केंद्र सरकार ने विपणन वर्ष 2026-27 के लिए खरीफ, रबी और वाणिज्यिक फसलों के न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) की नई सूची जारी कर दी है। MSP किसानों को बाजार में कीमतों की गिरावट से सुरक्षा प्रदान करती है और उनकी उपज के लिए न्यूनतम मूल्य की गारंटी देती है। नई MSP दरों के जारी होने के बाद किसान आगामी खरीफ और रबी सीजन की फसल योजना बेहतर तरीके से बना सकेंगे। सरकार का उद्देश्य किसानों की आय बढ़ाने के साथ-साथ दलहन और तिलहन उत्पादन को प्रोत्साहित करना भी है।
खरीफ सीजन की प्रमुख फसल धान (सामान्य) का MSP 2,441 रुपये प्रति क्विंटल तय किया गया है, जबकि ग्रेड-ए धान के लिए 2,461 रुपये प्रति क्विंटल समर्थन मूल्य निर्धारित किया गया है। तिल, नाइजरसीड, मूंग और अरहर जैसी फसलों को भी MSP प्रदान की गई है।
खरीफ फसलों में कौन आगे?
खरीफ फसलों में तिल (₹10,346) और नाइजरसीड (₹10,052) का MSP सबसे अधिक रखा गया है। वहीं दलहनी फसलों में मूंग, अरहर और उड़द को भी बेहतर समर्थन मूल्य दिया गया है, जिससे किसानों को इन फसलों की खेती के लिए प्रोत्साहन मिलेगा।
रबी और वाणिज्यिक फसलों की MSP दरें 2026-27:
रबी सीजन की प्रमुख फसल गेहूं का MSP 2,585 रुपये प्रति क्विंटल निर्धारित किया गया है। इसके अलावा चना, मसूर और सरसों के समर्थन मूल्य में भी किसानों को बेहतर सुरक्षा देने का प्रयास किया गया है।
फसल MSP 2026-27 (रुपये/क्विंटल):
रबी फसलों में किसे मिला सबसे ज्यादा MSP?
रबी और वाणिज्यिक फसलों में कोपरा (बॉल) का MSP सबसे अधिक ₹12,500 प्रति क्विंटल निर्धारित किया गया है। इसके अलावा मसूर, कुसुम और सरसों को भी आकर्षक समर्थन मूल्य दिया गया है।
MSP किसानों के लिए क्यों है महत्वपूर्ण?
न्यूनतम समर्थन मूल्य किसानों को बाजार में होने वाले उतार-चढ़ाव से सुरक्षा प्रदान करता है। जब फसल कटाई के समय बाजार भाव MSP से नीचे चले जाते हैं, तब सरकारी खरीद किसानों को न्यूनतम आय सुनिश्चित करने में मदद करती है। MSP किसानों को फसल चयन में भी मार्गदर्शन देती है। बेहतर समर्थन मूल्य मिलने पर किसान उन फसलों की खेती बढ़ाने के लिए प्रेरित होते हैं, जिससे उत्पादन संतुलन और कृषि विविधीकरण को बढ़ावा मिलता है।
किन किसानों को मिलेगा सबसे अधिक लाभ?
नई MSP दरों का सबसे अधिक फायदा धान, गेहूं, मक्का, सोयाबीन, चना, सरसों, मूंग, उड़द, अरहर और कपास उत्पादक किसानों को मिलने की संभावना है। विशेष रूप से दलहन और तिलहन उत्पादकों के लिए यह घोषणा महत्वपूर्ण मानी जा रही है। कृषि विशेषज्ञों के अनुसार MSP में वृद्धि से किसानों की आय बढ़ाने के साथ-साथ देश में दलहन और तिलहन उत्पादन को भी मजबूती मिलेगी, जिससे खाद्य सुरक्षा और तेल बीज आत्मनिर्भरता को बढ़ावा मिलेगा।
FAQs:
Q1. MSP 2026-27 क्या है?
MSP 2026-27 सरकार द्वारा घोषित फसलों का न्यूनतम समर्थन मूल्य है, जो किसानों को न्यूनतम आय की गारंटी देता है।
Q2. खरीफ फसलों में सबसे अधिक MSP किस फसल का है?
खरीफ में तिल और नाइजरसीड का MSP सबसे अधिक रखा गया है।
Q3. रबी फसलों में सबसे अधिक MSP किसका है?
रबी में कोपरा (बॉल) का MSP सबसे अधिक ₹12,500 प्रति क्विंटल है।
Q4. MSP का किसानों को क्या फायदा है?
MSP किसानों को बाजार भाव गिरने पर भी सुरक्षित आय प्रदान करता है।
Q5. किन फसलों को MSP 2026-27 में फायदा मिला है?
धान, गेहूं, मक्का, सोयाबीन, चना, सरसों, मूंग, उड़द और कपास को प्रमुख लाभ मिला है।