अटल भूजल योजना के तहत लंबे समय से लंबित किसानों की सब्सिडी के भुगतान को लेकर राजस्थान में बड़ा कदम उठाया गया है। राज्य सरकार ने योजना के तहत बकाया राशि के भुगतान के लिए बजट उपलब्ध कराने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। कृषि विभाग से संबंधित करीब 90.91 करोड़ रुपये की लंबित सब्सिडी के लिए बजट आवंटित किया गया है, जबकि उद्यानिकी विभाग की करीब 66.16 करोड़ रुपये की राशि के भुगतान के लिए भी अलग से कार्रवाई की जा रही है।
इस तरह योजना के तहत किसानों की कुल करीब 158 करोड़ रुपये की सब्सिडी लंबित बताई गई है। इससे उन किसानों को राहत मिलने की उम्मीद है, जिन्होंने योजना के तहत स्वीकृत कार्य पूरे कर लिए थे, लेकिन किसी कारण से उन्हें अब तक सब्सिडी का भुगतान नहीं मिल पाया था।
अटल भूजल योजना (Atal Bhujal Yojana) केंद्र सरकार और विश्व बैंक के सहयोग से लागू की गई एक भूजल प्रबंधन पहल थी। राजस्थान में यह योजना अप्रैल 2020 से लागू की गई थी और 17 जिलों के 38 ब्लॉकों की 1,132 ग्राम पंचायतों को इसके दायरे में शामिल किया गया था। योजना का मुख्य उद्देश्य भूजल के गिरते स्तर को रोकना, स्थानीय स्तर पर भूजल प्रबंधन को मजबूत करना और पानी के विवेकपूर्ण उपयोग को बढ़ावा देना था।
योजना के तहत जल संरक्षण और कृषि में पानी के बेहतर उपयोग को बढ़ावा देने के लिए किसानों को विभिन्न गतिविधियों से जोड़ा गया। इनमें फार्म पॉन्ड, डिग्गी, सिंचाई पाइपलाइन, ड्रिप और स्प्रिंकलर जैसी सूक्ष्म सिंचाई सुविधाएं, कृषि यंत्र और फसल बदलाव से जुड़ी गतिविधियां शामिल थीं।
योजना के तहत राजस्थान में किसानों से जुड़ी करीब 158 करोड़ रुपये की सब्सिडी का भुगतान लंबित बताया गया है। इसमें कृषि विभाग करीब ₹90.91 करोड़, उद्यानिकी विभाग करीब ₹66.16 करोड़, कुल लंबित राशि करीब ₹158 करोड़ शामिल है। लंबे समय से भुगतान नहीं होने के कारण ऐसे किसान इंतजार कर रहे थे, जिन्होंने योजना के तहत स्वीकृत कृषि या जल संरक्षण कार्यों पर अपने स्तर से निवेश किया था। अब राज्य स्तर से बजट उपलब्ध कराने की प्रक्रिया आगे बढ़ने से लंबित भुगतान की उम्मीद जगी है।
लंबित सब्सिडी के भुगतान के लिए राज्य स्तर पर State Disaster Mitigation Fund (SDMF) से राशि उपलब्ध कराने का निर्णय लिया गया है। इसका उद्देश्य उन पात्र किसानों को लंबित सब्सिडी उपलब्ध कराना है, जिन्होंने अटल भूजल योजना के तहत स्वीकृत कार्य पूरे कर दिए हैं, लेकिन योजना के बंद होने या प्रशासनिक प्रक्रिया में देरी के कारण भुगतान प्राप्त नहीं कर सके।
कृषि विभाग को ₹90.91 करोड़ का बजट आवंटित:
कृषि विभाग से संबंधित लंबित देनदारियों के भुगतान के लिए करीब ₹90.91 करोड़ का बजट आवंटित किया गया है। इसके बाद संबंधित जिला परिषदों और जिला कृषि अधिकारियों के स्तर पर भुगतान प्रक्रिया को आगे बढ़ाया जाएगा। अधिकारियों को पात्र किसानों के मामलों का सत्यापन पूरा करने और आवश्यक प्रक्रिया में तेजी लाने के निर्देश दिए गए हैं। भुगतान पात्रता और निर्धारित प्रक्रिया पूरी होने के बाद किया जाएगा।
वहीं, उद्यानिकी विभाग से संबंधित करीब ₹66.16 करोड़ की लंबित राशि के भुगतान के लिए भी अलग से कार्रवाई की जा रही है।
किन किसानों को मिलेगा लाभ?
इस निर्णय का लाभ मुख्य रूप से उन पात्र किसानों को मिलेगा, जिन्होंने अटल भूजल योजना के तहत स्वीकृत कार्य पूरे किए हैं और जिनकी सब्सिडी अभी तक लंबित है।
इनमें योजना के तहत स्वीकृत:
हालांकि, सिर्फ योजना में शामिल होना भुगतान की गारंटी नहीं है। अंतिम भुगतान संबंधित किसान की पात्रता, स्वीकृत कार्य, रिकॉर्ड और विभागीय सत्यापन की प्रक्रिया पूरी होने के बाद किया जाएगा।
किसानों के लिए जरूरी बात:
जिन किसानों की सब्सिडी अटल भूजल योजना के तहत लंबित है, उन्हें अपने स्वीकृति पत्र, कार्य पूर्णता से जुड़े रिकॉर्ड, बैंक विवरण और अन्य आवश्यक दस्तावेज तैयार रखने चाहिए। भुगतान की अंतिम प्रक्रिया और पात्रता की जानकारी संबंधित जिला कृषि या उद्यानिकी विभाग से प्राप्त की जा सकती है।
FAQs:
Q1. राजस्थान में अटल भूजल योजना की कितनी सब्सिडी लंबित है?
राजस्थान में किसानों से जुड़ी करीब ₹158 करोड़ की सब्सिडी लंबित बताई गई है। इसमें कृषि विभाग की करीब ₹90.91 करोड़ और उद्यानिकी विभाग की करीब ₹66.16 करोड़ की राशि शामिल है।
Q2. अटल भूजल योजना की सब्सिडी किन किसानों को मिल सकती है?
उन पात्र किसानों को भुगतान मिल सकता है, जिन्होंने योजना के तहत स्वीकृत कार्य पूरे किए हैं और जिनकी सब्सिडी विभागीय प्रक्रिया के तहत लंबित है।
Q3. अटल भूजल योजना के तहत कौन-कौन से काम शामिल थे?
योजना में फार्म पॉन्ड, डिग्गी, ड्रिप, स्प्रिंकलर, सिंचाई पाइपलाइन, कृषि यंत्र और फसल बदलाव जैसी गतिविधियां शामिल थीं।
Q4. अटल भूजल योजना की लंबित सब्सिडी का भुगतान कैसे होगा?
लंबित भुगतान के लिए राज्य स्तर पर SDMF से राशि उपलब्ध कराने का निर्णय लिया गया है। इसके बाद पात्र मामलों का सत्यापन और विभागीय प्रक्रिया पूरी होने पर भुगतान किया जाएगा।
Q5. सब्सिडी के लिए किसानों को कौन से दस्तावेज तैयार रखने चाहिए?
किसानों को स्वीकृति पत्र, कार्य पूर्णता से जुड़े रिकॉर्ड, बैंक विवरण और विभाग द्वारा मांगे गए अन्य जरूरी दस्तावेज तैयार रखने चाहिए।