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शीतलहर और पाले का खतरा बढ़ा, रबी फसलों के लिए किसानों को सतर्क रहने की सलाह | Khetivyapar

शीतलहर और पाला खतरा
शीतलहर और पाला खतरा

किसान कल्याण एवं कृषि विकास विभाग ने किसानों को शीतलहर और पाले से रबी फसलों की सुरक्षा के लिए सतर्क रहने की सलाह दी है। उन्होंने बताया कि वर्तमान में तापमान में लगातार गिरावट दर्ज की जा रही है, जिससे रबी फसलों पर पाले का खतरा बढ़ गया है। विशेषकर यदि शाम के समय उत्तरी हवाएं चलती हैं, तो पाले की संभावना और अधिक हो जाती है। ऐसे में किसान नीचे दिए गए उपाय अपनाकर अपनी फसलों को नुकसान से बचा सकते हैं।

1. खेत के आसपास धुआं करें:

पाले से बचाव के लिए खेत की मेड़ों पर 6–7 स्थानों पर धुआं करना प्रभावी उपाय है। धुआं करने से खेत का तापमान जमाव बिंदु तक नहीं गिरता और फसलों को पाले से होने वाले नुकसान से बचाया जा सकता है। इसके लिए सूखी पत्तियां, भूसा या अन्य जैविक सामग्री का उपयोग किया जा सकता है।

2. पौधों को ढककर रखें:

पाले का सबसे अधिक असर नर्सरी में लगे पौधों पर होता है। इसलिए रात के समय नर्सरी में पौधों को प्लास्टिक शीट से ढकने की सलाह दी गई है। इससे अंदर का तापमान लगभग 2–3 डिग्री सेल्सियस तक बढ़ जाता है और पौधे सुरक्षित रहते हैं। प्लास्टिक की अनुपस्थिति में पुआल का भी उपयोग किया जा सकता है। ध्यान रखें कि पौधों को ढकते समय दक्षिण-पूर्व दिशा खुली रखें, ताकि सुबह और दोपहर की धूप पौधों को मिलती रहे।

3. रासायनिक उपचार अपनाएं:

यदि पाले की संभावना हो, तो फसलों पर 0.1 प्रतिशत गंधक के तेजाब (सल्फ्यूरिक एसिड) के घोल का छिड़काव करें। इसके लिए 1 लीटर गंधक के तेजाब को 1000 लीटर पानी में घोलकर एक हेक्टेयर क्षेत्र में प्लास्टिक स्प्रेयर से छिड़काव करें। छिड़काव का प्रभाव लगभग दो सप्ताह तक रहता है। यदि इसके बाद भी शीतलहर और पाले की स्थिति बनी रहे, तो 15–15 दिन के अंतराल पर छिड़काव दोहराएं।

4. सल्फर का प्रयोग भी लाभकारी:

सल्फर 90 प्रतिशत डब्ल्यूडीजी पाउडर को 3 किलोग्राम प्रति एकड़ की दर से छिड़काव करने के बाद सिंचाई करें। वहीं, सल्फर 80 प्रतिशत डब्ल्यूडीजी पाउडर को 40 ग्राम प्रति पंप (15 लीटर पानी) में घोलकर फसल पर स्प्रे किया जा सकता है।

FAQs:

Q1. शीतलहर और पाले का असर किन फसलों पर ज्यादा होता है?
गेहूं, चना, सरसों, मटर, आलू और सब्जी फसलों पर।

Q2. पाले से बचाव के लिए धुआं कब करना चाहिए?
देर रात या तड़के सुबह, जब तापमान सबसे कम हो।

Q3. क्या सिंचाई से पाले का असर कम होता है?
हाँ, हल्की सिंचाई से मिट्टी का तापमान संतुलित रहता है।

Q4. सल्फर छिड़काव कितने दिन तक असरदार रहता है?
लगभग 10–15 दिनों तक।

Q5. मौसम की जानकारी कहाँ से लें?
कृषि विभाग या भरोसेमंद प्लेटफॉर्म Khetivyapar से।

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