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PM Krishi Sinchai Yojana: प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना 2025-26: किसान अब घर बैठे पाएँ ड्रिप और स्प्रिंकलर पर 90% तक सब्सिडी, जानिए पूरी प्रक्रिया

प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना
प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना

किसान भाइयों के लिए खुशखबरी, केंद्र सरकार ने एक बार फिर कृषि क्षेत्र में क्रांतिकारी बदलाव लाने के लिए प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना (PMKSY) 2025-26 की शुरुआत की है। इस योजना के तहत किसानों को ड्रिप और स्प्रिंकलर जैसी आधुनिक सिंचाई तकनीकों पर अब 90% तक की सरकारी सब्सिडी मिलेगी। इसका सबसे बड़ा फायदा यह है कि किसान अब कम पानी में ज्यादा फसल उगा पाएँगे, उत्पादन बढ़ेगा और खेती का खर्च घटेगा।

सरकार का लक्ष्य है कि देश का हर खेत “हर बूंद से ज्यादा फसल (More Crop Per Drop)” के सिद्धांत पर आगे बढ़े। यही वजह है कि PMKSY 2025-26 के तहत सूक्ष्म सिंचाई (Micro Irrigation) को बढ़ावा देने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है

प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना के दो प्रमुख घटक:

  1. सूक्ष्म सिंचाई पद्धति (Micro Irrigation Method): इसमें टपकन सिंचाई, मिनी/माइक्रो स्प्रिंकलर और पोर्टेबल स्प्रिंकलर शामिल हैं।
  2. अन्य हस्तक्षेप (Other Interventions): इसमें निजी नलकूप, कुआं और तालाब जैसे जल स्रोत निर्माण को शामिल किया गया है।

कितना मिलेगा अनुदान:

सरकार किसानों को सिंचाई प्रणाली लगाने पर अनुदान (Subsidy) देती है।

  1. लघु और सीमांत किसानों को ड्रिप सिंचाई पर 80% तक सहायता मिलेगी।
  2. अन्य किसानों को 70% तक,
  3. और FRA पट्टाधारक किसानों को 90% तक सहायता मिलेगी।

वहीं पोर्टेबल स्प्रिंकलर लगाने वाले सीमांत किसानों को 55% और अन्य किसानों को 45% सहायता दी जाएगी।
इसके अलावा जो किसान ड्रिप सिंचाई के लिए आवेदन करेंगे, उन्हें कुएं या तालाब जैसे अन्य कामों पर 50% अनुदान मिलेगा।

जरूरी दस्तावेज और पात्रता:

  1. पिछले दो साल की जमीन की एलपीसी (LPC) या ऑफलाइन/ऑनलाइन रसीद,
  2. अगर जमीन लीज़ पर है, तो 7 साल से अधिक की लीज़ डीड जो 1000 रुपये के स्टांप पेपर पर बनी हो और दंडाधिकारी के समक्ष सत्यापित हो।

पहले आओ, पहले पाओ का नियम लागू: इस योजना का लाभ पहले आओ, पहले पाओ के आधार पर दिया जाएगा। किसान को कंपनी द्वारा बनाए गए Estimate और Design पर हस्ताक्षर करना आवश्यक है। साथ ही, Optional Components जैसे हाइड्रो साइक्लोन फिल्टर, फर्टिलाइज़र टैंक और वाइन्डर मशीन का चयन किसान सावधानीपूर्वक करेंगे।

भुगतान और कार्य पूर्णता: कार्यादेश जारी होने के 30 दिनों के भीतर किसान को अपनी अंश राशि MIS पोर्टल पर “Bihar Horticulture Development Society, PMKSY Farmer Share” के खाते में ऑनलाइन जमा करनी होगी, अन्यथा आदेश स्वतः रद्द हो जाएगा। कार्य पूरा होने के बाद संबंधित एजेंसी या किसान को DBT (Direct Benefit Transfer) के माध्यम से नकद या वस्तु रूप में अनुदान की राशि दी जाएगी।

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