केंद्र सरकार ने किसानों के हितों को प्राथमिकता देते हुए एक महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण तथा ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चैाहान ने तेलंगाना सरकार के प्रस्ताव को मंजूरी देते हुए रबी सीजन 2026 के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) पर 1,25,855 मीट्रिक टन फसलों की खरीद को स्वीकृति दी है। यह खरीद प्राइस सपोर्ट स्कीम (PSS) के तहत की जाएगी, जिससे किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य सुनिश्चित किया जा सके।
इस फैसले के तहत तेलंगाना में कुल 1,25,855 मीट्रिक टन फसलों की खरीद की जाएगी। इसमें 29,860 मीट्रिक टन चना, 37,020 मीट्रिक टन उड़द, 55,285 मीट्रिक टन मूंगफली और 3,690 मीट्रिक टन सूरजमुखी शामिल हैं। केंद्र सरकार द्वारा दी गई इस स्वीकृति की कुल अनुमानित कीमत करीब 894 करोड़ रुपये है, जो सीधे तौर पर किसानों को लाभ पहुंचाएगी।
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि केंद्र सरकार का उद्देश्य किसानों को बाजार में होने वाले उतार-चढ़ाव से बचाना और उनकी उपज का उचित मूल्य दिलाना है। उन्होंने बताया कि इस फैसले से तेलंगाना के किसानों को उनकी फसलों का लाभकारी मूल्य मिलेगा और साथ ही दलहन और तिलहन फसलों के उत्पादन को भी प्रोत्साहन मिलेगा। सरकार का लक्ष्य है कि देश का हर किसान अपनी मेहनत का पूरा सम्मान और मूल्य प्राप्त कर सके।
केंद्र सरकार किसानों की आय बढ़ाने, कृषि क्षेत्र को मजबूत बनाने और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सशक्त करने के लिए लगातार प्रयास कर रही है। उन्होंने कहा कि यह निर्णय किसानों को औने-पौने दामों पर फसल बेचने की मजबूरी से बचाएगा और उन्हें आर्थिक सुरक्षा प्रदान करेगा।
तेलंगाना के किसानों को मिलेगा सीधा लाभ: इस फैसले से तेलंगाना में चना, उड़द, मूंगफली और सूरजमुखी की खेती करने वाले किसानों को सीधा फायदा मिलेगा। साथ ही यह कदम राज्य के कृषि क्षेत्र में स्थिरता, सुरक्षा और समृद्धि की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
FAQs:
फसलों की खरीद प्राइस सपोर्ट स्कीम (PSS) के तहत की जाएगी।
2. कुल कितनी फसलों की खरीद को मंजूरी मिली है?
कुल 1,25,855 मीट्रिक टन फसलों की खरीद को मंजूरी दी गई है।
3. किन फसलों की MSP पर खरीद होगी?
चना, उड़द, मूंगफली और सूरजमुखी की खरीद की जाएगी।
4. इस खरीद की कुल अनुमानित कीमत कितनी है?
इसकी कुल अनुमानित कीमत लगभग 894 करोड़ रुपये है।
5. इस फैसले से किसानों को क्या फायदा होगा?
किसानों को न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) पर फसल बेचने का मौका मिलेगा, जिससे उन्हें उनकी उपज का उचित दाम मिल सकेगा।