फरवरी के अंत से ही देश के कई हिस्सों में तापमान तेजी से बढ़ने लगा है। बढ़ती गर्मी को देखते हुए कृषि वैज्ञानिकों ने किसानों को खड़ी फसलों और सब्जियों में आवश्यकता अनुसार हल्की सिंचाई करने की सलाह दी है। सिंचाई करते समय यह ध्यान रखना जरूरी है कि हवा शांत हो, क्योंकि तेज हवा में सिंचाई करने से पौधों के गिरने का खतरा बढ़ जाता है। आने वाले दिनों में तापमान और बढ़ने की संभावना को देखते हुए किसानों को फसल प्रबंधन में विशेष सतर्कता बरतने की जरूरत है।
मार्च का महीना मूंग और उड़द की बुवाई की तैयारी के लिए उपयुक्त माना जाता है। कृषि विशेषज्ञों ने किसानों को प्रमाणित स्रोतों से उन्नत बीज लेने की सलाह दी है। मूंग की पूसा विशाल, पूसा बैसाखी, पीडीएम-11 और एसएमएल-32 किस्में उपयुक्त बताई गई हैं। वहीं उड़द की पंत उड़द-19, पंत उड़द-30, पंत उड़द-35 और पीडीयू-1 किस्मों की सिफारिश की गई है। बुवाई से पहले बीजों को फसल विशेष राइजोबियम और फॉस्फोरस सोलूबिलाइजिंग बैक्टीरिया से उपचारित करना लाभकारी माना गया है।
अगेती भिंडी की बुवाई के लिए ए-4, परभनी क्रांति और अर्का अनामिका किस्में बेहतर मानी जाती हैं। बुवाई से पहले खेत में पर्याप्त नमी बनाए रखने और प्रति एकड़ 10 से 15 किलोग्राम बीज दर अपनाने की सलाह दी गई है। वर्तमान तापमान फ्रेंच बीन और गर्मी की मूली की सीधी बुवाई के लिए भी अनुकूल है। इसके अलावा टमाटर, मिर्च और कद्दूवर्गीय सब्जियों के तैयार पौधों की रोपाई भी इस समय की जा सकती है।
कृषि वैज्ञानिकों ने सब्जियों और सरसों की फसल में चेपा (एफिड) कीट की निगरानी करने की सलाह दी है। इसके नियंत्रण के लिए इमिडाक्लोप्रिड का 0.25 से 0.5 मिली प्रति लीटर पानी की दर से छिड़काव तुड़ाई के बाद करने की सलाह दी गई है। छिड़काव के बाद कम से कम एक सप्ताह तक तुड़ाई नहीं करनी चाहिए। वहीं प्याज की फसल में थ्रिप्स के प्रकोप की स्थिति में कानफिडोर 0.5 मिली को 3 लीटर पानी में घोलकर चिपकने वाले पदार्थ के साथ छिड़काव करने की सलाह दी गई है।
टमाटर और बैंगन में कीट नियंत्रण के उपाय:
टमाटर की फसल को फल छेदक कीट से बचाने के लिए खेत में पक्षियों के बैठने के लिए बसेरे लगाने और संक्रमित फलों को जमीन में दबाकर नष्ट करने की सलाह दी गई है। इसके साथ ही प्रति एकड़ 4 से 5 फेरोमोन ट्रैप लगाने से भी कीट नियंत्रण में मदद मिलती है। बैंगन की फसल में प्ररोह एवं फल छेदक कीट के प्रकोप की स्थिति में प्रभावित भागों को तुरंत हटाकर नष्ट करना चाहिए। यदि प्रकोप अधिक हो जाए तो स्पिनोसेड 48 ईसी का 1 मिली प्रति 4 लीटर पानी की दर से छिड़काव करना प्रभावी माना जाता है।
FAQs:
1. बढ़ती गर्मी में किसानों को क्या सावधानी रखनी चाहिए?
बढ़ती गर्मी में किसानों को फसलों में हल्की सिंचाई करनी चाहिए और खेत में नमी बनाए रखना जरूरी है।
2. मूंग की बुवाई के लिए कौन-सी किस्में अच्छी हैं?
पूसा विशाल, पूसा बैसाखी, पीडीएम-11 और एसएमएल-32 मूंग की उन्नत किस्में मानी जाती हैं।
3. उड़द की खेती के लिए कौन-सी किस्में उपयुक्त हैं?
पंत उड़द-19, पंत उड़द-30, पंत उड़द-35 और पीडीयू-1 किस्में अच्छी मानी जाती हैं।
4. सरसों में चेपा कीट का नियंत्रण कैसे करें?
इमिडाक्लोप्रिड 0.25 से 0.5 मिली प्रति लीटर पानी की दर से छिड़काव करने से चेपा कीट का नियंत्रण किया जा सकता है।
5. टमाटर में फल छेदक कीट से बचाव कैसे करें?
खेत में पक्षियों के बैठने के लिए बसेरे लगाना और 4-5 फेरोमोन ट्रैप प्रति एकड़ लगाना प्रभावी उपाय है।