सरकार की स्टॉक और निर्यात योजनाओं के बावजूद मंडियों में गेहूं के भाव नरम पड़े हैं। वर्तमान स्थिति में केवल बांग्लादेश और नेपाल ही भारत से गेहूं खरीद रहे हैं। केंद्र सरकार ने हाल ही में 25 लाख टन गेहूं और 10 लाख टन गेहूं उत्पादों के निर्यात की अनुमति दी, जबकि स्टॉक पर लगी पाबंदियाँ हटा दी गईं, लेकिन इसका असर मंडियों में दिखाई नहीं दिया। निर्यात की खबर से बड़े स्टॉकिस्टों का मनोबल बढ़ा, मगर बड़ी मंडियों में मिल क्वालिटी गेहूं के भाव प्रति क्विंटल 10 रुपये तक गिर गए। इस बीच, अमेरिका और अन्य देशों से सस्ती गेहूं की आपूर्ति ने भारत के निर्यात पर भी दबाव बढ़ाया है।
सरकार ने गेहूं स्टॉक पर लगाई गई लिमिट हटा दी, लेकिन मंडियों में इसका असर नहीं दिखा। हाल ही में केंद्र सरकार ने 25 लाख टन गेहूं और 10 लाख टन गेहूं उत्पादों के निर्यात की अनुमति दी। हालांकि, यह योजना भी सफलता नहीं पा सकी। निर्यात की खबर से बड़े स्टॉकिस्टों का मनोबल तो बढ़ा, लेकिन बड़ी मंडियों में मिल क्वालिटी गेहूं के भाव प्रति क्विंटल 10 रुपये तक गिर गए। आम तौर पर सरकार दिसंबर–फरवरी में गेहूं की नीजी बिक्री पर नियंत्रण रखती है, लेकिन इस वर्ष स्थिति विपरीत है। अमेरिका सहित अन्य देशों से सस्ती गेहूं की आपूर्ति के कारण भी भारत के निर्यात पर दबाव है।
जनवरी 2026 vs जनवरी 2025:
|
मार्केट |
किस्म |
2026 |
2025 |
अंतर (घटा/बढा) |
|
Lucknow APMC |
Average |
2,484.91 |
2,908.88 |
-423.97 |
|
Kanpur (Grain) APMC |
Dara |
2,510.53 |
2,854.08 |
-343.55 |
|
Mumbai APMC |
Other |
3,950.00 |
4,437.62 |
-487.62 |
|
NCT of Delhi |
Dara |
2,648.10 |
3,121.72 |
-473.62 |
|
NCT of Delhi |
Deshi |
2,876.23 |
3,262.38 |
-386.15 |
फरवरी 2026 vs फरवरी 2025:
|
मार्केट |
किस्म |
2026 |
2025 |
अंतर (घट/बढ़) |
|
NCT of Delhi |
Dara |
2,549.06 |
3,045.92 |
-496.86 |
|
NCT of Delhi |
Deshi |
2,843.97 |
3,391.54 |
-547.57 |
|
Lucknow |
Average |
2,499.38 |
2,943.15 |
-443.77 |
|
Kanpur (Grain) APMC |
Dara |
2,441.97 |
2,900.83 |
-458.86 |
|
Mumbai APMC |
Other |
4,033.00 |
4,500.00 |
-467.00 |
जनवरी-फरवरी 2026 में कीमतें 2025 से कम:
देश के प्रमुख बाजारों में जनवरी और फरवरी 2026 में गेहूं के भाव पिछले वर्ष की तुलना में कम दर्ज किए गए हैं। लखनऊ एपीएमसी में जनवरी 2026 में गेहूं की औसत कीमत 2,484.91 रुपये प्रति क्विंटल रही, जबकि जनवरी 2025 में यह 2,908.88 रुपये थी। इसी तरह कानपुर के दारा गेहूं की कीमत जनवरी में 2,510.53 रुपये रही, जो 2025 में 2,854.08 रुपये थी।
दिल्ली के एनसीटी में दारा और देशी गेहूं की कीमतों में भी गिरावट देखी गई। जनवरी 2026 में दारा गेहूं 2,648.10 रुपये और देशी 2,876.23 रुपये प्रति क्विंटल बिके, जबकि 2025 में क्रमशः 3,121.72 रुपये और 3,262.38 रुपये थे।
फरवरी में भी यही रुझान जारी रहा। दिल्ली में दारा गेहूं 2,549.06 रुपये और देशी 2,843.97 रुपये प्रति क्विंटल बिके, जो पिछले वर्ष की तुलना में क्रमशः 496.86 और 547.57 रुपये कम थे। लखनऊ, कानपुर और मुंबई के बाजारों में भी 2025 की तुलना में 2026 में कीमतों में गिरावट देखी गई।
विशेषज्ञों का मानना है कि इस गिरावट के पीछे उत्पादन वृद्धि, अंतरराष्ट्रीय बाजार की स्थिति और मांग में परिवर्तन मुख्य कारण हैं। किसानों और व्यापारियों के लिए यह संकेत है कि उन्हें भविष्य में बाजार की चाल पर और अधिक नजर रखनी होगी।
मंडियों में भाव और स्टॉक की स्थिति:
बड़ी मंडियों में गेहूं के नीचे भाव ने सरकार और किसानों को एक साथ चिंतित कर दिया है। इस माह सरकार ने 11.50 लाख टन गेहूं बेचने के लिए टेंडर आमंत्रित किए, लेकिन केवल 6.21 लाख टन ही बिक सका। इससे स्पष्ट होता है कि बाजार में स्टॉक पर्याप्त है, लेकिन मांग कम है।
सरकार के गोदामों में इतना स्टॉक है कि प्रमुख अनाज वितरण योजनाओं में कोई कमी नहीं आने वाली। स्टॉकिस्टों के पास भी पर्याप्त गेहूं मौजूद है। नई फसल केंद्रित इफको प्लांट की उपलब्धता के बावजूद सरकारी बिक्री में विशेष रुचि नहीं दिखाई दी। प्रमुख उत्पादक मंडियों में मिल क्वालिटी गेहूं का भाव 2,550 से 2,725 रुपये प्रति क्विंटल के बीच चल रहा है। आम तौर पर दिसंबर से फरवरी तक मंडियों में ऊँचे दाम का खेल चलता रहा है, लेकिन इस बार गेहूं के भाव में तेजी पर नियंत्रण है।
FAQs:
1. क्या स्टॉक लिमिट हटाने से गेहूं के भाव बढ़ेंगे?
फिलहाल स्टॉक पर्याप्त होने और मांग कमजोर रहने से भाव में तेजी की संभावना सीमित है।
2. निर्यात अनुमति का बाजार पर क्या असर पड़ा?
निर्यात की खबर से स्टॉकिस्टों का मनोबल बढ़ा, लेकिन मंडियों में भाव नहीं बढ़े।
3. जनवरी–फरवरी 2026 में गिरावट क्यों आई?
उत्पादन वृद्धि, सस्ती अंतरराष्ट्रीय आपूर्ति और कम निर्यात मांग मुख्य कारण हैं।
4. प्रमुख मंडियों में वर्तमान भाव क्या हैं?
मिल क्वालिटी गेहूं का भाव ₹2,550–₹2,725 प्रति क्विंटल के बीच चल रहा है।
5. किसानों को क्या रणनीति अपनानी चाहिए?
किसानों को बाजार की स्थिति, स्टॉक और निर्यात रुझान पर नजर रखते हुए बिक्री का निर्णय लेना चाहिए।