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खुशखबरी: अब 100 नहीं, पूरे 125 दिन मिलेगा काम! जानें क्या है विकसित भारत जी-राम-जी योजना

विकसित भारत जी-राम-जी योजना
विकसित भारत जी-राम-जी योजना

मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि गांव, गरीब और किसान का समग्र विकास राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। इन्हें आत्मनिर्भर और सशक्त बनाना ही सरकार का मूल उद्देश्य है। इसी दिशा में वर्ष 2026 को कृषि कल्याण वर्ष के रूप में मनाया जा रहा है, जिसमें कृषि आधारित उद्योगों और ग्रामीण रोजगार को बढ़ावा देने के लिए विशेष प्रयास किए जाएंगे।

मुख्यमंत्री ने बताया कि कृषि कल्याण वर्ष के दौरान 15 से अधिक प्रमुख विभाग मिलकर किसानों और ग्रामीण श्रमिकों के हित में समन्वित रूप से कार्य करेंगे। किसान कल्याण एवं कृषि विकास विभाग के नेतृत्व में उद्यानिकी, पशुपालन, मत्स्य पालन, जल संसाधन, सहकारिता, ऊर्जा, पंचायत एवं ग्रामीण विकास, खाद्य प्रसंस्करण, एमएसएमई, वन, कुटीर एवं ग्रामोद्योग सहित कई विभाग रोजगार आधारित गतिविधियों को गति देंगे।

क्या है विकसित भारत जी-राम-जी योजना:

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि केंद्र सरकार द्वारा लागू विकसित भारत गारंटी फॉर रोजगार एवं आजीविका मिशन (ग्रामीण) यानी वीबी जी-राम-जी अधिनियम 2025 का उद्देश्य देश के सभी गांवों में जरूरतमंद परिवारों को ग्राम स्तर पर रोजगार उपलब्ध कराना है। इस योजना के तहत अब प्रत्येक ग्रामीण परिवार को 125 दिनों के रोजगार की कानूनी गारंटी दी गई है, जो पहले मनरेगा में 100 दिन तक सीमित थी। यह योजना किसानों, खेतिहर मजदूरों और गरीब परिवारों के लिए अत्यंत लाभकारी साबित होगी और गांवों के समग्र विकास को मजबूती देगी।

कृषि कार्यों के लिए श्रमिकों की उपलब्धता होगी सुनिश्चित:

वीबी जी-राम-जी योजना में बुवाई और कटाई जैसे कृषि के व्यस्ततम समय में पर्याप्त कृषि श्रमिक उपलब्ध कराने का प्रावधान किया गया है। इसके तहत राज्यों को एक वित्तीय वर्ष में 60 दिनों की अवधि अधिसूचित करने का अधिकार दिया गया है, ताकि फसल उत्पादन के महत्वपूर्ण समय में श्रम संकट न हो।

कार्ययोजना बनाकर मिशन को मिलेगा बल:

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि योजना के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए राज्य सरकार विस्तृत कार्ययोजना तैयार कर रही है। इसके तहत गो-पालन, प्राकृतिक खेती, ग्रामीण बाजारों, स्टॉल्स और स्थानीय उत्पादों की बिक्री को बढ़ावा दिया जाएगा। हर जिले में किसानों के प्राकृतिक और स्थानीय उत्पाद आमजन तक पहुंचाने की व्यवस्था की जाएगी।
उन्होंने बताया कि योजना के संचालन के लिए प्रशासनिक अमले को 6 प्रतिशत से बढ़ाकर 9 प्रतिशत कर दिया गया है, जिससे जवाबदेही बढ़ेगी और कार्य पारदर्शी ढंग से संपन्न होंगे।

बेरोजगारी भत्ता और विलंबित मजदूरी का प्रावधान:

मुख्यमंत्री ने बताया कि यदि किसी ग्रामीण परिवार को मांग के बावजूद तय समय में काम उपलब्ध नहीं कराया जाता है, तो उसे बेरोजगारी भत्ता दिया जाएगा। वहीं, कार्य पूर्ण होने के बाद मजदूरी के भुगतान में देरी होने पर श्रमिकों को विलंबित मजदूरी के रूप में अतिरिक्त राशि भी दी जाएगी।

पंचायती राज संस्थाओं की अहम भूमिका:

इस अधिनियम में अनुसूचित जाति-जनजाति, आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग, महिला मुखिया परिवार, दिव्यांग परिवार, छोटे एवं सीमांत किसानों को प्राथमिकता दी जाएगी। ग्रामसभा से लेकर जिला पंचायत तक पंचायती राज संस्थाओं को स्पष्ट जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं। योजना के अंतर्गत सभी कार्यों की जियो-टैगिंग, डिजिटल रिकॉर्डिंग, बायोमैट्रिक भुगतान प्रणाली और सोशल ऑडिट के माध्यम से पारदर्शिता सुनिश्चित की जाएगी। साथ ही समयबद्ध शिकायत निवारण तंत्र और दंडात्मक प्रावधान भी लागू किए गए हैं।

FAQs:

Q1. विकसित भारत जी-राम-जी योजना क्या है?
यह ग्रामीण परिवारों को 125 दिनों के रोजगार की कानूनी गारंटी देने वाली योजना है।

Q2. इस योजना से सबसे ज्यादा लाभ किसे मिलेगा?
किसान, खेतिहर मजदूर, गरीब परिवार, महिलाएं, एससी-एसटी और छोटे किसान।

Q3. क्या रोजगार न मिलने पर कोई लाभ मिलेगा?
हां, तय समय में काम न मिलने पर बेरोजगारी भत्ता मिलेगा।

Q4. मजदूरी भुगतान में देरी होने पर क्या होगा?
देरी होने पर श्रमिकों को अतिरिक्त विलंबित मजदूरी दी जाएगी।

Q5. योजना की पारदर्शिता कैसे सुनिश्चित होगी?
जियो-टैगिंग, डिजिटल रिकॉर्ड, बायोमैट्रिक भुगतान और सोशल ऑडिट के जरिए।

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