प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की इज़रायल यात्रा ने भारत–इज़रायल संबंधों को एक नई दिशा और मजबूती दी है। दो दिनों के इस दौरे में दोनों देशों ने अपने पारंपरिक सहयोग को और विस्तार देते हुए उसे औपचारिक रूप से ‘विशेष रणनीतिक साझेदारी’ के स्तर तक ले जाने का निर्णय लिया। इस दौरान 17 समझौतों पर सहमति और 10 महत्वपूर्ण घोषणाओं के माध्यम से कृषि, मत्स्य पालन, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, शिक्षा, वित्तीय सेवाएं, श्रम सहयोग और साइबर सुरक्षा जैसे अहम क्षेत्रों में सहयोग को व्यापक रूप देने की रूपरेखा तैयार की गई।
यात्रा के दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने इज़रायल के प्रधानमंत्री Benjamin Netanyahu और राष्ट्रपति Isaac Herzog के साथ विस्तृत बातचीत की। इन चर्चाओं में द्विपक्षीय सहयोग को नई गति देने, आर्थिक और तकनीकी भागीदारी को मजबूत बनाने तथा क्षेत्रीय और वैश्विक मुद्दों पर समन्वय बढ़ाने पर विशेष जोर दिया गया। दोनों पक्षों ने भविष्य में अपने संबंधों को और अधिक गहराई और स्थायित्व देने की प्रतिबद्धता जताई।
दौरे की प्रमुख उपलब्धियों में कृषि क्षेत्र से जुड़े समझौते विशेष रूप से उल्लेखनीय रहे। Indian Council of Agricultural Research (ICAR) और इज़रायल की विकास सहयोग एजेंसी MASHAV के बीच भारत–इज़रायल इनोवेशन सेंटर फॉर एग्रीकल्चर की स्थापना पर सहमति बनी है। इस केंद्र के माध्यम से प्रिसिजन फार्मिंग, सैटेलाइट आधारित सिंचाई, आधुनिक कृषि यंत्रों के उपयोग, एकीकृत कीट प्रबंधन, फसल कटाई के बाद की तकनीकों और क्षमता निर्माण जैसे क्षेत्रों में संयुक्त अनुसंधान और तकनीकी सहयोग को बढ़ावा दिया जाएगा। साथ ही, कृषि अनुसंधान के क्षेत्र में 20 संयुक्त फेलोशिप देने की घोषणा की गई है, जिससे दोनों देशों के वैज्ञानिकों और शोधकर्ताओं को उन्नत तकनीकों पर मिलकर काम करने का अवसर मिलेगा।
मत्स्य पालन और एक्वाकल्चर के क्षेत्र में भी सहयोग को विस्तार देने पर सहमति बनी है। इसके अंतर्गत टिकाऊ एवं तकनीक-आधारित मत्स्य प्रणालियों, रोग प्रबंधन, मैरीकल्चर और सीवीड उत्पादन जैसे क्षेत्रों में अनुसंधान, प्रशिक्षण और नवाचार को प्रोत्साहन दिया जाएगा। दोनों देश ‘सेंटर ऑफ एक्सीलेंस’ के माध्यम से संयुक्त परियोजनाएं विकसित करेंगे, जिनका उद्देश्य उत्पादन बढ़ाने के साथ पर्यावरणीय संतुलन बनाए रखना होगा।
दौरे के दौरान श्रम गतिशीलता पर भी महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। वाणिज्य, सेवाएं, विनिर्माण और रेस्तरां क्षेत्र में भारतीय श्रमिकों के लिए इज़रायल में रोजगार के अवसर बढ़ाने पर सहमति बनी। इसके अलावा अगले पांच वर्षों में बड़ी संख्या में भारतीय कामगारों को अवसर उपलब्ध कराने की घोषणा भी की गई। कुल मिलाकर, यह दौरा भारत–इज़रायल संबंधों को नई ऊर्जा देने के साथ कृषि, मत्स्य और तकनीकी सहयोग के क्षेत्र में दीर्घकालिक साझेदारी की मजबूत नींव रखने वाला साबित हुआ है।
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