देशभर में मौसम एक बार फिर करवट लेने जा रहा है। सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से पहाड़ी राज्यों में बारिश और बर्फबारी का दौर तेज होने की संभावना है, जबकि मैदानी इलाकों में भी बारिश, आंधी-तूफान और तेज हवाओं को लेकर अलर्ट जारी किया गया है। 22 से 26 जनवरी के बीच पश्चिमी हिमालयी क्षेत्र में भारी बर्फबारी के आसार हैं, वहीं उत्तर भारत से लेकर दक्षिण भारत के कुछ हिस्सों तक मौसम गतिविधियां देखने को मिल सकती हैं। इसके साथ ही आने वाले दिनों में न्यूनतम तापमान में धीरे-धीरे बढ़ोतरी के संकेत मिल रहे हैं, जिससे कड़ाके की ठंड से कुछ राहत मिलने की उम्मीद है।
21 जनवरी को जम्मू-कश्मीर, लद्दाख, गिलगित-बाल्टिस्तान और मुजफ्फराबाद में कहीं-कहीं हल्की से मध्यम बारिश और बर्फबारी की संभावना है। वहीं 22 से 26 जनवरी के बीच पूरे पश्चिमी हिमालयी क्षेत्र में कई स्थानों पर व्यापक रूप से बारिश और बर्फबारी हो सकती है। 22 और 23 जनवरी को कश्मीर घाटी में कुछ स्थानों पर भारी बर्फबारी/बारिश का अनुमान है, जबकि 23 जनवरी को हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड के ऊंचाई वाले इलाकों में भी भारी वर्षा-बर्फबारी की चेतावनी जारी की गई है।
22 से 24 जनवरी के दौरान पंजाब में आज का मौसम, हरियाणा, चंडीगढ़ और पश्चिमी उत्तर प्रदेश में छिटपुट से लेकर हल्की-मध्यम बारिश हो सकती है। पूर्वी उत्तर प्रदेश में 23 और 24 जनवरी तथा राजस्थान में 22 और 23 जनवरी को हल्की से मध्यम बारिश के आसार हैं।
22 और 23 जनवरी को जम्मू-कश्मीर, लद्दाख, गिलगित-बाल्टिस्तान, मुजफ्फराबाद और हिमाचल प्रदेश में 30–50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाओं के साथ गरज-चमक और आंधी-तूफान की संभावना है। उत्तराखंड में यह गतिविधि 23 से 26 जनवरी तक बनी रह सकती है। 22 और 23 जनवरी को पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़, दिल्ली और पश्चिमी राजस्थान में, 23 जनवरी को पश्चिमी उत्तर प्रदेश व पूर्वी राजस्थान में तथा 23–24 जनवरी को पूर्वी उत्तर प्रदेश में भी गरज-चमक के साथ तेज हवाएं चल सकती हैं। 24 जनवरी को तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराईकल में भी गरज-चमक के साथ बारिश की संभावना जताई गई है।
उत्तर-पश्चिम भारत में अगले 24 घंटों तक न्यूनतम तापमान में कोई बड़ा बदलाव नहीं होगा, इसके बाद अगले 5 दिनों में 3 से 5 डिग्री सेल्सियस तक धीरे-धीरे बढ़ोतरी हो सकती है। मध्य भारत में अगले 2 दिनों तक तापमान स्थिर रहेगा, फिर अगले 3 दिनों में 2 से 4 डिग्री सेल्सियस की बढ़ोतरी संभव है।
महाराष्ट्र में भी अगले 24 घंटों तक खास बदलाव नहीं, लेकिन इसके बाद 5 दिनों में 2 से 4 डिग्री सेल्सियस तक तापमान बढ़ सकता है। देश के अन्य हिस्सों में न्यूनतम तापमान में कोई विशेष परिवर्तन की संभावना नहीं है। 21 जनवरी 2026 को उत्तराखंड के कुछ क्षेत्रों में जमीन पर पाला पड़ने की प्रबल संभावना जताई गई है।
FAQs:
Q1. पश्चिमी विक्षोभ क्या होता है?
पश्चिमी विक्षोभ एक मौसमी प्रणाली है, जो उत्तर भारत में बारिश और बर्फबारी लाती है।
Q2. भारी बर्फबारी किन राज्यों में होगी?
जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड के ऊंचाई वाले इलाकों में।
Q3. मैदानी इलाकों में बारिश कब होगी?
22 से 24 जनवरी के बीच पंजाब, हरियाणा, यूपी और राजस्थान में।
Q4. क्या ठंड से राहत मिलेगी?
हां, आने वाले दिनों में न्यूनतम तापमान बढ़ने की संभावना है।
Q5. मौसम से जुड़ी ताजा जानकारी कहां मिलेगी?
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