देश में रबी सीजन 2025-26 के दौरान फसलों की बुवाई में उल्लेखनीय प्रगति दर्ज की गई है। कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय द्वारा जारी ताज़ा आंकड़ों के अनुसार, 26 दिसंबर 2025 तक कुल रबी फसल कवरेज क्षेत्रफल 614.30 लाख हेक्टेयर तक पहुंच गया है, जो पिछले वर्ष की समान अवधि की तुलना में 6.87 लाख हेक्टेयर अधिक है। यह बढ़ोतरी रबी मौसम के लगातार बेहतर होने का संकेत देती है।
रबी सीजन में दलहनी फसलों का प्रदर्शन खासा उत्साहजनक रहा है। दलहनों का कुल क्षेत्रफल 3.65 लाख हेक्टेयर बढ़ा है। विशेष रूप से चना फसल में 4.66 लाख हेक्टेयर की बड़ी बढ़ोतरी दर्ज की गई है, जिससे किसानों का रुझान दलहन उत्पादन की ओर बढ़ता दिखाई देता है। वहीं मसूर में भी हल्की बढ़त देखी गई है।
गेहूं और चावल की स्थिति: देश की प्रमुख रबी फसल गेहूं का बोया गया क्षेत्रफल 322.68 लाख हेक्टेयर तक पहुंच गया है, जो पिछले वर्ष की समान अवधि के मुकाबले लगभग स्थिर बना हुआ है। वहीं रबी चावल के क्षेत्रफल में 1.89 लाख हेक्टेयर की बढ़ोतरी दर्ज की गई है।
श्री अन्न और मोटे अनाज: श्री अन्न एवं मोटे अनाजों के अंतर्गत कुल बोया गया क्षेत्रफल 49 लाख हेक्टेयर रहा। जौ और मक्का जैसी फसलों में आंशिक बढ़ोतरी देखने को मिली है, जबकि ज्वार के क्षेत्रफल में कुछ कमी दर्ज की गई है।
तिलहनी फसलों का कुल क्षेत्रफल 94.29 लाख हेक्टेयर तक पहुंच गया है, जो पिछले वर्ष की तुलना में 1.04 लाख हेक्टेयर अधिक है। सरसों एवं सफेद सरसों में 1.23 लाख हेक्टेयर की वृद्धि दर्ज की गई है, जबकि मूंगफली के क्षेत्रफल में हल्की गिरावट देखी गई है।
कुल मिलाकर सकारात्मक संकेत: आंकड़ों के अनुसार, सभी रबी फसलों का कुल कवरेज क्षेत्रफल 614.30 लाख हेक्टेयर रहा, जो पिछले वर्ष की समान अवधि के 607.43 लाख हेक्टेयर के मुकाबले उल्लेखनीय वृद्धि दर्शाता है। यह रुझान किसानों के बढ़ते भरोसे, अनुकूल मौसम परिस्थितियों और बेहतर कृषि प्रबंधन को दर्शाता है।