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Maize farming: भारत में मक्का की खेती को नई रफ्तार, खरीफ में 60% उत्पादन, मांग तेज और मध्य प्रदेश नंबर-1

मक्का की खेती
मक्का की खेती

धान और गेहूं के बाद मक्का भारत की तीसरी सबसे महत्वपूर्ण अनाज फसल मानी जाती है। देश में इसकी खेती तीन अलग-अलग मौसमों खरीफ, रबी और ग्रीष्म (समर) में की जाती है। मक्का का सबसे बड़ा उत्पादन खरीफ सीजन में होता है, जो काफी हद तक मानसून पर निर्भर रहता है और कुल उत्पादन में लगभग 60% योगदान देता है। वहीं रबी सीजन का हिस्सा करीब 32% है, जिसे दक्षिणी राज्यों में सिंचाई का अच्छा समर्थन मिलता है। इसके अलावा ग्रीष्म सीजन का योगदान लगभग 8% रहता है, जो मुख्य रूप से तमिलनाडु और बिहार में केंद्रित है।

मध्य प्रदेश सबसे बड़ा उत्पादक, कई राज्यों की अहम भूमिका:

मक्का उत्पादन के मामले में मध्य प्रदेश सबसे बड़ा उत्पादक राज्य बनकर उभरता है, जहां खरीफ में बड़े पैमाने पर खेती होती है। कर्नाटक और तेलंगाना रबी उत्पादन में महत्वपूर्ण योगदान देते हैं। वहीं बिहार और महाराष्ट्र ऐसे राज्य हैं, जहां अलग-अलग मौसमों में उत्पादन अपेक्षाकृत संतुलित बना रहता है।

कुल खेती क्षेत्र (एकड़/हेक्टेयर) में बड़े बदलाव नहीं दिखते, लेकिन जलवायु में उतार-चढ़ाव के कारण पैदावार में अंतर जरूर देखने को मिलता है। दुनिया के कई बड़े उत्पादक देशों के मुकाबले भारत में अधिकतर गैर-जीएमओ (Non-GMO) मक्का की खेती होती है, जो अंतरराष्ट्रीय बाजार में भारत की स्थिति और पहचान को प्रभावित करती है।

पोल्ट्री फीड से लेकर एथेनॉल तक, बढ़ रही है मक्का की मांग:

देश में मक्का की मांग लगातार बढ़ रही है। इसके पीछे प्रमुख कारण हैं, पोल्ट्री फीड (चारा उद्योग), एथेनॉल मिश्रण कार्यक्रम, स्टार्च आधारित उद्योग। इसी वजह से मक्का अब सिर्फ खाद्य फसल नहीं, बल्कि एक रणनीतिक औद्योगिक संसाधन भी बन चुका है।

उत्पादन अनुमान क्यों हैं जरूरी?

मक्का के विश्वसनीय उत्पादन अनुमान बेहद अहम हैं, क्योंकि इससे खरीद एवं भंडारण की बेहतर योजना बनती है, खाद्य सुरक्षा मजबूत होती है, निर्यात प्रतिस्पर्धा बढ़ती है। खास बात यह भी है कि भारत का मक्का उत्पादन चक्र कई बार अमेरिका और ब्राजील जैसे बड़े उत्पादक देशों की कटाई अवधि से मेल खाता है, जिससे वैश्विक बाजार में प्रतिस्पर्धा और कीमतों पर असर पड़ सकता है।

कुल मिलाकर, मक्का भारत की कृषि अर्थव्यवस्था में एक अहम भूमिका निभा रहा है। यह कई क्षेत्रों की जरूरतें पूरी करने के साथ-साथ वैल्यू-एडेड उत्पादों के लिए भी बड़े अवसर देता है। मक्का की असली ताकत सिर्फ उत्पादन मात्रा में नहीं, बल्कि इसकी बहुउपयोगिता और घरेलू जरूरतों के साथ-साथ वैश्विक व्यापार में योगदान में भी है।

मक्का उत्पादन में मध्य प्रदेश नंबर-1:

देश में मक्का उत्पादन के मामले में मध्य प्रदेश ने एक बार फिर शीर्ष स्थान हासिल किया है। उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, मक्का उत्पादन में मध्य प्रदेश का योगदान सबसे अधिक रहा है। इसके बाद कर्नाटक और महाराष्ट्र जैसे राज्य भी प्रमुख उत्पादक के रूप में सामने आए हैं। आंकड़ों के मुताबिक, मक्का उत्पादन के टॉप-5 राज्य (लाख टन में) इस प्रकार हैं:

  1. मध्य प्रदेश: 76.55 लाख टन
  2. कर्नाटक: 53.80 लाख टन
  3. महाराष्ट्र: 42.81 लाख टन
  4. राजस्थान: 22.05 लाख टन
  5. तमिलनाडु: 16.18 लाख टन

विशेषज्ञों के अनुसार, इन राज्यों में मक्का की खेती का रकबा बड़ा होने के साथ-साथ किसानों द्वारा उन्नत बीज, बेहतर तकनीक और सिंचाई सुविधाओं का उपयोग किए जाने से उत्पादन में लगातार मजबूती देखने को मिल रही है। वहीं, पोल्ट्री फीड, स्टार्च उद्योग और एथेनॉल मिश्रण कार्यक्रमों के चलते मक्का की मांग बढ़ने से आने वाले समय में उत्पादन और कारोबार दोनों में और तेजी आने की उम्मीद है।

(FAQ):

1. मक्का की सबसे उपयुक्त खेती का मौसम कौन सा है?
खरीफ मौसम मक्का की खेती के लिए सबसे उपयुक्त माना जाता है क्योंकि इस समय मानसून का पानी उपलब्ध होता है।

2. भारत में मक्का का सबसे बड़ा उत्पादक कौन सा राज्य है?
मध्य प्रदेश मक्का उत्पादन में सबसे बड़ा राज्य है।

3. मक्का की मांग किन उद्योगों में ज्यादा है?
पोल्ट्री फीड, स्टार्च आधारित उद्योग और एथेनॉल उत्पादन में मक्का की मांग तेजी से बढ़ रही है।

4. भारत में मक्का की खेती मुख्य रूप से कौन-कौन से मौसमों में होती है?
मक्का की खेती खरीफ, रबी और ग्रीष्म मौसम में होती है।

5. मक्का उत्पादन में उन्नत तकनीक का क्या महत्व है?
उन्नत बीज, सिंचाई तकनीक और बेहतर कृषि प्रबंधन से मक्का की पैदावार और गुणवत्ता दोनों बढ़ती हैं।

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