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बिहार के गरीब परिवारों के लिए बड़ी सौगात! 11.19 लाख पक्के घर मंजूर, फसल बीमा का भी ऐलान

बिहार में 11.19 लाख पक्के घरों को मिली मंजूरी
बिहार में 11.19 लाख पक्के घरों को मिली मंजूरी

बिहार के ग्रामीण और गरीब परिवारों के लिए केंद्र सरकार ने बड़ा आवास पैकेज मंजूर किया है। केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण तथा ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने पटना में आयोजित कार्यक्रम में 11,18,937 पक्के घरों की स्वीकृति और ₹13,427 करोड़ के आवंटन की घोषणा की। इसके साथ ही बिहार में फसल बीमा, किसान पहचान पत्र, महिला स्वयं सहायता समूहों और ग्रामीण आजीविका को मजबूत करने से जुड़े कई महत्वपूर्ण कदमों की जानकारी दी गई।

बिहार में 11.19 लाख नए पक्के घरों को मंजूरी:

पटना में आयोजित प्रधानमंत्री आवास योजना से जुड़े राज्य स्तरीय कार्यक्रम में शिवराज सिंह चौहान ने बताया कि बिहार के गरीब परिवारों के लिए 11,18,937 पक्के मकानों को मंजूरी दी गई है। इसके लिए करीब ₹13,427 करोड़ का प्रावधान किया गया है। उन्होंने कहा कि पक्का मकान केवल रहने की जगह नहीं, बल्कि गरीब परिवारों के लिए सुरक्षा, सम्मान और बेहतर जीवन की नींव है। बारिश, गर्मी, सर्दी और प्राकृतिक परिस्थितियों से सुरक्षा के साथ यह योजना ग्रामीण परिवारों के जीवन स्तर को बेहतर बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है।

दो साल में 24.30 लाख से अधिक घर स्वीकृत:

केंद्रीय मंत्री के अनुसार, पिछले दो वर्षों में बिहार के लिए कुल 24,30,327 आवास मंजूर किए गए हैं, जिन पर करीब ₹29,164 करोड़ खर्च किए जा चुके हैं। सरकार का कहना है कि योजनाओं का लाभ सीधे पात्र परिवारों तक पहुंचाने और धन के हस्तांतरण में पारदर्शिता बढ़ाने पर जोर दिया जा रहा है। केंद्र और राज्य सरकारों के बीच बेहतर समन्वय से आवास योजना के क्रियान्वयन को गति मिलने की बात भी कही गई।

बिहार के किसानों के लिए फसल बीमा योजना का रास्ता साफ:

कार्यक्रम में बिहार के किसानों के लिए प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना (PMFBY) लागू किए जाने की भी जानकारी दी गई। इससे बाढ़, सूखा, अत्यधिक बारिश और अन्य प्राकृतिक आपदाओं के कारण फसल खराब होने पर पात्र किसानों को बीमा सुरक्षा मिल सकेगी। बिहार जैसे प्राकृतिक जोखिम वाले राज्य में फसल बीमा किसानों की आय में अनिश्चितता कम करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है। सरकार ने किसानों से योजना के प्रावधानों और लाभों की जानकारी लेकर समय पर इसका उपयोग करने की अपील की।

लखपति दीदी और ग्रामीण महिलाओं पर विशेष फोकस:

कार्यक्रम में ग्रामीण महिलाओं की आर्थिक भागीदारी को बढ़ाने पर भी जोर दिया गया। स्वयं सहायता समूहों (SHGs) के माध्यम से बिहार की महिलाएं छोटे कारोबार, स्वरोजगार और स्थानीय उद्यमों से जुड़ रही हैं। सरकार का लक्ष्य अधिक से अधिक महिलाओं को ‘लखपति दीदी’ बनाकर उनकी आय और आर्थिक आत्मनिर्भरता बढ़ाना है। इसके लिए स्वयं सहायता समूहों को बाजार, बैंकिंग और वित्तीय सेवाओं से जोड़ने पर जोर दिया जा रहा है। 

बिहार में किसान पहचान पत्र बनाने की दिशा में भी प्रगति:

कार्यक्रम में यह भी बताया गया कि बिहार में अब तक 53.83 लाख किसान पहचान पत्र (Farmer IDs) बनाए जा चुके हैं। किसान पहचान से जुड़ा डिजिटल ढांचा भविष्य में किसानों को सरकारी योजनाओं, कृषि सेवाओं और अन्य सुविधाओं तक अधिक व्यवस्थित तरीके से पहुंच दिलाने में मदद कर सकता है।

FAQs:

1. बिहार में कितने पक्के घरों को मंजूरी मिली है?

बिहार में 11,18,937 पक्के घरों को मंजूरी दी गई है।

2. बिहार आवास योजना के लिए कितना बजट मंजूर हुआ है?

नए स्वीकृत घरों के लिए करीब ₹13,427 करोड़ का प्रावधान किया गया है।

3. बिहार में पिछले दो वर्षों में कितने घर मंजूर हुए?

पिछले दो वर्षों में कुल 24,30,327 आवास स्वीकृत किए गए हैं।

4. बिहार के किसानों को फसल बीमा से क्या फायदा होगा?

बाढ़, सूखा, अत्यधिक बारिश और अन्य प्राकृतिक आपदाओं से फसल खराब होने पर पात्र किसानों को बीमा सुरक्षा मिल सकती है।

5. बिहार में कितने किसान पहचान पत्र बनाए गए हैं?

बिहार में अब तक करीब 53.83 लाख किसान पहचान पत्र बनाए जा चुके हैं।

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