भारतीय रसोई में टमाटर केवल एक सब्ज़ी नहीं, बल्कि स्वाद और पोषण का आधार है। यही वजह है कि टमाटर की कीमतों में हल्का सा उतार-चढ़ाव भी सीधे घरेलू बजट और किसानों की आमदनी पर असर डालता है। नवंबर से दिसंबर 2025 के बीच प्रमुख कृषि मंडियों के आंकड़े यह संकेत देते हैं कि सर्दियों के मौसम की शुरुआत के साथ टमाटर के दाम अधिकांश बाजारों में मोटे तौर पर स्थिर रहे, हालांकि कुछ जगहों पर नई फसल और बढ़ी हुई आवक के कारण नरमी भी दिखी।
| राज्य | मंडी | नवंबर भाव (₹/क्विंटल) | दिसंबर भाव (₹/क्विंटल) | आवक का असर |
| उत्तर प्रदेश | लखनऊ | 3033 | 2773 | आवक बढ़ी, भाव नरम |
| कानपुर | 2678 | 3258 | मांग मजबूत, भाव बढ़े | |
| वाराणसी | 2760 | 2797 | कीमत लगभग स्थिर | |
| महाराष्ट्र | मुंबई | 3480 | 3761 | शहरी मांग से मजबूती |
| पुणे | 2022 | 2283 | हल्की तेजी | |
| राजस्थान | जयपुर | 3872 | 3152 | अधिक आवक से गिरावट |
| दिल्ली (NCT) | केशोपुर | 4164 | 3355 | नई सप्लाई से नरमी |
| मध्य प्रदेश | शिवपुरी | 535 | 510 | स्थानीय उत्पादन, कम दाम |
लखनऊ में दिसंबर में आवक बढ़ने से भाव कुछ गिरे, जबकि कानपुर में मांग के दबाव से कीमतों में तेज़ी दिखी। वाराणसी में भाव लगभग स्थिर रहे। यह संकेत देता है कि UP में मांग-आपूर्ति का संतुलन बना हुआ है।
मध्य प्रदेश: टमाटर क्षेत्र में नरमी: शिवपुरी जैसी उत्पादक मंडियों में टमाटर के दाम काफी नीचे रहे। दिसंबर में आवक बढ़ने से कीमतों में और हल्की गिरावट आई, जिससे किसानों पर दबाव दिखा, लेकिन उपभोक्ताओं को राहत मिली।
दिल्ली: ऊँचे स्तर से नरमी की ओर: दिल्ली की केशोपुर मंडी में नवंबर में दाम ऊँचे थे, लेकिन दिसंबर में नई फसल और बाहरी आपूर्ति बढ़ने से कीमतों में साफ गिरावट दर्ज की गई।
महाराष्ट्र (मुंबई–पुणे): स्थिरता के साथ हल्की मजबूती:
मुंबई और पुणे दोनों मंडियों में दिसंबर में भाव नवंबर से बेहतर रहे। शहरी खपत और प्रोसेसिंग डिमांड ने कीमतों को सहारा दिया।
जयपुर: सर्दी की फसल का असर: जयपुर में दिसंबर में आवक तेज़ होने से टमाटर के दामों में साफ गिरावट आई, जो सर्दियों की फसल के बाज़ार में आने का स्पष्ट संकेत है।
आगे का संकेत: कीमतें क्या कहती हैं?
मंडी आंकड़े बताते हैं कि टमाटर की कीमतें फिलहाल स्थिरता के दौर में हैं। सर्दियों में जैसे-जैसे नई फसल की आवक बढ़ेगी, कुछ समय के लिए भावों में और नरमी आ सकती है। हालांकि, मांग बनी रहने की स्थिति में आगे चलकर दाम फिर से मजबूत होने की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।
FAQs:
Q1. नवंबर–दिसंबर 2025 में टमाटर का भाव कैसा रहा?
नवंबर–दिसंबर 2025 में टमाटर का भाव ज्यादातर मंडियों में स्थिर रहा, जबकि कुछ जगहों पर आवक बढ़ने से नरमी दिखी।
Q2. किन राज्यों में टमाटर के दाम ज्यादा गिरे?
राजस्थान (जयपुर) और दिल्ली (केशोपुर) में दिसंबर के दौरान टमाटर का भाव ज्यादा नीचे आया।
Q3. किसानों के लिए यह समय कैसा है?
उत्पादक क्षेत्रों में कीमतें कम होने से किसानों पर दबाव है, लेकिन शहरी मंडियों में मांग उन्हें कुछ राहत देती है।
Q4. आगे टमाटर के दाम बढ़ेंगे या घटेंगे?
आने वाले समय में नई फसल की आवक से थोड़ी नरमी संभव है, लेकिन मांग बढ़ने पर दाम फिर मजबूत हो सकते हैं।
Q5. टमाटर के ताजा मंडी भाव कहां देखें?
टमाटर का भाव और कृषि बाजार से जुड़ी अपडेट्स आप Khetivyapar जैसे विश्वसनीय प्लेटफॉर्म पर देख सकते हैं।