महाराष्ट्र के सतारा से केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण तथा ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने ग्रामीण विकास, किसानों की आय और आवास योजनाओं को लेकर कई बड़ी घोषणाएं कीं। “प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण (PMAY-G) लाभार्थी सम्मेलन एवं महा आवास अभियान राज्य स्तरीय पुरस्कार वितरण समारोह” में 5 लाख ग्रामीण परिवारों के पक्के मकानों के गृह प्रवेश कार्यक्रम का शुभारंभ किया गया। इस अवसर पर महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस सहित कई मंत्री और जनप्रतिनिधि मौजूद रहे।
केंद्रीय मंत्री ने महाराष्ट्र के ग्रामीण विकास को नई गति देने के लिए प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण के तहत वर्ष 2026-27 के लिए ₹8,368.50 करोड़ की केंद्रीय सहायता देने की घोषणा की। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में सरकार का संकल्प है कि देश का कोई भी गरीब परिवार कच्चे घर में न रहे और हर पात्र परिवार को सम्मानजनक पक्का मकान मिले।
कार्यक्रम के दौरान 5 लाख पूर्ण ग्रामीण आवासों का गृह प्रवेश कराया गया और कई लाभार्थियों को प्रतीकात्मक रूप से मकानों की चाबियां सौंपी गईं। केंद्रीय मंत्री ने कहा कि महाराष्ट्र ने रिकॉर्ड समय में आवास निर्माण पूरा कर सुशासन और संवेदनशील प्रशासन का उत्कृष्ट उदाहरण प्रस्तुत किया है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि सर्वे और सत्यापन के बाद जो पात्र परिवार अब तक योजना से वंचित रह गए हैं, उन्हें भी आगे आवास उपलब्ध कराए जाएंगे। सरकार का उद्देश्य केवल मकान बनाना नहीं, बल्कि बिजली, पानी, स्वच्छता और बेहतर जीवन सुविधाओं के साथ ग्रामीण जीवन स्तर को मजबूत करना है।
केंद्रीय मंत्री ने प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना-IV के तहत महाराष्ट्र के लिए 35 सड़क परियोजनाओं को मंजूरी भी सौंपी। करीब ₹122.98 करोड़ की लागत वाली इन परियोजनाओं से 35 ग्रामीण बस्तियों को लाभ मिलेगा। लगभग 96 किलोमीटर लंबी इन सड़कों से गांवों की शिक्षा, स्वास्थ्य, बाजार और अन्य आवश्यक सेवाओं तक पहुंच आसान होगी।
शिवराज सिंह चौहान ने घोषणा की कि 1 जुलाई से “विकसित भारत G-RAM-G योजना” शुरू की जाएगी। उन्होंने कहा कि यह योजना गांवों के समग्र और योजनाबद्ध विकास की नई आधारशिला बनेगी। इसके तहत ग्राम पंचायतें अपनी स्थानीय जरूरतों के अनुसार विकास योजनाएं तैयार करेंगी, जिससे ग्रामीण बुनियादी ढांचे, रोजगार और सार्वजनिक सुविधाओं में तेजी आएगी।
कार्यक्रम में प्याज किसानों के लिए भी बड़ी राहत का ऐलान किया गया। केंद्रीय मंत्री ने कहा कि बढ़े उत्पादन और बाजार परिस्थितियों को देखते हुए आज से ही NAFED द्वारा ₹12.35 प्रति किलो की दर से प्याज खरीद शुरू की जाएगी। उन्होंने कहा कि सरकार किसानों को संकट में अकेला नहीं छोड़ेगी और खरीद प्रक्रिया को पारदर्शी तथा व्यवस्थित बनाया जाएगा।
गन्ना किसानों की समस्याओं के समाधान का भरोसा:
गन्ना किसानों से जुड़े मुद्दों पर केंद्रीय मंत्री ने भरोसा दिलाया कि केंद्र और महाराष्ट्र सरकार मिलकर समाधान निकालेंगी। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के साथ इस विषय पर चर्चा हो चुकी है और संबंधित मंत्रालय स्तर पर आवश्यक कदम उठाए जाएंगे।
किसानों और ग्रामीण विकास पर सरकार का फोकस:
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि कृषि भारतीय अर्थव्यवस्था की रीढ़ है और किसान उसकी आत्मा हैं। उन्होंने MSP में बढ़ोतरी, तिलहन और दलहन खरीद, कॉटन मिशन, किसान आईडी और ग्रामीण बुनियादी ढांचे के विस्तार जैसे कदमों का उल्लेख करते हुए कहा कि केंद्र सरकार किसानों और ग्रामीण गरीबों के कल्याण को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही है।
मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान के सहयोग से महाराष्ट्र को रिकॉर्ड 30 लाख आवासों की स्वीकृति मिली है। राज्य सरकार ने रिकॉर्ड समय में 5 लाख मकानों का निर्माण पूरा कर लाभार्थियों को समर्पित किया है। उन्होंने कहा कि महाराष्ट्र का लक्ष्य राज्य को बेघर मुक्त बनाना है और आने वाले समय में और अधिक परिवारों को आवास उपलब्ध कराए जाएंगे।
FAQs:
1. प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण के तहत महाराष्ट्र को कितनी सहायता मिली?
महाराष्ट्र को वर्ष 2026-27 के लिए ₹8,368.50 करोड़ की केंद्रीय सहायता देने की घोषणा की गई है।
2. कितने ग्रामीण परिवारों को नए पक्के मकान मिले?
कार्यक्रम के दौरान 5 लाख ग्रामीण परिवारों के पक्के मकानों का गृह प्रवेश कराया गया।
3. प्याज किसानों के लिए सरकार ने क्या घोषणा की?
NAFED द्वारा ₹12.35 प्रति किलो की दर से प्याज खरीद शुरू करने का ऐलान किया गया है।
4. प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना-IV से क्या लाभ होगा?
करीब 96 किलोमीटर लंबी सड़कों के निर्माण से 35 ग्रामीण बस्तियों को शिक्षा, स्वास्थ्य और बाजार तक बेहतर पहुंच मिलेगी।
5. विकसित भारत G-RAM-G योजना कब शुरू होगी?
यह योजना 1 जुलाई 2026 से शुरू की जाएगी, जिसका उद्देश्य गांवों का योजनाबद्ध विकास करना है।