उड़द उत्पादक किसानों को उनकी फसल का उचित मूल्य दिलाने के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) पर खरीद अभियान शुरू कर दिया गया है। तमिलनाडु में किसानों से 78 रुपये प्रति किलोग्राम की दर पर उड़द की खरीद की जाएगी। सरकारी खरीद व्यवस्था का उद्देश्य किसानों को बाजार में कीमतों की अनिश्चितता से बचाना और उनकी आय को सुरक्षित करना है।
जानकारी के अनुसार, कामुथी क्षेत्र में NAFED द्वारा नियामित कृषि मंडी के माध्यम से उड़द की खरीद की जा रही है। इस अभियान के दौरान कुल 875 मीट्रिक टन उड़द खरीदने का लक्ष्य रखा गया है। इससे क्षेत्र के दलहन उत्पादक किसानों को अपनी उपज बेचने के लिए एक भरोसेमंद मंच मिलेगा।
खरीद प्रक्रिया में गुणवत्ता मानकों का विशेष ध्यान रखा जाएगा। निर्धारित सीमा के भीतर नमी, टूटे दाने, अशुद्धियां और कीट प्रभावित दानों वाली उपज ही खरीद के लिए पात्र होगी। इससे बेहतर गुणवत्ता वाली फसल को बढ़ावा मिलेगा और खरीद प्रक्रिया में पारदर्शिता बनी रहेगी।
खरीद केंद्रों पर उपज बेचने के इच्छुक किसानों को पहले पंजीकरण कराना होगा। इसके लिए भूमि संबंधी दस्तावेज, पहचान पत्र और बैंक खाते से जुड़ी जानकारी उपलब्ध करानी होगी। पंजीकरण के बाद किसान अपनी उपज सरकारी खरीद केंद्रों पर बेच सकेंगे।
राज्य सरकार और कृषि विपणन एजेंसियों ने किसानों को समय पर भुगतान सुनिश्चित करने के लिए विशेष व्यवस्था की है। खरीद के बाद निर्धारित अवधि में राशि सीधे किसानों के बैंक खातों में हस्तांतरित की जाएगी, जिससे भुगतान प्रक्रिया तेज और पारदर्शी बनी रहे।
उड़द किसानों के लिए राहतभरा कदम: उड़द तमिलनाडु की प्रमुख दलहनी फसलों में शामिल है और राज्य के कई जिलों में इसकी व्यापक खेती होती है। MSP पर खरीद शुरू होने से किसानों को फसल का सुनिश्चित मूल्य मिलेगा, जिससे उनकी आय में स्थिरता आएगी और दलहन उत्पादन को भी प्रोत्साहन मिलेगा। कृषि विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसी खरीद व्यवस्थाएं किसानों का भरोसा बढ़ाने के साथ-साथ देश में दलहन उत्पादन को मजबूत बनाने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं।
FAQs:
1. उड़द की MSP पर खरीद किस राज्य में शुरू हुई है?
तमिलनाडु में किसानों से MSP पर उड़द खरीद शुरू की गई है।
2. उड़द का MSP कितना निर्धारित किया गया है?
किसानों से ₹78 प्रति किलो की दर पर उड़द खरीदी जा रही है।
3. उड़द खरीद कौन कर रहा है?
कामुथी क्षेत्र में NAFED के माध्यम से उड़द खरीद की जा रही है।
4. MSP पर उड़द बेचने के लिए क्या पंजीकरण जरूरी है?
हाँ, किसानों को भूमि दस्तावेज, पहचान पत्र और बैंक विवरण के साथ पंजीकरण कराना अनिवार्य है।
5. किसानों को भुगतान कैसे मिलेगा?
उड़द खरीद के बाद भुगतान सीधे किसानों के बैंक खाते में ट्रांसफर किया जाएगा।