किसानों की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए केंद्र सरकार ने नेचुरल गैस (सप्लाई रेगुलेशन) ऑर्डर, 2026 जारी किया है। इस आदेश के तहत उर्वरक उद्योग को प्राकृतिक गैस आपूर्ति की सरकारी प्राथमिकता सूची में शामिल किया गया है। उर्वरक उत्पादन प्रभावित न हो, इसके लिए सभी उर्वरक संयंत्रों को ‘प्राथमिकता सेक्टर-2’ के तहत रखा गया है।
नई व्यवस्था के अनुसार उर्वरक संयंत्रों को पिछले छह महीनों की औसत गैस खपत के आधार पर कम से कम 70 प्रतिशत प्राकृतिक गैस की आपूर्ति सुनिश्चित की जाएगी। इस कदम का उद्देश्य वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला में आने वाली बाधाओं, खासकर मध्य-पूर्व में जारी संघर्ष के कारण एलएनजी आपूर्ति पर पड़ने वाले असर से उर्वरक उत्पादन को सुरक्षित रखना है। इससे किसानों को समय पर उर्वरक उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी और खेती-किसानी की गतिविधियां बिना किसी बाधा के जारी रह सकेंगी।
इस मुद्दे पर मंगलवार को उर्वरक विभाग में एक उच्च स्तरीय बैठक आयोजित की गई। बैठक में देश की प्रमुख उर्वरक कंपनियों के वरिष्ठ अधिकारियों ने भाग लिया और अपनी तैयारियों व चुनौतियों के बारे में विभाग को विस्तृत जानकारी दी। विभाग की ओर से कंपनियों को निर्देश दिए गए कि उर्वरक संयंत्रों का संचालन लगातार जारी रखने के लिए हर संभव प्रयास किए जा रहे हैं। बैठक में पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद रहे, जिन्होंने गैस आपूर्ति को लेकर समन्वय और व्यवस्था की समीक्षा की।
उर्वरक विभाग ने किसानों को भरोसा दिलाया है कि समुद्री परिवहन या मालवाहक जहाजों की आवाजाही में किसी प्रकार की बाधा आने के बावजूद देश में उर्वरकों का पर्याप्त भंडार मौजूद है। कम खपत वाले समय में पहले से की गई अग्रिम भंडारण रणनीति के कारण बड़ा बफर स्टॉक तैयार किया गया है। खरीफ सीजन से पहले देश में कुल उर्वरक भंडार 180.12 लाख मीट्रिक टन (एलएमटी) तक पहुंच गया है। यह पिछले वर्ष 10 मार्च 2025 को उपलब्ध 131.79 एलएमटी के मुकाबले लगभग 36.6 प्रतिशत अधिक है।
इस बढ़ोतरी में खासतौर पर डीएपी (25.17 एलएमटी) और एनपीकेएस (56.30 एलएमटी) जैसे प्रमुख पोषक तत्वों के भंडार में उल्लेखनीय वृद्धि का योगदान रहा है।
| उर्वरक | स्टॉक स्थिति 10.03.2026 | स्टॉक स्थिति 10.03.2025 |
| यूरिया | 61.51 | 50.90 |
| डीएपी | 25.17 | 11.55 |
| एनपीके | 56.30 | 32.29 |
| एमओपी | 12.90 | 14.41 |
| एसएसपी | 24.24 | 22.64 |
| कुल | 180.12 | 131.79 |
यूरिया की उपलब्धता में भी बढ़ोतरी:
देश में सबसे अधिक इस्तेमाल होने वाले उर्वरक यूरिया का भंडार बढ़कर 61.51 एलएमटी हो गया है। यह मजबूत स्टॉक इस बात का संकेत है कि आगामी खरीफ सीजन के दौरान वैश्विक आपूर्ति में किसी भी तरह की बाधा का घरेलू बाजार पर ज्यादा असर नहीं पड़ेगा। सरकार ने सभी प्रकार के सब्सिडी वाले उर्वरकों की लगातार उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए जरूरी आयात भी पहले से तय कर लिए हैं। फरवरी 2026 तक भारत ने 98 एलएमटी यूरिया का आयात किया है और अगले तीन महीनों में 17 एलएमटी अतिरिक्त आयात की व्यवस्था भी की गई है। इस तरह केंद्र सरकार ने साफ संकेत दिया है कि वैश्विक परिस्थितियां चाहे जैसी भी हों, किसानों को समय पर उर्वरक उपलब्ध कराना उसकी सर्वोच्च प्राथमिकता है।
FAQs:
1. Natural Gas Supply Regulation Order 2026 क्या है?
यह केंद्र सरकार द्वारा जारी एक आदेश है जिसके तहत उर्वरक उद्योग को प्राकृतिक गैस आपूर्ति में प्राथमिकता दी गई है।
2. उर्वरक संयंत्रों को कितनी गैस आपूर्ति सुनिश्चित की जाएगी?
नई व्यवस्था के अनुसार उर्वरक संयंत्रों को पिछले छह महीनों की औसत खपत के आधार पर कम से कम 70% गैस आपूर्ति सुनिश्चित की जाएगी।
3. सरकार ने यह फैसला क्यों लिया है?
वैश्विक आपूर्ति बाधाओं और मध्य-पूर्व संघर्ष के कारण एलएनजी सप्लाई प्रभावित होने की संभावना को देखते हुए यह कदम उठाया गया है।
4. देश में अभी कुल उर्वरक स्टॉक कितना है?
10 मार्च 2026 तक देश में कुल उर्वरक भंडार 180.12 लाख मीट्रिक टन है।
5. किसानों को इससे क्या फायदा होगा?
इस फैसले से किसानों को समय पर उर्वरक उपलब्ध होंगे और खेती-किसानी की गतिविधियां बिना किसी बाधा के जारी रह सकेंगी।