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गेहूं की पैदावार 2 गुना! जानें सबसे कम रोग वाली और बम्पर उपज वाली 5 किस्में

गेहूं की उन्नत किस्में
गेहूं की उन्नत किस्में

रबी सीजन की शुरुआत होते ही देशभर में किसान गेहूं की बुवाई की तैयारी में जुट जाते हैं। हर वर्ष किसान इस बात को लेकर चिंतित रहते हैं कि कौन-सी किस्म उन्हें अधिक उपज, बेहतर दाना गुणवत्ता और कम रोग समस्या के साथ अधिक लाभ देगी। विशेषज्ञों के अनुसार, फसल की सफलता काफी हद तक सही किस्म के चयन पर निर्भर करती है, क्योंकि जलवायु और मिट्टी दोनों ही गेहूं की ग्रोथ और उपज को प्रभावित करते हैं।

इसी को ध्यान में रखते हुए कृषि वैज्ञानिकों ने इस सीजन के लिए पांच हाई-यील्ड और रोग-प्रतिरोधी गेहूं किस्मों की पहचान की है। इन किस्मों से किसानों को औसतन 45–50 क्विंटल/हेक्टेयर, जबकि अनुकूल परिस्थितियों में 60–70 क्विंटल/हेक्टेयर तक उपज मिल सकती है।

ये किस्में न केवल अधिक उत्पादन देने वाली हैं, बल्कि इनका दाना उच्च गुणवत्ता वाला, चपाती और प्रोसेसिंग के लिए भी उत्तम माना जाता है। आइए जानते हैं इन पांच प्रमुख किस्मों की खूबियों के बारे में

1. मुक्तिनाथ 3170:

मुक्तिनाथ 3170 एक कठोर दानों वाली किस्म है, जो पिसाई और प्रोसेसिंग के लिए बेहतरीन मानी जाती है।

मुख्य विशेषताएं:

  1. सूखा प्रभावित क्षेत्रों में भी स्थिर उत्पादन
  2. भूरा व पत्ती रतुआ रोग के प्रति प्रतिरोधी
  3. महाराष्ट्र और कर्नाटक के सिंचित क्षेत्रों के लिए उपयुक्त
  4. औसत उपज: 45.03 क्विं./हे.
  5. अधिकतम उपज: 59.8 क्विं./हे.

2. जीडब्ल्यू 451 (GW 451):

गुजरात के गर्म क्षेत्रों में लोकप्रिय यह किस्म आटा और सेमोलिना उद्योग के लिए पसंद की जाती है।

मुख्य विशेषताएं:

  1. अत्यधिक कठोर दाना
  2. उच्च तापमान में भी स्थिर उत्पादन
  3. भूरा रतुआ प्रतिरोधी
  4. औसत उपज: 44.14 क्विं./हे.
  5. अधिकतम उपज: 57.55 क्विं./हे.

3. एचआई (HI) 1633 / पूसा गेहूं 1633:

यह किस्म उच्च प्रोटीन और बेहतरीन चपाती गुणवत्ता के लिए किसानों की पहली पसंद बनी हुई है।

मुख्य विशेषताएं:

  1. सिंचित क्षेत्रों के लिए आदर्श
  2. उत्पादन और गुणवत्ता का संतुलन
  3. पीला और भूरा रतुआ प्रतिरोधी
  4. औसत उपज: 49.2 क्विं./हे.
  5. अधिकतम उपज: 67.9 क्विं./हे.
  6. मध्य प्रदेश, गुजरात, छत्तीसगढ़ के लिए उपयुक्त

4. करन नरेंद्र (Karan Narendra / DBW 222):

पूर्वी भारत के आर्द्र और नमी वाले क्षेत्रों के लिए उत्कृष्ट किस्म।

मुख्य विशेषताएं:

  • चपाती और ब्रेड दोनों के लिए उपयुक्त दाना
  • नमी और तापमान के उतार-चढ़ाव में भी स्थिर उत्पादन
  • भूरा रतुआ रोग प्रतिरोधी
  • औसत उपज: 48.9 क्विं./हे.
  • अधिकतम उपज: 62.0 क्विं./हे.
  • बिहार, बंगाल और पूर्वी यूपी के लिए उत्तम विकल्प

5. पीबीडब्ल्यू (PBW) 826 — टॉप हाई-यील्डिंग वैरायटी:

यह किस्म इस वर्ष सबसे अधिक पसंद की जा रही है, क्योंकि इसकी उपज क्षमता रिकॉर्ड स्तर पर है।

मुख्य विशेषताएं:

  1. अत्यधिक उत्पादन क्षमता
  2. कठोर और पोषक दाना
  3. पूर्वी भारत में तेजी से लोकप्रिय
  4. औसत उपज: 49.7 क्विं./हे.
  5. अधिकतम उपज: 70.5 क्विं./हे.
  6. बिहार, झारखंड, पश्चिम बंगाल और पूर्वी यूपी के लिए उपयुक्त

किसान कैसे चुनें सही गेहूं की किस्म?

विशेषज्ञ निम्न बातों पर विशेष ध्यान देने की सलाह देते हैं—

  1. मिट्टी व जलवायु: क्षेत्र की मिट्टी, तापमान और वर्षा के आधार पर किस्म चुनें।
  2. सिंचाई उपलब्धता: सिंचित क्षेत्र के लिए HI 1633, जबकि कम पानी वाले क्षेत्रों के लिए Muktinath 3170 उपयुक्त है।

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