केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण तथा ग्रामीण विकास मंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने महाराष्ट्र में तूर (अरहर) की 3.37 लाख मीट्रिक टन खरीद को मूल्य समर्थन योजना (PSS) के तहत स्वीकृति प्रदान की है। इस खरीद पर न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) के तहत लगभग ₹2,696 करोड़ की राशि व्यय की जाएगी। यह निर्णय आज नई दिल्ली में आयोजित एक उच्चस्तरीय बैठक में लिया गया।
बैठक के दौरान केंद्रीय मंत्री श्री चौहान ने महाराष्ट्र के विपणन मंत्री श्री जयकुमार रावल के साथ तूर खरीद से जुड़ी व्यवस्थाओं पर विस्तृत चर्चा की। इस दौरान नेफेड (NAFED), एन.सी.सी.एफ. (NCCF) तथा राज्य के संबंधित अधिकारियों को खरीद प्रक्रिया को सुचारु रूप से संचालित करने के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।
उन्होंने कहा कि तूर की खरीद से केंद्र सरकार पर बड़ा वित्तीय भार आएगा, लेकिन इसके बावजूद प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में सरकार किसानों के हितों की रक्षा के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। उन्होंने स्पष्ट किया कि किसानों की आय और हितों को सुरक्षित रखना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है।
उन्होंने कहा कि तूर की खरीद प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी और सुव्यवस्थित होनी चाहिए। किसानों से सीधी खरीद से बिचौलियों की भूमिका कम होगी और इसका वास्तविक लाभ सीधे किसानों तक पहुंचेगा। उन्होंने यह भी कहा कि खरीद में किसी प्रकार की अनियमितता बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
उन्होंने निर्देश दिए कि नेफेड और एन.सी.सी.एफ. राज्य सरकार के साथ समन्वय बनाकर खरीद प्रक्रिया का संचालन करें। साथ ही, आधुनिक और प्रभावी तकनीक के उपयोग से किसानों के पंजीकरण की उचित व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा, ताकि पूरी प्रक्रिया में पारदर्शिता बनी रहे।
किसानों की सुविधा के लिए खरीद केंद्र बढ़ाने के निर्देश: उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि आवश्यकता पड़ने पर खरीद केंद्रों की संख्या बढ़ाई जाए, जिससे किसानों को लंबी दूरी तय न करनी पड़े और उन्हें किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े। उन्होंने कहा कि खरीद व्यवस्था सरल, पारदर्शी और किसान-हितैषी होनी चाहिए।
FAQs:
Q1. PSS के तहत तूर की खरीद किस राज्य में होगी?
उत्तर: महाराष्ट्र में।
Q2. तूर की कुल कितनी मात्रा खरीदी जाएगी?
उत्तर: 3.37 लाख मीट्रिक टन।
Q3. MSP के तहत कुल कितनी राशि खर्च होगी?
उत्तर: लगभग ₹2,696 करोड़।
Q4. तूर खरीद में कौन-कौन सी एजेंसियां शामिल हैं?
उत्तर: NAFED और NCCF।
Q5. किसानों को इस फैसले से क्या लाभ होगा?
उत्तर: MSP पर सीधी खरीद, पारदर्शिता और बेहतर आय सुरक्षा।