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खरीफ फसलों की प्रगति रिपोर्ट: 37 लाख हेक्टेयर बढ़ा बुआई क्षेत्र, धान सबसे आगे

गन्ना, कपास और जूट
गन्ना, कपास और जूट

कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय ने 15 अगस्त 2025 तक खरीफ फसलों की बुआई से जुड़ी प्रगति रिपोर्ट जारी की है। रिपोर्ट के अनुसार इस वर्ष खरीफ सीजन में अब तक लगभग 1039.81 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में बुआई की गई है, जो पिछले वर्ष (2024-25) के 1002.41 लाख हेक्टेयर के मुकाबले 37.39 लाख हेक्टेयर अधिक है।

धान की बुआई में उल्लेखनीय बढ़त Significant increase in paddy sowing:

धान की खेती में इस वर्ष उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। अब तक 398.59 लाख हेक्टेयर में धान की बुआई हो चुकी है, जबकि पिछले साल यह आंकड़ा 362.92 लाख हेक्टेयर था। इस प्रकार धान की बुआई में 35.67 लाख हेक्टेयर की बढ़त दर्ज की गई है।

दालों का क्षेत्रफल स्थिर:

दालों की बुआई में भी मामूली बढ़त देखने को मिली है। अब तक 109.52 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में दालों की बुआई हुई है, जो पिछले वर्ष की तुलना में 1.14 लाख हेक्टेयर अधिक है। उड़द में 0.92 लाख हेक्टेयर, मूंग में 0.94 लाख हेक्टेयर, कुल्थी, अन्य दलहनों और मटकी में भी हल्की बढ़त दर्ज की गई है। हालांकि तुअर (अरहर) में 1.34 लाख हेक्टेयर की कमी आई है।

मोटे अनाजों का क्षेत्र बढ़ा:

मोटे अनाजों की बुआई में कुल 182.34 लाख हेक्टेयर क्षेत्र दर्ज किया गया है, जो पिछले साल से 9.12 लाख हेक्टेयर अधिक है। मक्का में सबसे ज्यादा वृद्धि हुई है, लगभग 9.82 लाख हेक्टेयर, जबकि ज्वार, बाजरा और रागी में थोड़ी कमी दर्ज की गई है।

तिलहनों में कमी: तिलहन फसलों का कुल क्षेत्रफल 178.64 लाख हेक्टेयर रहा, जो पिछले वर्ष की तुलना में 6.74 लाख हेक्टेयर कम है। सोयाबीन में 4.77 लाख हेक्टेयर की कमी, मूंगफली में 2.09 लाख हेक्टेयर की कमी दर्ज हुई है। हालांकि अरंडी (कास्टर) में 1.21 लाख हेक्टेयर की वृद्धि हुई है।

गन्ना, कपास और जूट:

गन्ने की बुआई 57.31 लाख हेक्टेयर में हुई है, जो पिछले साल से 1.64 लाख हेक्टेयर अधिक है।
जूट और मेस्ता की बुआई में थोड़ी गिरावट आई है, कुल 5.54 लाख हेक्टेयर।
कपास का क्षेत्रफल 107.87 लाख हेक्टेयर रहा, जो पिछले साल की तुलना में 3.24 लाख हेक्टेयर कम है।

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