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धान, ज्वार और बाजरा खरीदी के लिए 13,508 किसानों ने कराया पंजीयन, 10 अक्टूबर तक मिलेगा मौका

पंजीयन केंद्रों पर उमड़ी भीड़; अब तक 13,508 किसान करा चुके हैं खरीफ फसल का रजिस्ट्रेशन।
पंजीयन केंद्रों पर उमड़ी भीड़; अब तक 13,508 किसान करा चुके हैं खरीफ फसल का रजिस्ट्रेशन।

मध्य प्रदेश में खरीफ विपणन वर्ष 2026-27 के लिए समर्थन मूल्य पर धान, ज्वार और बाजरा बेचने की तैयारी कर रहे किसानों के लिए अहम अपडेट है। इन फसलों के उपार्जन के लिए पंजीयन प्रक्रिया जारी है और अब तक प्रदेश के 13,508 किसान अपना पंजीयन करा चुके हैं। किसान 10 अक्टूबर 2026 तक पंजीयन करा सकते हैं। सरकार ने किसानों की सुविधा के लिए प्रदेशभर में 1,100 से अधिक पंजीयन केंद्र बनाए हैं।

खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री गोविंद सिंह राजपूत ने किसानों से अपील की है कि वे निर्धारित समय-सीमा के भीतर पंजीयन जरूर करा लें, ताकि समर्थन मूल्य पर फसल बेचने के दौरान किसी तरह की परेशानी न हो। सरकार के अनुसार पंजीयन प्रक्रिया को पहले की तुलना में अधिक सरल और सुविधाजनक बनाया गया है।

1,100 से अधिक पंजीयन केंद्रों की व्यवस्था:

किसानों को पंजीयन कराने के लिए अलग-अलग माध्यम उपलब्ध कराए गए हैं। सरकार ने ग्रामीण क्षेत्रों में सुविधा केंद्रों के साथ सहकारी संस्थाओं के माध्यम से भी पंजीयन की व्यवस्था की है।

पंजीयन की नि:शुल्क सुविधा:

किसान ग्राम पंचायत, जनपद पंचायत और तहसील कार्यालयों में स्थापित सुविधा केंद्रों पर बिना किसी शुल्क के पंजीयन करा सकते हैं। इसके अलावा सहकारी समितियों और सहकारी विपणन संस्थाओं द्वारा संचालित पंजीयन केंद्रों पर भी नि:शुल्क पंजीयन की सुविधा उपलब्ध है।

इन केंद्रों पर लगेगा शुल्क:

किसान MP Online कियोस्क, Common Service Centre (CSC), लोक सेवा केंद्र और निजी साइबर कैफे के माध्यम से भी पंजीयन करा सकते हैं। इन माध्यमों से पंजीयन के लिए अधिकतम ₹50 शुल्क लिया जा सकेगा। पंजीयन के दौरान किसान की भूमि से जुड़े दस्तावेज, आधार कार्ड और अन्य फोटो पहचान पत्रों की जांच कर उनका रिकॉर्ड रखना अनिवार्य होगा।

सिकमी, बटाईदार और वन पट्टाधारी किसानों के लिए अलग व्यवस्था:

सिकमी, बटाईदार, कोटवार और वन पट्टाधारी किसान केवल सहकारी समिति या सहकारी विपणन संस्था द्वारा संचालित पंजीयन केंद्रों पर ही अपना पंजीयन करा सकेंगे। इन श्रेणियों में पंजीकृत 100 प्रतिशत किसानों का सत्यापन राजस्व विभाग द्वारा किया जाएगा, ताकि पात्र किसानों का रिकॉर्ड सुनिश्चित किया जा सके।

फसल का भुगतान आधार लिंक बैंक खाते में:

समर्थन मूल्य पर किसान द्वारा बेची गई उपज का भुगतान प्राथमिकता के आधार पर उसके आधार से लिंक बैंक खाते में किया जाएगा। यदि आधार लिंक खाते में भुगतान करने में किसी कारण से परेशानी आती है, तो पंजीयन के दौरान उपलब्ध कराए गए बैंक खाते में भुगतान किया जा सकेगा। पंजीयन के समय किसान को बैंक खाता नंबर और IFSC कोड की जानकारी देना जरूरी होगा। सरकार के अनुसार अक्रियाशील बैंक खाते, संयुक्त खाते तथा Fino, Airtel और Paytm के बैंक खाते पंजीयन के लिए मान्य नहीं होंगे। किसानों को सलाह दी गई है कि वे अपने आधार नंबर को बैंक खाते और मोबाइल नंबर से लिंक कराकर जानकारी को अपडेट रखें।

