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मिलेट आधारित खाद्य उत्पादों को बढ़ावा देने के लिए सरकार की बड़ी पहल, 793.27 करोड़ रुपये की स्वीकृति

मिलेट उत्पाद
मिलेट उत्पाद

देश में मिलेट आधारित खाद्य उत्पादों को बढ़ावा देने और खाद्य प्रसंस्करण उद्योग को मजबूत बनाने के लिए केंद्र सरकार ने कई महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं। खाद्य प्रसंस्करण उद्योग मंत्रालय विभिन्न योजनाओं के माध्यम से मिलेट प्रसंस्करण इकाइयों के विकास और मूल्य श्रृंखला को मजबूत करने पर विशेष ध्यान दे रहा है। इसी दिशा में उत्पादन आधारित प्रोत्साहन (पीएलआई) योजना के तहत मिलेट से बने उत्पादों को बढ़ावा देने के लिए अब तक 793.27 करोड़ रुपये की स्वीकृति दी जा चुकी है।
सरकार की पहल का उद्देश्य मिलेट आधारित खाद्य उत्पादों के उत्पादन, प्रसंस्करण और विपणन को बढ़ावा देना है, ताकि घरेलू बाजार के साथ-साथ निर्यात के अवसर भी बढ़ सकें। इन योजनाओं के तहत मिलेट उत्पादों की बिक्री में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई है।

मिलेट उत्पादों के लिए पीएलआई योजना:

खाद्य प्रसंस्करण उद्योग मंत्रालय द्वारा लागू की गई उत्पादन आधारित प्रोत्साहन योजना (PLI) का एक प्रमुख घटक मिलेट आधारित उत्पादों पर केंद्रित है। इस घटक के लिए 800 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।
इस योजना का उद्देश्य खाद्य उत्पादों में मिलेट के उपयोग को बढ़ावा देना और मिलेट से बने उत्पादों के निर्माण, मूल्यवर्धन तथा घरेलू और निर्यात बाजार में उनकी बिक्री को प्रोत्साहित करना है। अब तक इस योजना के तहत कुल 800 करोड़ रुपये के आवंटन में से 793.27 करोड़ रुपये 29 कंपनियों को प्रोत्साहन के रूप में स्वीकृत किए गए हैं। इनमें 8 बड़े उद्योग और 21 सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम (एमएसएमई) शामिल हैं।

पीएमएफएमई योजना से सूक्ष्म उद्यमों को बढ़ावा:

प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य प्रसंस्करण उद्यम उन्नयन (PMFME) योजना के अंतर्गत मिलेट आधारित उत्पादों को कई जिलों में ‘एक जिला एक उत्पाद’ (ODOP) के रूप में चिन्हित किया गया है। देश के 21 जिलों में मिलेट उत्पादों को ओडीओपी के तहत शामिल किया गया है, जिससे स्थानीय स्तर पर उद्यमिता को बढ़ावा मिल रहा है।

इसके अलावा अंतर्राष्ट्रीय मिलेट वर्ष 2023 के दौरान विभिन्न राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के 30 जिलों में मिलेट महोत्सव आयोजित किए गए। इन आयोजनों का उद्देश्य मिलेट प्रसंस्करण से जुड़े सूक्ष्म उद्यमियों, स्टार्टअप और छोटे व्यवसायों को प्रोत्साहित करना था। 31 दिसंबर 2025 तक पीएमएफएमई योजना के तहत देशभर में मिलेट प्रसंस्करण से जुड़े 4,612 सूक्ष्म खाद्य प्रसंस्करण उद्यमों को मंजूरी दी जा चुकी है। इन इकाइयों को कुल 91.20 करोड़ रुपये की सब्सिडी प्रदान की गई है।

पीएम किसान संपदा योजना से बढ़ेगा प्रसंस्करण ढांचा:

प्रधानमंत्री किसान संपदा योजना (PMKSY) के अंतर्गत खाद्य प्रसंस्करण एवं संरक्षण क्षमता सृजन/विस्तार (CEFPPC) घटक के तहत भी मिलेट प्रसंस्करण को बढ़ावा दिया जा रहा है। इस योजना के अंतर्गत देश में एक नई खाद्य प्रसंस्करण इकाई को स्वीकृति प्रदान की गई है, जिससे प्रसंस्करण क्षमता और मूल्यवर्धन में वृद्धि की उम्मीद है।

ब्रांडिंग और मार्केटिंग को भी मिल रही सहायता:

पीएमएफएमई योजना के ब्रांडिंग और मार्केटिंग घटक के अंतर्गत किसान उत्पादक संगठनों (FPO), स्वयं सहायता समूहों (SHG), सहकारी समितियों और सूक्ष्म खाद्य प्रसंस्करण उद्यमों को सहायता प्रदान की जाती है।
इस सहायता के माध्यम से मिलेट आधारित उत्पादों के लिए साझा ब्रांडिंग, पैकेजिंग और गुणवत्ता नियंत्रण की व्यवस्था विकसित की जा रही है। इसके साथ ही खाद्य सुरक्षा मानकों के अनुरूप उत्पादों को खुदरा बाजार तक पहुंचाने में भी मदद दी जा रही है।

मिलेट उत्पादों की बिक्री और खरीद में तेज वृद्धि: पीएलआई योजना के तहत स्वीकृत लाभार्थियों के मिलेट आधारित उत्पादों की बिक्री में तेजी से वृद्धि हुई है। वर्ष 2020-21 में जहां इन उत्पादों की बिक्री लगभग 35 करोड़ रुपये थी, वहीं 2024-25 तक यह बढ़कर 814 करोड़ रुपये तक पहुंच गई। इसी तरह मिलेट की खरीद में भी उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई है। वर्ष 2020-21 में जहां 1,092 मीट्रिक टन मिलेट की खरीद की गई थी, वहीं 2024-25 में यह बढ़कर 16,130 मीट्रिक टन तक पहुंच गई।

FAQs:

1. मिलेट आधारित खाद्य उत्पाद क्या होते हैं?
मिलेट जैसे ज्वार, बाजरा, रागी आदि से बने खाद्य पदार्थों को मिलेट आधारित खाद्य उत्पाद कहा जाता है।

2. पीएलआई योजना में मिलेट उत्पादों के लिए कितना बजट रखा गया है?
मिलेट आधारित उत्पादों के लिए PLI योजना में 800 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।

3. अब तक कितनी कंपनियों को प्रोत्साहन मिला है?
इस योजना के तहत 29 कंपनियों को 793.27 करोड़ रुपये की स्वीकृति दी जा चुकी है।

4. PMFME योजना का मिलेट से क्या संबंध है?
PMFME योजना के तहत कई जिलों में मिलेट उत्पादों को ODOP (एक जिला एक उत्पाद) के रूप में शामिल किया गया है।

5. मिलेट उत्पादों की बिक्री में कितनी वृद्धि हुई है?
मिलेट उत्पादों की बिक्री 35 करोड़ रुपये से बढ़कर 814 करोड़ रुपये तक पहुंच गई है।

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