वित्त वर्ष 2026-27 का केंद्रीय बजट 1 फरवरी 2026 को वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण पेश करेंगी। इस बार बजट का मुख्य उद्देश्य घरेलू खपत को बढ़ावा देना, निजी निवेश को प्रोत्साहित करना और रोजगार के नए अवसर तैयार करना माना जा रहा है। साथ ही सरकार की कोशिश रहेगी कि राजकोषीय अनुशासन (Fiscal Prudence) भी बना रहे।
अर्थशास्त्रियों के मुताबिक, आगामी बजट में उपभोग और रोजगार को गति देने वाले निर्णायक सुधार, करों (Taxes) में बदलाव, और नए निवेश को आकर्षित करने के लिए प्रोत्साहन प्रमुख एजेंडा हो सकते हैं। इसके अलावा, आयकर दरों में राहत, कस्टम ड्यूटी में कमी, निर्यात को सहारा देने वाले कदम, स्किलिंग पर लक्षित निवेश, और कृषि उत्पादकता बढ़ाने की योजनाओं पर भी विशेष ध्यान दिए जाने की संभावना है। सरकार के लिए रोजगार सृजन इस बजट में भी सबसे महत्वपूर्ण प्राथमिकताओं में शामिल रहेगा।
यूनियन बजट 2026-27 के करीब आते ही चर्चा केवल इस बात पर नहीं है कि किस क्षेत्र को कितना आवंटन मिलेगा, बल्कि यह भी महत्वपूर्ण है कि उस बजट का उपयोग कितना प्रभावी तरीके से किया जाएगा। पिछले वर्ष सरकार ने डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर (DPI) और जलवायु-सहिष्णु (Climate-Resilient) बीजों पर बड़ा जोर दिया था। लेकिन अब जब वैश्विक सप्लाई चेन तेजी से बदल रही है और जलवायु अनिश्चितता बढ़ रही है, ऐसे में देश के 12 करोड़ से अधिक किसानों के लिए चुनौतियां और भी गंभीर होती जा रही हैं।
100 से अधिक जलवायु-सहिष्णु फसल किस्मों का जारी होना किसानों के लिए बड़ी राहत माना जा रहा है। किसान क्रेडिट कार्ड (KCC) की सीमा बढ़ाने से किसानों को वित्तीय सहारा मिला है।
तिलहन (Oilseeds) में आयात पर निर्भरता अभी भी एक बड़ी आर्थिक चुनौती बनी हुई है। लॉजिस्टिक्स और सप्लाई चेन में अब भी जरूरत है कि “स्वीकृत फंड” जमीन पर “वास्तविक इंफ्रास्ट्रक्चर” में तेजी से बदले, ताकि किसान को सीधा फायदा मिल सके।
2026 में इन बड़े मुद्दों पर रह सकती है नजर:
1) इनपुट लागत में राहत (Input Cost Rationalization):
विशेषज्ञों का कहना है कि यदि कीटनाशक और कृषि मशीनरी पर GST को समान रूप से 5% किया जाता है, तो इससे किसानों की उत्पादन लागत में उल्लेखनीय कमी आ सकती है।
2) टेक्नोलॉजी का बड़े स्तर पर विस्तार (Tech-Scaling):
अब जरूरत है कि तकनीक सिर्फ पायलट प्रोजेक्ट तक सीमित न रहे। 2026 के बजट में “Drone-as-a-Service” और AI आधारित प्रिसिजन फार्मिंग को देशभर में लागू करने के लिए बड़े फैसले हो सकते हैं।
3) वैल्यू एडिशन और एक्सपोर्ट पर जोर (Value Addition):
नीतियों में बदलाव कर खेती को केवल उत्पादन तक सीमित रखने के बजाय फूड प्रोसेसिंग, ग्लोबल एक्सपोर्ट प्रतिस्पर्धा और मूल्य संवर्धन की दिशा में आगे बढ़ाने की जरूरत महसूस की जा रही है। आज भारतीय कृषि केवल “प्राथमिक क्षेत्र” नहीं रह गई है, बल्कि यह अब टेक्नोलॉजी, फाइनेंस और सस्टेनेबिलिटी से जुड़ा एक विकसित होता हुआ इकोसिस्टम बन चुकी है।
कृषि क्षेत्र से बजट 2026-27 की प्रमुख उम्मीदें:
कृषि भारतीय अर्थव्यवस्था की रीढ़ बनी हुई है। इस बार बजट से किसानों और कृषि क्षेत्र को लेकर कई अहम अपेक्षाएं हैं:
FAQs:
Q1. केंद्रीय बजट 2026-27 कब पेश होगा?
1 फरवरी 2026 को वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा।
Q2. यूनियन बजट 2026-27 का मुख्य फोकस क्या रहेगा?
घरेलू खपत, रोजगार सृजन, निजी निवेश और राजकोषीय अनुशासन।
Q3. बजट 2026-27 में किसानों को क्या लाभ मिल सकते हैं?
सस्ती क्रेडिट सुविधा, टेक्नोलॉजी सपोर्ट और पोस्ट-हार्वेस्ट इंफ्रास्ट्रक्चर।
Q4. क्या कृषि टेक्नोलॉजी पर बजट में जोर होगा?
हां, ड्रोन, AI और डिजिटल एग्रीकल्चर पर बड़े फैसलों की उम्मीद है।
Q5. Khetivyapar बजट को कैसे देखता है?
Khetivyapar के अनुसार, बजट का असली असर तभी होगा जब योजनाएं जमीन पर प्रभावी ढंग से लागू हों।