दक्षिण-पश्चिम मानसून लगातार आगे बढ़ रहा है और 25 जून तक इसकी उत्तरी सीमा सूरत, इंदौर, मंडला, डाल्टनगंज और मोतिहारी तक पहुंच चुकी है। मौसम विभाग के अनुसार अगले 2 से 3 दिनों के दौरान गुजरात, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, झारखंड, बिहार और उत्तर प्रदेश के कई हिस्सों में मानसून के आगे बढ़ने के लिए अनुकूल परिस्थितियां बनी हुई हैं।
इसके बाद अगले कुछ दिनों में मानसून उत्तराखंड, गुजरात, मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश के अन्य क्षेत्रों तक भी पहुंच सकता है। मानसून की सक्रियता बढ़ने के साथ देश के कई हिस्सों में बारिश, तेज हवाओं, गरज-चमक और वज्रपात की घटनाओं में वृद्धि होने की संभावना है।
पूर्वी और पश्चिमी मध्य प्रदेश में 25 से 30 जून के बीच कई स्थानों पर बारिश होने की संभावना है। कुछ क्षेत्रों में गरज-चमक और 40 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं। 25 जून को पश्चिमी मध्य प्रदेश में तेज आंधी की संभावना जताई गई है। वहीं पूर्वोत्तर मध्य प्रदेश के कुछ इलाकों में लू जैसी परिस्थितियां भी बनी रह सकती हैं।
पूर्वी भारत में मानसून मजबूत होता दिखाई दे रहा है। बिहार, झारखंड और ओडिशा में अगले कुछ दिनों तक बारिश की गतिविधियां जारी रहने का अनुमान है। झारखंड में 28 जून को भारी बारिश की संभावना है, जबकि बिहार में 28 से 30 जून के दौरान अच्छी बारिश हो सकती है। कुछ स्थानों पर 50 से 70 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं भी चल सकती हैं। उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम में 27 और 28 जून को अत्यधिक भारी वर्षा होने की संभावना है, जिससे भूस्खलन और जलभराव की स्थिति बन सकती है।
जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में 25 से 30 जून के बीच हल्की से मध्यम बारिश की संभावना है। 29 और 30 जून को उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश में भारी बारिश हो सकती है। पंजाब, हरियाणा, दिल्ली में आज का मौसम और राजस्थान के कई हिस्सों में गरज-चमक के साथ बारिश होने की संभावना है। राजस्थान में धूलभरी आंधी और तेज हवाओं का दौर जारी रह सकता है।
महाराष्ट्र और गुजरात में मानसून होगा सक्रिय:
कोंकण, गोवा, गुजरात, मध्य महाराष्ट्र और मराठवाड़ा में आगामी दिनों में बारिश की गतिविधियां बढ़ने की संभावना है। कोंकण और गोवा में 27 जून को अत्यधिक भारी बारिश हो सकती है। मध्य महाराष्ट्र और मराठवाड़ा में गरज-चमक के साथ तेज हवाएं चलने की संभावना है। कुछ स्थानों पर 70 किलोमीटर प्रति घंटे तक की रफ्तार से आंधी चल सकती है।
पूर्वोत्तर भारत में भारी बारिश जारी:
अरुणाचल प्रदेश, असम, मेघालय, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में 30 जून तक व्यापक वर्षा गतिविधियां जारी रहने की संभावना है। असम और मेघालय के कई क्षेत्रों में अत्यधिक भारी बारिश हो सकती है, जिससे निचले इलाकों में जलभराव और बाढ़ की स्थिति उत्पन्न हो सकती है।
तापमान में मिलेगी राहत:
मध्य भारत में 28 जून तक अधिकतम तापमान में 2 से 3 डिग्री सेल्सियस की गिरावट दर्ज की जा सकती है। महाराष्ट्र में भी तापमान में कमी आने की संभावना है, जिससे लोगों को गर्मी से राहत मिलेगी। हालांकि पूर्वी उत्तर प्रदेश, बिहार और पूर्वोत्तर मध्य प्रदेश के कुछ हिस्सों में अभी भी लू जैसी परिस्थितियां बनी रह सकती हैं।
किसानों के लिए महत्वपूर्ण सलाह:
जिन क्षेत्रों में मानसून पहुंच रहा है, वहां किसान धान, सोयाबीन, मक्का और अन्य खरीफ फसलों की बुवाई की तैयारी शुरू कर सकते हैं। जहां पर्याप्त वर्षा नहीं हुई है, वहां नमी संरक्षण और सिंचाई प्रबंधन पर विशेष ध्यान देना चाहिए। तेज हवाओं और वज्रपात की संभावना वाले क्षेत्रों में किसानों को कृषि उपकरणों, पशुओं और खेतों की सुरक्षा के लिए आवश्यक सावधानियां बरतने की सलाह दी गई है।
FAQs:
Q1. Monsoon Update 2026 के अनुसार मानसून कहां तक पहुंच चुका है?
उत्तर: 25 जून तक मानसून सूरत, इंदौर, मंडला, डाल्टनगंज और मोतिहारी तक पहुंच चुका है।
Q2. उत्तर प्रदेश में मानसून कब पहुंच सकता है?
उत्तर: अगले 2 से 3 दिनों में पूर्वी और पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कई हिस्सों में मानसून पहुंचने की संभावना है।
Q3. किन राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है?
उत्तर: बिहार, झारखंड, ओडिशा, असम, मेघालय, कोंकण और गोवा में भारी से अत्यधिक भारी बारिश की संभावना है।
Q4. किसानों को मानसून के दौरान क्या सावधानी बरतनी चाहिए?
उत्तर: किसानों को खेतों में जल निकासी, नमी संरक्षण, पशुओं की सुरक्षा और वज्रपात से बचाव के उपाय करने चाहिए।
Q5. मानसून का खरीफ फसलों पर क्या प्रभाव पड़ेगा?
उत्तर: अच्छी बारिश से धान, सोयाबीन, मक्का और अन्य खरीफ फसलों की बुवाई और उत्पादन को लाभ मिलने की उम्मीद है।