वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण 1 फरवरी को लोकसभा में केंद्रीय बजट 2026-27 प्रस्तुत करेंगी। बजट पेश होने के बाद इसकी एक प्रति राज्यसभा में भी रखी जाएगी। वर्ष 2019 में पदभार संभालने के बाद से यह लगातार नौवीं बार होगा जब निर्मला सीतारमण केंद्रीय बजट पेश करेंगी। यह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली सरकार के तीसरे कार्यकाल का तीसरा बजट भी होगा।
बजट भाषण पूरा होने के बाद बजट से जुड़े सभी महत्वपूर्ण दस्तावेज मोबाइल ऐप और आधिकारिक वेबसाइट पर उपलब्ध करा दिए जाएंगे। इसके साथ ही वित्त मंत्री बजट प्रस्तुति के बाद देश के विभिन्न क्षेत्रों से आए करीब 30 कॉलेज छात्रों के साथ संवाद भी करेंगी।
बजट तैयार करने से पहले वित्त मंत्री ने प्री-बजट परामर्श बैठकें आयोजित की थीं। इन बैठकों में अर्थशास्त्रियों, ट्रेड यूनियनों, शिक्षा और स्वास्थ्य क्षेत्र, MSME, व्यापार एवं सेवाओं, उद्योग जगत, वित्तीय क्षेत्र और पूंजी बाजार से जुड़े विशेषज्ञों और प्रतिनिधियों से सुझाव लिए गए।
कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने भी कृषि और ग्रामीण विकास से जुड़े मुद्दों पर व्यापक प्री-बजट चर्चाएं कीं। इसके बाद उन्होंने प्राप्त सुझावों की संकलित रिपोर्ट वित्त मंत्री को सौंपी। बजट निर्माण के दौरान युवाओं सहित आम नागरिकों से भी विभिन्न मंचों के माध्यम से सुझाव आमंत्रित किए गए हैं, जिनका असर आगामी बजट में देखने को मिल सकता है।
टैक्स व्यवस्था को लेकर एक बड़ा सवाल यह भी है कि क्या पुराना इनकम टैक्स सिस्टम खत्म किया जाएगा? कई विशेषज्ञों का मानना है कि बचत और होम लोन जैसे लाभों को प्रोत्साहित करने के लिए पुराना सिस्टम अभी भी जरूरी है। इसलिए इसे तुरंत समाप्त करना आसान नहीं होगा।
दो टैक्स सिस्टम पर भ्रम, नए सिस्टम को मिल सकता है बढ़ावा:
विशेषज्ञों के मुताबिक दो अलग-अलग टैक्स सिस्टम होने से करदाताओं में भ्रम की स्थिति बनती है और टैक्स फाइलिंग की प्रक्रिया भी जटिल हो जाती है। वहीं, कुछ जानकारों का कहना है कि पुराना सिस्टम कुछ वर्षों तक जारी रह सकता है, ताकि लंबी अवधि की निवेश योजनाओं वाले करदाता बिना परेशानी के नए सिस्टम में बदलाव कर सकें। कुल मिलाकर संकेत यही हैं कि सरकार नए टैक्स सिस्टम को अधिक आकर्षक बनाने की दिशा में आगे बढ़ सकती है।
हेल्थ इंश्योरेंस पर GST राहत की उम्मीद:
हेल्थ इंश्योरेंस को लेकर हाल के टैक्स बदलावों से पॉलिसीधारकों को कुछ राहत मिली है। ऐसे में माना जा रहा है कि आगे भी GST में रियायत मिलने से हेल्थ इंश्योरेंस अधिक लोगों के लिए किफायती और सुलभ बन सकता है, जिससे बीमा कवरेज बढ़ने की संभावना है।
आर्थिक सर्वेक्षण का अनुमान: 2026 में 7.4% ग्रोथ: आर्थिक सर्वेक्षण के अनुसार भारत दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ने वाली बड़ी अर्थव्यवस्था बना हुआ है। सरकार के आंकड़ों के मुताबिक वर्ष 2026 में देश की आर्थिक वृद्धि दर 7.4% रहने का अनुमान है, जो उम्मीद से बेहतर मानी जा रही है। वहीं 2025 में अर्थव्यवस्था 6.5% की दर से बढ़ी थी।
इस तेज रफ्तार के पीछे निवेश में बढ़ोतरी और मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर में आए उछाल को प्रमुख वजह बताया गया है। आर्थिक सर्वेक्षण में संकेत दिए गए हैं कि उत्पादन क्षमता बढ़ने और निवेश माहौल मजबूत होने से आने वाले समय में विकास को और गति मिल सकती है।
FAQs:
Q1. केंद्रीय बजट 2026-27 कब पेश किया जाएगा?
1 फरवरी 2026 को लोकसभा में।
Q2. क्या बजट दस्तावेज ऑनलाइन उपलब्ध होंगे?
हां, बजट भाषण के बाद ऐप और आधिकारिक वेबसाइट पर।
Q3. क्या पुराने टैक्स सिस्टम को खत्म किया जाएगा?
फिलहाल इसके पूरी तरह खत्म होने की संभावना कम है।
Q4. बजट 2026-27 में कृषि पर क्या फोकस रहेगा?
कृषि, ग्रामीण विकास और किसानों की आय बढ़ाने पर विशेष जोर।
Q5. 2026 में भारत की अनुमानित ग्रोथ कितनी है?
आर्थिक सर्वेक्षण के अनुसार 7.4%।