राज्य सरकार किसान कल्याण और ग्रामीण विकास को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही है। प्रदेश में हर खेत तक सिंचाई का पानी पहुंचाने के लिए तेजी से काम किया जा रहा है, जिससे कृषि क्षेत्र को मजबूती मिल रही है। इसी क्रम में विदिशा जिले के शमशाबाद में आयोजित कार्यक्रम में किसानों के लिए कई महत्वपूर्ण घोषणाएं की गईं। इस दौरान किसानों को फसल बोनस और योजनाओं का लाभ देने के साथ-साथ जिले के विकास के लिए 163 करोड़ रुपये की परियोजनाओं की सौगात भी दी गई। साथ ही महिला सशक्तिकरण, कौशल प्रशिक्षण और पशुपालन को बढ़ावा देने के लिए नई पहलों की भी घोषणा की गई।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि विदिशा जिला कृषि उत्पादन के क्षेत्र में प्रदेश के अग्रणी जिलों में शामिल है। राज्य सरकार ने भावांतर भुगतान योजना के तहत सोयाबीन उत्पादक किसानों के खातों में लगभग 1500 करोड़ रुपये की राशि अंतरित की है। अब सरसों की फसल को भी इस योजना के अंतर्गत खरीदा जाएगा। साथ ही उड़द की फसल पर 600 रुपये प्रति क्विंटल बोनस देने का निर्णय लिया गया है।
उन्होंने बताया कि गेहूं खरीद के लिए पंजीयन की अंतिम तिथि बढ़ा दी गई है और राज्य सरकार किसानों से 2625 रुपये प्रति क्विंटल की दर से गेहूं खरीदेगी, जिसमें 40 रुपये प्रति क्विंटल बोनस शामिल है। सरकार का लक्ष्य वर्ष 2028 तक किसानों को गेहूं का मूल्य 2700 रुपये प्रति क्विंटल दिलाना है।
कार्यक्रम में मुख्यमंत्री का पारंपरिक साफा और गजमाला पहनाकर स्वागत किया गया। उन्होंने लाड़ली लक्ष्मी योजना, मुख्यमंत्री नरवाई प्रबंधन योजना, प्रधानमंत्री जीवन बीमा योजना, मुद्रा योजना, कृषि यंत्र वितरण, पशुधन और खाद्य प्रसंस्करण योजनाओं के हितग्राहियों को प्रमाण-पत्र और लाभ वितरित किए।
राज्य सरकार ने जिले के समग्र विकास के लिए लगभग 163 करोड़ रुपये की विभिन्न परियोजनाओं की सौगात दी। इसमें करीब 60 करोड़ रुपये की लागत से 41 विकास कार्यों का लोकार्पण किया गया, जिनमें कुरवाई का सांदीपनि विद्यालय भी शामिल है। इसके अलावा 104.56 करोड़ रुपये की लागत से 56 नई विकास परियोजनाओं का भूमि-पूजन किया गया, जिसमें विदिशा महाविद्यालय के उन्नयन का कार्य भी शामिल है।
उन्होंने बताया कि राज्य बजट में विदिशा जिले को 116 करोड़ रुपये की नई सड़कों की स्वीकृति भी मिली है। भविष्य में प्रस्ताव मिलने पर शमशाबाद का नाम सूर्य नगर किए जाने की प्रक्रिया भी आगे बढ़ाई जाएगी।
मध्यप्रदेश सरकार ने बताया कि महिला सशक्तिकरण को बढ़ावा देने के लिए विदिशा से कौशल प्रशिक्षण कार्यक्रम “नव्या” की शुरुआत पायलट प्रोजेक्ट के रूप में की गई है। यह योजना देश के 9 राज्यों के 27 जिलों में लागू की गई है, जिनमें विदिशा मध्यप्रदेश का एकमात्र जिला है। इस कार्यक्रम के तहत 10वीं पास युवतियों को स्वरोजगार के लिए प्रशिक्षण दिया जाएगा।
उन्होंने कहा कि राज्य सरकार लाड़ली बहना योजना के अंतर्गत महिलाओं को हर माह 1500 रुपये की सहायता दे रही है और यह राशि चरणबद्ध तरीके से बढ़ाई जाएगी। प्रदेश में आधुनिक सांदीपनि विद्यालयों का निर्माण किया जा रहा है, जहां विद्यार्थियों को बेहतर शिक्षा और सर्वांगीण विकास के अवसर मिलेंगे।
गौशाला अनुदान दोगुना, 25 गायों पर 10 लाख तक मदद:
राज्य सरकार ने कहा कि प्रदेश में गौसंरक्षण और पशुपालन को प्रोत्साहित करने के लिए बड़े पैमाने पर गौशालाएं विकसित की जा रही हैं। शमशाबाद में भी एक आदर्श गौशाला स्थापित की जाएगी। राज्य सरकार ने शासकीय गौशालाओं के लिए प्रति गाय अनुदान राशि 20 रुपये से बढ़ाकर 40 रुपये कर दी है। साथ ही डॉ. भीमराव अंबेडकर कामधेनु योजना के तहत 25 गाय पालने पर 10 लाख रुपये तक के अनुदान का प्रावधान किया गया है।
महत्वपूर्ण घोषणाएं:
कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने शमशाबाद क्षेत्र के विकास के लिए कई घोषणाएं भी कीं। इनमें नगर परिषद के विकास कार्यों के लिए 3 करोड़ रुपये की स्वीकृति, शमशाबाद में नया विद्युत सब-स्टेशन स्थापित करना तथा संजय सागर और सगढ़ सिंचाई परियोजनाओं का परीक्षण कर विकास कार्य आगे बढ़ाना शामिल है।
FAQs:
1. सोयाबीन किसानों को कितनी राशि दी गई है?
मध्यप्रदेश सरकार ने भावांतर भुगतान योजना के तहत सोयाबीन किसानों को लगभग 1500 करोड़ रुपये का भुगतान किया है।
2. गेहूं खरीद का भाव क्या तय किया गया है?
सरकार इस साल किसानों से 2625 रुपये प्रति क्विंटल की दर से गेहूं खरीदेगी, जिसमें 40 रुपये बोनस शामिल है।
3. क्या सरसों भी भावांतर भुगतान योजना में शामिल होगी?
हाँ, अब सरसों की फसल को भी इस योजना के अंतर्गत खरीदा जाएगा।
4. उड़द की फसल पर कितना बोनस मिलेगा?
उड़द की फसल पर किसानों को 600 रुपये प्रति क्विंटल बोनस दिया जाएगा।
5. किसानों के लिए घोषित विकास परियोजनाओं की लागत कितनी है?
विदिशा जिले के विकास के लिए लगभग 163 करोड़ रुपये की परियोजनाओं की घोषणा की गई है।