खरीफ विपणन वर्ष 2026-27 से पहले उत्तर प्रदेश सरकार ने किसानों के हित में एक अहम पहल करते हुए 10 प्रमुख खरीफ फसलों के न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) को लेकर केंद्र सरकार को प्रस्ताव भेजा है। कृषि मंत्री की अध्यक्षता में हुई उच्चस्तरीय बैठक में धान सहित कई फसलों के लिए नए एमएसपी पर मंथन किया गया, जिसका सीधा असर किसानों की आय और फसल चयन पर पड़ सकता है।
लखनऊ में कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही की अध्यक्षता में आयोजित मूल्य परामर्शदात्री समिति की बैठक में खरीफ 2026-27 सीजन के लिए फसलों के एमएसपी पर विस्तार से चर्चा की गई। किसानों को उनकी उपज का उचित और लाभकारी मूल्य दिलाने के उद्देश्य से इन फसलों की प्रस्तावित दरें भारत सरकार को भेजी गई हैं। राज्य सरकार ने केंद्र से समय रहते एमएसपी पर निर्णय लेने का आग्रह किया है, ताकि खरीफ की बुवाई से पहले किसानों को स्पष्ट संकेत मिल सके।
विधानभवन में आयोजित इस बैठक में सहकारिता मंत्री जेपीएस राठौर और खाद्य एवं रसद राज्यमंत्री सतीश शर्मा भी उपस्थित रहे। अधिकारियों के अनुसार, चर्चा के दौरान किसानों की लागत, बाजार की मौजूदा स्थिति और पिछले वर्षों के अनुभवों को ध्यान में रखते हुए फसलों के उचित मूल्य निर्धारण पर विशेष जोर दिया गया।
बैठक में जिन फसलों के एमएसपी पर विचार किया गया, उनमें धान (ग्रेड-ए और सामान्य), ज्वार, मक्का, उड़द, अरहर, मूंग, मूंगफली, सोयाबीन और तिल शामिल हैं। कृषि मंत्री ने स्पष्ट किया कि किसानों को उनकी मेहनत का वाजिब मूल्य दिलाना राज्य सरकार की प्राथमिकता है। सरकार का मानना है कि एमएसपी की समय पर घोषणा से किसानों का भरोसा बढ़ेगा और वे खरीफ सीजन में बेहतर फसल चयन कर सकेंगे।
इसी क्रम में कृषि मंत्री ने प्रदेश में उर्वरकों की उपलब्धता और आपूर्ति व्यवस्था की भी समीक्षा की। रबी सीजन के दौरान किसानों को किसी तरह की दिक्कत न हो, इसके लिए अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए गए हैं। मंत्री ने कहा कि जिन कंपनियों ने निर्धारित लक्ष्य के अनुसार उर्वरक की आपूर्ति नहीं की है, उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने की कार्रवाई की जाए।
प्रदेश में पर्याप्त खाद भंडारण का दावा:
सरकारी आंकड़ों के अनुसार, उत्तर प्रदेश में इस समय यूरिया, डीएपी और एनपीके उर्वरकों का पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध है। प्रतिदिन औसतन 12 से 13 यूरिया रैक प्रदेश में पहुंच रही हैं। अक्टूबर 2025 से अब तक एक करोड़ से अधिक किसानों को पीओएस मशीनों के माध्यम से उर्वरक उपलब्ध कराया गया है, जिससे वितरण में पारदर्शिता बनी हुई है।
इन मंडलों में पर्याप्त उर्वरक उपलब्ध: सरकार ने दावा किया है कि सहकारी और निजी दोनों क्षेत्रों में उर्वरकों की स्थिति संतोषजनक है। बरेली, मुरादाबाद, वाराणसी और गोरखपुर मंडलों में पर्याप्त भंडारण मौजूद है। अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि मांग के अनुरूप समय पर वितरण सुनिश्चित किया जाए, ताकि किसान बिना किसी चिंता के खेती कार्य में जुटे रह सकें।
FAQs:
Q1. खरीफ विपणन वर्ष 2026-27 के लिए MSP कब तय होगा?
केंद्र सरकार द्वारा प्रस्ताव पर फैसला लेने के बाद MSP घोषित होगा।
Q2. यूपी सरकार ने कितनी फसलों के MSP का प्रस्ताव भेजा है?
कुल 10 प्रमुख खरीफ फसलों का।
Q3. MSP तय होने से किसानों को क्या फायदा होगा?
सही फसल चयन, बेहतर दाम और आय में स्थिरता मिलेगी।
Q4. क्या प्रदेश में अभी खाद की कमी है?
नहीं, सरकार के अनुसार पर्याप्त उर्वरक स्टॉक उपलब्ध है।
Q5. किसानों को कृषि से जुड़ी सही जानकारी कहां मिलेगी?
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