उत्तर भारत में जनवरी की ठंड अपने पूरे जोर पर है। ठंडी हवाओं और गिरते तापमान ने लोगों की दिनचर्या को प्रभावित किया है। खासकर सुबह और रात के समय गलन ज्यादा महसूस की जा रही है। किसान, मजदूर और युवा सभी को इस सर्दी में अतिरिक्त सावधानी बरतनी पड़ रही है। खेतों में काम करने वाले किसानों के लिए सुबह का समय सबसे चुनौतीपूर्ण बना हुआ है।
देश की राजधानी दिल्ली और आसपास के इलाकों में ठंड के साथ-साथ प्रदूषण भी बड़ी समस्या बना हुआ है। इन दिनों दिल्ली की हवा बेहद खराब स्थिति में है। कई इलाकों में एयर क्वालिटी इंडेक्स यानी AQI 400 के पार पहुंच गया है, जो सेहत के लिए बहुत खतरनाक माना जाता है।
मौसम विभाग के अनुसार 18 जनवरी को दिल्ली में न्यूनतम तापमान 4 से 5 डिग्री सेल्सियस के बीच रह सकता है। 19 से 21 जनवरी तक हल्के बादल छाए रहने की संभावना है। वहीं 19 और 20 जनवरी को न्यूनतम तापमान 6 से 8 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने का अनुमान है। ठंड से राहत मिलने के आसार फिलहाल कम हैं।
पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़, दिल्ली और उत्तर प्रदेश के कई हिस्सों में घना से बहुत घना कोहरा देखा जा रहा है। सुबह के समय दृश्यता काफी कम हो जाती है, जिससे सड़क और रेल यातायात प्रभावित हो रहा है। किसानों को फसलों की सिंचाई और कटाई के समय विशेष सावधानी रखने की सलाह दी गई है।
IMD के अनुसार 22 और 23 जनवरी को पंजाब में आज का मौसम, हरियाणा, पश्चिमी उत्तर प्रदेश और 23 जनवरी को पूर्वी उत्तर प्रदेश व उत्तरी राजस्थान में हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। यह बारिश गेहूं और सरसों की फसलों के लिए कुछ हद तक लाभकारी हो सकती है। किसानों को मौसम को देखते हुए खेतों में काम की योजना बनाने की सलाह दी जाती है।
FAQs:
Q1. उत्तर भारत में ठंड कब तक रहेगी?
जनवरी के अंत तक ठंड और कोहरे का असर बने रहने की संभावना है।
Q2. क्या घना कोहरा फसलों को नुकसान पहुंचाता है?
अधिक कोहरा फसलों में रोग बढ़ा सकता है, लेकिन हल्की नमी गेहूं के लिए फायदेमंद होती है।
Q3. दिल्ली में AQI इतना ज्यादा क्यों है?
ठंडी हवाओं की कमी और पराली व वाहनों का धुआं AQI बढ़ने का मुख्य कारण है।
Q4. बारिश से किसानों को क्या लाभ होगा?
यह बारिश गेहूं और सरसों की बढ़वार के लिए उपयोगी है।
Q5. किसान ठंड में क्या सावधानी रखें?
सुबह देर से खेत जाएं, मौसम अपडेट देखें और फसलों पर रोगों की निगरानी रखें।