बैंक खाते के सत्यापन के लिए ₹1 का ट्रांजेक्शन:

आधार लिंक बैंक खाते के सत्यापन के लिए पंजीयन के दौरान मध्यप्रदेश राज्य आपूर्ति निगम द्वारा e-उपार्जन/JIT पोर्टल के माध्यम से ₹1 का ट्रांजेक्शन किया जाएगा। इसका उद्देश्य किसान द्वारा दिए गए बैंक खाते की जानकारी का सत्यापन करना है। जिला प्रशासन को आधार पंजीयन केंद्रों को सक्रिय रखने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि किसान वहां जाकर अपने मोबाइल नंबर और बायोमेट्रिक जानकारी को अपडेट करा सकें। इसके लिए पोस्ट ऑफिस में संचालित आधार सुविधा केंद्रों का भी उपयोग किया जा सकता है।

आधार वेरिफिकेशन के बिना नहीं होगा पंजीयन:

समर्थन मूल्य पर पंजीयन और फसल बिक्री के लिए आधार नंबर का वेरिफिकेशन अनिवार्य रहेगा। किसान OTP के जरिए या बायोमेट्रिक डिवाइस की मदद से आधार सत्यापन करा सकते हैं। पंजीयन के दौरान किसान के भू-अभिलेख में दर्ज खाता और खसरे के नाम का आधार कार्ड में दर्ज नाम से मिलान किया जाएगा। यदि दोनों रिकॉर्ड में नाम अलग पाया जाता है, तो तहसील कार्यालय के माध्यम से सत्यापन कराया जाएगा। सत्यापन के बाद ही ऐसा पंजीयन मान्य होगा।

किसानों को SMS से भी दी जाएगी जानकारी:

पिछले रबी और खरीफ सीजन में पंजीयन करा चुके जिन किसानों के मोबाइल नंबर उपलब्ध हैं, उन्हें पंजीयन की जानकारी SMS के माध्यम से भेजने के निर्देश दिए गए हैं। इसके साथ ही ग्राम पंचायतों के सूचना पटल पर जानकारी प्रदर्शित करने, गांवों में मुनादी कराने तथा समिति और मंडी स्तर पर बैनर लगाने के निर्देश भी दिए गए हैं।

किसानों के लिए जरूरी बात:

धान, ज्वार और बाजरा की फसल को समर्थन मूल्य पर बेचने के इच्छुक किसानों को 10 अक्टूबर 2026 की अंतिम तारीख से पहले पंजीयन करा लेना चाहिए। पंजीयन के समय आधार, भूमि रिकॉर्ड, मोबाइल नंबर और बैंक खाते की जानकारी सही और अपडेट रखना जरूरी है। समय पर पंजीयन और दस्तावेजों का सही सत्यापन किसानों को उपज बिक्री के दौरान होने वाली संभावित परेशानियों से बचाने में मदद कर सकता है।

FAQs:

1. मध्य प्रदेश में धान, ज्वार और बाजरा पंजीयन की अंतिम तारीख क्या है?
धान, ज्वार और बाजरा के लिए किसान 10 अक्टूबर 2026 तक पंजीयन करा सकते हैं।

2. मध्य प्रदेश में कितने पंजीयन केंद्र बनाए गए हैं?
किसानों की सुविधा के लिए प्रदेशभर में 1,100 से अधिक पंजीयन केंद्र बनाए गए हैं।

3. क्या किसान धान, ज्वार और बाजरा का पंजीयन मुफ्त में करा सकते हैं?
हां, ग्राम पंचायत, जनपद पंचायत, तहसील कार्यालय और सहकारी संस्थाओं के निर्धारित केंद्रों पर नि:शुल्क पंजीयन की सुविधा है।

4. पंजीयन के लिए आधार वेरिफिकेशन जरूरी है?
हां, समर्थन मूल्य पर फसल बेचने के लिए आधार नंबर का वेरिफिकेशन अनिवार्य है। OTP या बायोमेट्रिक के जरिए सत्यापन किया जा सकता है।

5. फसल बेचने के बाद भुगतान किस बैंक खाते में होगा?
भुगतान प्राथमिकता के आधार पर किसान के आधार से लिंक बैंक खाते में किया जाएगा। बैंक खाते का नंबर और IFSC कोड पंजीयन के समय देना जरूरी है।

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