उत्तर प्रदेश सरकार ने गन्ना खेती को अधिक टिकाऊ, लाभकारी और पर्यावरण अनुकूल बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। गन्ना विकास विभाग और इफको की संयुक्त वर्चुअल कार्यशाला में रासायनिक उर्वरकों के अत्यधिक उपयोग को कम करने और स्मार्ट उर्वरकों के इस्तेमाल को बढ़ावा देने पर जोर दिया गया। इस दौरान किसानों तक आधुनिक कृषि तकनीक पहुंचाने, गुणवत्तापूर्ण कृषि आदानों की उपलब्धता सुनिश्चित करने और जागरूकता कार्यक्रमों को तेज करने के निर्देश दिए गए।
बैठक में सभी चीनी मिलों को निर्देश दिए गए कि किसानों को केवल अनुशंसित और स्वीकृत उर्वरक एवं कीटनाशक ही उपलब्ध कराए जाएं। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि किसी भी परिस्थिति में अधोमानक या प्रतिबंधित कृषि रसायनों का वितरण नहीं होना चाहिए, क्योंकि इससे फसल, मिट्टी और किसानों की आय पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है।
कार्यशाला में इफको के विशेषज्ञों ने नैनो यूरिया प्लस, नैनो डीएपी, सागरिका, जैव उर्वरक और वाटर सॉल्युबल फर्टिलाइजर जैसे उत्पादों के वैज्ञानिक उपयोग की जानकारी दी। विशेषज्ञों का कहना है कि इन उत्पादों के संतुलित उपयोग से मिट्टी की उर्वरता में सुधार, पौधों की बेहतर वृद्धि और उर्वरक उपयोग दक्षता बढ़ाने में मदद मिल सकती है। साथ ही खेती की लागत कम होने और उत्पादन बढ़ने की संभावना भी है।
नई तकनीकों को खेत स्तर पर परखने के लिए प्रदेश के प्रत्येक चीनी मिल क्षेत्र में स्मार्ट उर्वरकों के उपयोग के पांच-पांच प्रदर्शन प्लॉट स्थापित किए जाएंगे। फसल तैयार होने के बाद इन स्थलों पर किसान गोष्ठियों का आयोजन कर परिणाम और अनुभव किसानों के साथ साझा किए जाएंगे।
किसानों को 50 प्रतिशत अनुदान पर मिलेंगे 15 हजार स्प्रेयर:
स्मार्ट उर्वरकों के उपयोग को बढ़ावा देने के लिए प्रदेश की गन्ना समितियों के माध्यम से किसानों को 50 प्रतिशत सब्सिडी पर 5,000 पावर स्प्रेयर और 10,000 बैटरी स्प्रेयर उपलब्ध कराए जाएंगे। इससे किसानों को आधुनिक कृषि उपकरणों तक आसान पहुंच मिलेगी और उर्वरकों तथा कीटनाशकों का छिड़काव अधिक प्रभावी ढंग से किया जा सकेगा।
वृक्षारोपण और जागरूकता अभियान भी होंगे तेज:
कार्यशाला में पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा देने के लिए सभी गन्ना समितियों, परिषदों और क्षेत्रीय कार्यालयों में वृक्षारोपण अभियान चलाने का निर्णय लिया गया। "एक पेड़ मां के नाम" अभियान के तहत अधिकारियों और कर्मचारियों को पौधरोपण का संकल्प दिलाया गया। साथ ही किसानों को स्मार्ट उर्वरकों, जैव उर्वरकों और जैव कीटनाशकों के उपयोग के प्रति जागरूक करने के लिए प्रचार सामग्री और नियमित प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित करने के निर्देश भी दिए गए।
FAQs:
1. स्मार्ट उर्वरक क्या हैं?
स्मार्ट उर्वरक ऐसे आधुनिक उर्वरक हैं जो पोषक तत्वों का बेहतर उपयोग सुनिश्चित करते हैं और फसल की उत्पादकता बढ़ाने में मदद करते हैं।
2. नैनो उर्वरकों के क्या फायदे हैं?
नैनो उर्वरक मिट्टी की उर्वरता बढ़ाते हैं, पौधों की वृद्धि में सुधार करते हैं और उर्वरक की खपत को कम करते हैं।
3. किसानों को कितनी सब्सिडी पर स्प्रेयर मिलेंगे?
किसानों को 50 प्रतिशत अनुदान पर पावर स्प्रेयर और बैटरी स्प्रेयर उपलब्ध कराए जाएंगे।
4. प्रदर्शन प्लॉट क्यों बनाए जाएंगे?
नई तकनीकों और स्मार्ट उर्वरकों के परिणाम किसानों को दिखाने और जागरूकता बढ़ाने के लिए प्रदर्शन प्लॉट स्थापित किए जाएंगे।
5. गन्ना खेती में इस योजना से क्या लाभ होगा?
इससे उत्पादन लागत कम होगी, फसल की गुणवत्ता सुधरेगी, मिट्टी की सेहत बेहतर होगी और किसानों की आय बढ़ने की संभावना रहेगी।