By khetivyapar
पोस्टेड: 21 Apr, 2026 12:00 AM IST Updated Tue, 21 Apr 2026 09:24 AM IST
प्रदेश में किसानों की आय बढ़ाने और खेती को लाभकारी बनाने के लिए सरकार ने खरीफ सीजन 2026 की तैयारियां तेज कर दी हैं। कृषि विभाग युद्ध-स्तर पर काम करते हुए बीज, उर्वरक, सिंचाई और आधुनिक तकनीकों से किसानों को जोड़ने में जुटा है। किसान कल्याण एवं कृषि विकास मंत्री एदल सिंह कंषाना ने बताया कि अन्नदाताओं की समृद्धि सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है और इसी दिशा में कई अहम कदम उठाए जा रहे हैं।
खरीफ से पहले किसानों के लिए जरूरी सलाह:
कृषि विभाग ने किसानों को बेहतर उत्पादन के लिए कुछ महत्वपूर्ण सुझाव दिए हैं
- मिट्टी की जांच कराएं: बोवनी से पहले खेत की मिट्टी का परीक्षण जरूर कराएं। सभी विकासखंडों में निःशुल्क मृदा स्वास्थ्य कार्ड की सुविधा उपलब्ध है।
- बीज उपचार अनिवार्य: सोयाबीन, मूंग, उड़द और मक्का की बुवाई से पहले फफूंदनाशक और राइजोबियम कल्चर से बीज उपचार करें। इससे उत्पादन में 15–20% तक बढ़ोतरी हो सकती है।
- मौसम देखकर बोवनी करें: कम से कम 4 इंच बारिश के बाद ही बुवाई करें और एमपी किसान ऐप पर मौसम पूर्वानुमान देखकर निर्णय लें।
- श्री अन्न (मिलेट्स) को बढ़ावा दें: कोदो, कुटकी और रागी जैसी कम पानी वाली फसलों का रकबा बढ़ाएं, जिनकी खरीद सरकार समर्थन मूल्य पर करेगी।
- प्राकृतिक खेती अपनाएं: रासायनिक उर्वरकों के बजाय जीवामृत, घन-जीवामृत और वर्मी कम्पोस्ट का उपयोग करें, जिससे लागत घटेगी और मिट्टी की गुणवत्ता सुधरेगी।
कृषि विभाग के बड़े कदम और तैयारियां:
- मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में कृषि विभाग ने खरीफ सीजन के लिए व्यापक तैयारियां पूरी कर ली हैं।
- 28 लाख क्विंटल प्रमाणित बीज और 45 लाख मीट्रिक टन उर्वरक का भंडारण।
- कालाबाजारी रोकने के लिए कड़ी निगरानी और कंट्रोल रूम सक्रिय।
- ‘पर ड्रॉप-मोर क्रॉप’ योजना के तहत 75 हजार हेक्टेयर में सूक्ष्म सिंचाई पर 80% तक अनुदान।
25 हजार नए खेत तालाब स्वीकृत:
- ई-कृषि यंत्र अनुदान पोर्टल से 1.5 लाख किसानों को ट्रैक्टर, रोटावेटर और सीड ड्रिल पर सब्सिडी।
- कस्टम हायरिंग सेंटर की संख्या बढ़ाकर 2500।
- मुख्यमंत्री किसान कल्याण योजना के तहत लगभग 90 लाख किसानों को सालाना ₹6000 की सहायता।
- प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना में नुकसान के त्वरित सर्वे के निर्देश।
- एफपीओ के माध्यम से प्रोसेसिंग, ग्रेडिंग और निर्यात से किसानों को जोड़ना।
- ओडीओपी योजना के तहत हर जिले के विशेष उत्पाद को ब्रांडिंग।
किसानों को मिलेगा सीधा फायदा:
इन सभी पहलों का उद्देश्य किसानों की लागत घटाना, उत्पादन बढ़ाना और उन्हें बाजार से बेहतर जोड़ना है। आधुनिक तकनीक, बेहतर बीज और मजबूत सपोर्ट सिस्टम के जरिए खेती को अधिक लाभकारी बनाया जा रहा है। मंत्री श्री कंषाना ने कहा कि राज्य का लक्ष्य है कि मध्यप्रदेश का किसान देश में सबसे समृद्ध बने। विभाग के अधिकारी खेत स्तर तक पहुंचकर किसानों की समस्याओं का समाधान करेंगे। किसान किसी भी जानकारी या सहायता के लिए कृषि विभाग के टोल-फ्री नंबर, एमपी किसान ऐप या नजदीकी कृषि अधिकारी से संपर्क कर सकते हैं।
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