मध्य प्रदेश के किसानों के लिए बड़ी राहत की खबर है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव 27 नवंबर को श्योपुर जिले में उन धान किसानों को राहत राशि जारी करेंगे, जिनकी फसल हालिया बारिश से बुरी तरह प्रभावित हुई है। राज्य सरकार ने गेहूं की खरीद 2600 रुपये प्रति क्विंटल की दर से करने का निर्णय लिया है, जबकि सोयाबीन का मॉडल रेट बढ़कर 4,285 रुपये प्रति क्विंटल पहुंच गया है। भावांतर भुगतान योजना के तहत किसानों को सोयाबीन का पूरा एमएसपी 5,328 रुपये प्रति क्विंटल सुनिश्चित किया जा रहा है।
हाल ही में हुई भारी बारिश के कारण कई किसानों की धान की फसल खेतों में ही खराब हो गई थी। इसकी समीक्षा के बाद राज्य सरकार ने प्रभावित किसानों के लिए राहत राशि जारी करने का निर्णय लिया है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि किसानों के हितों की रक्षा सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। मध्य प्रदेश देश का पहला राज्य है जहां सोयाबीन किसानों को भावांतर योजना के माध्यम से अंतर राशि (भावांतर) समय पर और पर्याप्त रूप से उपलब्ध कराई जा रही है। उन्होंने बताया कि सिंचाई के लिए किसानों पर आर्थिक बोझ न बढ़े, इसके लिए 3 HP और 5 HP पंपिंग सेट पर सरकार 90% तक भुगतान कर रही है। साथ ही, किसानों को धान पर बोनस देने और गेहूं 2600 रुपये क्विंटल की दर से खरीदने का फैसला लिया गया है।
कई दिनों से बने संशय के बीच अंततः राज्य सरकार ने स्पष्ट कर दिया है कि इस साल भी MSP से अधिक दर पर गेहूं खरीदा जाएगा। केंद्र द्वारा निर्धारित 2585 रुपये MSP के ऊपर राज्य सरकार 15 रुपये का बोनस देगी। इस तरह कुल मूल्य 2600 रुपये प्रति क्विंटल किसानों को मिलेगा।
सोयाबीन का मॉडल रेट लगातार बढ़ रहा है:
भावांतर योजना के तहत सोयाबीन का मॉडल रेट 10 से 20 नवंबर तक लगातार बढ़ोतरी के साथ 4036 रुपये से बढ़कर 4267 रुपये पहुंच गया, जो अब 4285 रुपये पर स्थिर है। यह मॉडल रेट उन किसानों के लिए मान्य है जिन्होंने अपनी उपज मंडी में बेची है। राज्य सरकार ने आश्वस्त किया है कि हर किसान को सोयाबीन का न्यूनतम समर्थन मूल्य 5,328 रुपये प्रति क्विंटल अवश्य मिलेगा, और मॉडल रेट एवं MSP के अंतर की राशि सरकार द्वारा दी जाएगी।
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