायता, बीमा सुरक्षा और कृषि निवेश योजनाओं का लाभ उठा सकेंगे।

FAQs:

1. असम सरकार कितने नए किसानों का पंजीकरण करेगी?

असम सरकार अगले छह महीनों में 5 से 7 लाख नए किसान परिवारों का पंजीकरण करने का लक्ष्य लेकर चल रही है।

2. किसानों को किन योजनाओं का लाभ मिलेगा?

पंजीकृत किसानों को PM किसान योजना और प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना का लाभ मिल सकेगा।

3. पंजीकरण अभियान का मुख्य उद्देश्य क्या है?

अधिक से अधिक किसानों को सरकारी रिकॉर्ड से जोड़ना और उन्हें सरकारी योजनाओं का सीधा लाभ दिलाना।

4. किसानों को बीज और खाद कब उपलब्ध कराए जाएंगे?

सरकार ने निर्देश दिए हैं कि बुवाई से कम से कम एक महीने पहले किसानों तक बीज और उर्वरक पहुंचाए जाएं।

5. कृषि विविधीकरण के तहत किन फसलों को बढ़ावा दिया जा रहा है?

धान के अलावा बागवानी, दलहन और पाम ऑयल जैसी लाभकारी फसलों को बढ़ावा दिया जा रहा है।

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