केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने व्यवसाय सुगमता को बढ़ावा देने और खाद्य सुरक्षा मानकों को मजबूत बनाने के लिए व्यापक नियमात्मक और प्रक्रियागत सुधारों की मंजूरी दी है। ये सुधार राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों और हितधारकों के साथ विस्तृत विचार-विमर्श के बाद अंतिम रूप दिए गए हैं और नीति आयोग द्वारा गठित उच्च स्तरीय गैर-वित्तीय नियम सुधार समिति की सिफारिशों के अनुरूप हैं।
नियामक बोझ को कम करने के लिए अब FSSAI पंजीकरण और लाइसेंस की स्थायी वैधता को मंजूरी दी गई है। पहले पंजीकरण और लाइसेंस समय-समय पर नवीनीकरण के अधीन होते थे। अब इसे स्थायी कर देने से व्यवसायियों को बार-बार लाइसेंस नवीनीकरण की आवश्यकता नहीं होगी। इससे अनुपालन लागत, कागजी कार्रवाई और लाइसेंसिंग प्राधिकरणों से बार-बार संपर्क की जरूरत घटेगी, साथ ही व्यवसाय संचालन की निरंतरता भी बेहतर होगी।
1 अप्रैल 2026 से पंजीकरण के लिए कारोबार सीमा ₹12 लाख से बढ़ाकर ₹1.5 करोड़ कर दी गई है, जबकि राज्य स्तर की लाइसेंसिंग सीमा ₹50 करोड़ तक निर्धारित की गई है। इसके ऊपर केंद्रीय लाइसेंसिंग लागू होगी। इससे राज्य प्राधिकरणों की भूमिका मजबूत होगी और वे अधिक प्रभावी ढंग से निगरानी, सुविधा और नियम प्रवर्तन पर ध्यान केंद्रित कर सकेंगे। माइक्रो और छोटे खाद्य व्यवसायों के लिए अनुपालन सरल होगा, कागजी कार्रवाई और शुल्क घटेंगे, पूर्व निरीक्षण की आवश्यकता समाप्त होगी और तुरंत पंजीकरण की सुविधा मिलेगी।
सड़क किनारे खाद्य विक्रेता, जो 2014 के स्ट्रीट वेंडर्स (रोजगार सुरक्षा और नियमन) अधिनियम के तहत नगरपालिका या टाउन वेंडिंग कमिटी में पंजीकृत हैं, उन्हें FSSAI के तहत ‘मानक पंजीकृत’ माना जाएगा। इस कदम से 10 लाख से अधिक स्ट्रीट फूड विक्रेताओं को अलग-अलग विभागों में पंजीकरण की आवश्यकता समाप्त होगी। इससे उनका व्यवसाय और रोज़गार सुरक्षित रहेगा और वे अपने व्यावसायिक संचालन और स्वच्छता पर ध्यान केंद्रित कर सकेंगे।
तकनीक आधारित जोखिम-आधारित निरीक्षण:
सुधारों के तहत एक तकनीक-सक्षम, गतिशील और जोखिम-आधारित निरीक्षण प्रणाली लागू की गई है। इसमें निरीक्षण खाद्य उत्पाद की प्रकृति, व्यवसायी का पिछला अनुपालन रिकॉर्ड, तृतीय-पक्ष ऑडिट प्रदर्शन और प्रवर्तन एवं निगरानी गतिविधियों के इनपुट के आधार पर किया जाएगा। इससे नियमों का पालन करने वाले व्यवसायियों पर अनावश्यक निरीक्षण कम होंगे और निगरानी अधिक फोकस्ड, पारदर्शी और प्रभावी होगी।
FAQs:
1. FSSAI लाइसेंस की वैधता में क्या बदलाव हुआ है?
अब FSSAI पंजीकरण और लाइसेंस को स्थायी वैधता दी गई है, जिससे बार-बार नवीनीकरण की आवश्यकता नहीं होगी।
2. FSSAI पंजीकरण के लिए नई कारोबार सीमा क्या है?
1 अप्रैल 2026 से पंजीकरण के लिए कारोबार सीमा ₹12 लाख से बढ़ाकर ₹1.5 करोड़ कर दी गई है।
3. राज्य स्तर की लाइसेंसिंग सीमा कितनी तय की गई है?
राज्य स्तर पर लाइसेंसिंग की सीमा ₹50 करोड़ तक निर्धारित की गई है।
4. स्ट्रीट फूड वेंडर्स को इस फैसले से क्या फायदा होगा?
नगरपालिका या टाउन वेंडिंग कमिटी में पंजीकृत स्ट्रीट फूड विक्रेताओं को FSSAI के तहत मानक पंजीकृत माना जाएगा।
5. जोखिम-आधारित निरीक्षण प्रणाली क्या है?
इस प्रणाली में खाद्य व्यवसायों का निरीक्षण उनके जोखिम स्तर, पिछले अनुपालन रिकॉर्ड और ऑडिट प्रदर्शन के आधार पर किया जाएगा।