केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण तथा ग्रामीण विकास मंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने वर्ष 2024-25 की बागवानी फसलों के क्षेत्रफल और उत्पादन के तृतीय अग्रिम अनुमान जारी किए। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में कृषि और बागवानी क्षेत्र लगातार नई ऊंचाइयों को छू रहा है और किसानों की मेहनत का सकारात्मक परिणाम अब स्पष्ट दिखाई देने लगा है।
जारी आंकड़ों के अनुसार, देश में बागवानी फसलों का कुल क्षेत्रफल 4 लाख हेक्टेयर बढ़कर 294.88 लाख हेक्टेयर हो गया है, जो पिछले वर्ष 290.86 लाख हेक्टेयर था।
वहीं उत्पादन में भी 143.11 लाख टन की बढ़ोतरी अनुमानित है, जो 3547.44 लाख टन से बढ़कर 3690.55 लाख टन तक पहुंच सकता है।
श्री शिवराज सिंह ने कहा कि यह वृद्धि किसानों की मेहनत, वैज्ञानिकों के निरंतर प्रयास, बेहतर बीजों की उपलब्धता, आधुनिक तकनीक के उपयोग और सरकार की किसान हितैषी नीतियों का प्रत्यक्ष परिणाम है।
केंद्रीय मंत्री के अनुसार फलों और सब्जियों के उत्पादन में विशेष प्रगति दर्ज की गई है:
इसमें केला, आम, तरबूज, कटहल, मंदारिन, पपीता और अमरूद का महत्वपूर्ण योगदान रहा।
विशेष रूप से प्याज उत्पादन में बड़ी छलांग दर्ज हुई है, जो पिछले वर्ष 242.67 लाख टन से बढ़कर 307.89 लाख टन तक पहुंच सकता है—यानी 26.88% वृद्धि।
मसालों, सुगंधित एवं औषधीय पौधों के उत्पादन में वृद्धि
तृतीय अग्रिम अनुमान के अनुसार:
भारत कृषि में वैश्विक नेतृत्व की ओर अग्रसर:
केंद्रीय कृषि मंत्री ने कहा कि सरकार किसानों के लिए आधुनिक तकनीकों को तेजी से कृषि क्षेत्र में ला रही है, जिससे उत्पादकता और आय दोनों बढ़ रही हैं। बेहतर बीज, उन्नत तकनीक, बागवानी विस्तार और बाजार व्यवस्था में सुधार के चलते भारत कृषि के क्षेत्र में वैश्विक नेतृत्व की ओर बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में आत्मनिर्भर भारत के लक्ष्य को मजबूत करते हुए कृषि क्षेत्र में लगातार सुधार किए जा रहे हैं, ताकि हर किसान अधिक समृद्ध और सक्षम बन सके।
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