• होम
  • Haryana Wheat Purchase 2026: हरियाणा में 1 अप्रैल से शुरू हो...

Haryana Wheat Purchase 2026: हरियाणा में 1 अप्रैल से शुरू होगी गेहूं की सरकारी खरीद, 416 मंडियों में MSP पर खरीद

हरियाणा गेहूं खरीद 2026
हरियाणा गेहूं खरीद 2026

हरियाणा सरकार ने राज्य में गेहूं की सरकारी खरीद शुरू करने की तारीख की घोषणा कर दी है। रबी विपणन सीजन 2026–27 के तहत प्रदेश में गेहूं की खरीद 1 अप्रैल से प्रारंभ होगी। इसके लिए राज्यभर में व्यापक तैयारियां पूरी कर ली गई हैं, ताकि किसानों को अपनी फसल बेचने में किसी तरह की परेशानी न हो।

खाद्य, नागरिक आपूर्ति और उपभोक्ता मामले विभाग के प्रवक्ता के अनुसार, केंद्र सरकार के दिशा-निर्देशों के अनुरूप राज्य में कुल 416 मंडियां और खरीद केंद्र स्थापित किए गए हैं। इन केंद्रों पर किसानों से न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) पर गेहूं की खरीद की जाएगी।

गेहूं खरीद के लिए 416 मंडियों में होगी सरकारी खरीद:

राज्य सरकार ने किसानों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए प्रदेश के विभिन्न जिलों में 416 मंडियां और खरीद केंद्र निर्धारित किए हैं। इन केंद्रों पर कई सरकारी एजेंसियां मिलकर गेहूं की खरीद प्रक्रिया को संचालित करेंगी। इन एजेंसियों में खाद्य, नागरिक आपूर्ति और उपभोक्ता मामले विभाग, हैफेड, हरियाणा वेयरहाउसिंग कॉर्पोरेशन और भारतीय खाद्य निगम (FCI) शामिल हैं। इन संस्थाओं का उद्देश्य किसानों से गेहूं की खरीद को सुचारु, पारदर्शी और व्यवस्थित ढंग से पूरा करना है।

खरीद प्रक्रिया के लिए आधुनिक सुविधाएं:

इस वर्ष सरकार ने खरीद प्रक्रिया को और अधिक पारदर्शी और प्रभावी बनाने के लिए ई-खरीद पोर्टल को अपग्रेड किया है। नए सिस्टम में कई आधुनिक तकनीकी सुविधाएं जोड़ी गई हैं, जिससे किसानों को मंडियों में बेहतर सेवाएं मिल सकेंगी और खरीद प्रक्रिया भी तेज तथा पारदर्शी बनेगी।

डिजिटल निगरानी से मंडियों में पारदर्शी होगी गेहूं खरीद व्यवस्था:

खाद्य, नागरिक आपूर्ति और उपभोक्ता मामले राज्य मंत्री राजेश नागर ने बताया कि इस बार मंडियों में आने वाले वाहनों की निगरानी भी डिजिटल तरीके से की जाएगी। जब किसान अपनी गेहूं की फसल बेचने के लिए मंडी में पहुंचेंगे, तब उनके वाहन के रजिस्ट्रेशन नंबर के साथ उसकी फोटो भी दर्ज की जाएगी। यदि किसी वाहन पर रजिस्ट्रेशन नंबर अंकित नहीं होगा, तो उसे मंडी के प्रवेश द्वार से अंदर आने की अनुमति नहीं दी जाएगी और उसके लिए गेट पास भी जारी नहीं किया जाएगा। इससे खरीद व्यवस्था में पारदर्शिता बनी रहेगी।

जियो-फेंसिंग तकनीक से जुड़े खरीद केंद्र:

सरकार ने मंडियों और खरीद केंद्रों को जियो-फेंसिंग तकनीक से भी जोड़ा है। इसके तहत खरीद प्रक्रिया से जुड़े सभी महत्वपूर्ण चरण जैसे आवक गेट पास जारी करना, बोली लगना और आई-फॉर्म जारी करना—केवल मंडी या खरीद केंद्र परिसर के भीतर ही पूरे किए जा सकेंगे। इस तकनीक के उपयोग से खरीद प्रक्रिया में पारदर्शिता बढ़ेगी और किसी भी प्रकार की अनियमितता की संभावना कम होगी।

किसानों को समय पर मिलेगा उचित मूल्य: राज्य मंत्री ने कहा कि हरियाणा सरकार किसानों के हितों की सुरक्षा के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। सरकार यह सुनिश्चित करेगी कि किसानों को अपनी फसल बेचने में किसी प्रकार की कठिनाई न हो और उन्हें उनकी उपज का उचित मूल्य समय पर प्राप्त हो सके।

FAQs:

1. हरियाणा में गेहूं की सरकारी खरीद कब से शुरू होगी?
हरियाणा में रबी विपणन सीजन 2026–27 के तहत 1 अप्रैल 2026 से गेहूं की सरकारी खरीद शुरू होगी।

2. गेहूं की सरकारी खरीद कितनी मंडियों में होगी?
राज्य में कुल 416 मंडियां और खरीद केंद्र बनाए गए हैं जहां किसानों से खरीद होगी।

3. किसानों से गेहूं किस कीमत पर खरीदा जाएगा?
किसानों से न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) पर गेहूं की सरकारी खरीद की जाएगी।

4. खरीद प्रक्रिया में कौन-कौन सी एजेंसियां शामिल होंगी?
खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग, हैफेड, हरियाणा वेयरहाउसिंग कॉर्पोरेशन और FCI खरीद प्रक्रिया में शामिल होंगे।

5. खरीद प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने के लिए क्या व्यवस्था की गई है?
सरकार ने ई-खरीद पोर्टल अपग्रेड, डिजिटल वाहन निगरानी और जियो-फेंसिंग तकनीक जैसी सुविधाएं लागू की हैं।

लेटेस्ट
khetivyapar.com अब whatsapp चैनल पर भी उपलब्ध है। आज ही फॉलो करें और पाएं महत्वपूर्ण जानकारी WhatsApp चैनल से जुड़ें